PGI के डॉक्टर्स का दावा- शुगर कंट्रोल करने वाली दवा से हृदय रोगियों का वजन 15% तक कम
पीजीआई के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नवीन गर्ग ने बताया कि शुगर नियंत्रित करने वाली सेमाग्लूटाइड दवा (इंजेक्शन) विदेशी है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 7, 2026 at 11:17 AM IST
|Updated : January 7, 2026 at 2:42 PM IST
लखनऊ: पीजीआई के डॉक्टर ने शुगर कंट्रोल करने वाली दवा से दिल के मरीजों का वजन 15 प्रतिशत तक कम करने का दावा किया है. इस दवा का इस्तेमाल कर 125 किलोग्राम के एक हृदयरोगी का तीन महीने में 17 किलो वजन कम किया गया.
पीजीआई लखनऊ के कार्डियोलॉजी विभाग में उपचार करा रहे अधिक वजन के 20 मरीजों की सहमति पर इस दवा का ट्रायल किया गया. इसमें पाया गया कि इस दवा से हृदय रोगियों का वजन 5 से 10 किलोग्राम तक कम हुआ है.
कौन सी है यह दवा: पीजीआई कार्डियोलॉजी विभाग के वरिष्ठ डॉ. नवीन गर्ग ने बताया कि शुगर नियंत्रित करने वाली यह सेमाग्लूटाइड दवा (इंजेक्शन) विदेशी है. इंडोक्राइनोलॉजिस्ट इस दवा का इस्तेमाल मधुमेह मरीजों का शुगर नियंत्रित करने में करते हैं.
सेमाग्लूटाइड दवा मुख्य रूप से टाइप 2 मधुमेह पीड़ित मरीजों में शुगर को काबू करने और वजन नियंत्रित रखने में मदद करती है. यह दवा मरीज के शरीर में हार्मोन का काम करती है.
महीने में दवा का खर्च: डॉ. नवीन गर्ग ने बताया कि दवा पर हर महीने करीब 12 हजार रुपए खर्च होंगे. उन्होंने बताया कि इस दवा का पेटेंट मार्च में खत्म हो जाएगा. हमारे देश की फार्मा कंपनी ने भी यह दवा तैयार कर ली है, जो सिर्फ दो हजार रुपए में मिलेगी.
बिना शुगर के रोगियों पर दवा कारगर: वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नवीन गर्ग ने बताया कि यह दवा उन पर कारगर है, जिन्हें शुगर की बीमारी नहीं है. मरीजों की सहमति पर इस दवा का इस्तेमाल किया गया. मोटे मरीजों को हर हफ्ते एक-एक इंजेक्शन लगाया गया.
125 किलो से अधिक वजन के हार्ट मरीज समेत 20 मरीजों पर तीन महीने तक दवा का ट्रायल किया गया. इनमें सबसे ज्यादा 125 किग्रा के रोगी का वजन 17 किलो कम हुआ. बाकी के 19 मरीजों का वजन भी 5 से 10 किलो तक कम हो गया. कई रोगियों ने दवा के इस्तेमाल की सहमति जताई है.
अच्छी जीवनशैली अपनाएं: उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में ऐसे मरीज जिनको बीपी और डायबिटीज दोनों है, कुछ समय के बाद उनका वजन भी तेजी से बढ़ जाता है. ऐसे में लोगों को अपनी सेहत का ख्याल रखना होगा. स्वस्थ भोजन और एक अच्छी जीवनशैली अपनानी होगी.
शुरू से ही परहेज करना होगा. उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति मोटापे का शिकार हो रहा है, उसका वजन बढ़ रहा है, तो उसे शुगर और बीपी की समस्या अपने आप हो जाएगी. इसलिए जरूरी है कि अपनी दिनचर्या में योग और एक्सरसाइज को जरूर शामिल करें.
चिकित्सकीय परामर्श से करें दवा का सेवन: डॉ. गर्ग बताते हैं कि जैसा कि हर दवा का दुष्प्रभाव भी होता है, वैसे ही इस दवा के साथ भी है. उन्होंने कहा कि वैसे भी किसी भी दवा का सेवन बगैर किसी चिकित्सकीय परामर्श के नहीं करना चाहिए.
इस दवा को भी बगैर किसी चिकित्सा के परामर्श के नहीं लेना चाहिए, क्योंकि हर दवाओं का अलग-अलग दुष्प्रभाव होता है. दूसरी बॉडी ऑर्गन्स पर इन दवाओं का असर जरूर पड़ता है. इसलिए मरीज चिकित्सक के पास जाएं. परामर्श लें. चिकित्सक के बताए गए दिशा-निर्देश के अनुसार ही दवाओं का सेवन करें.
उन्होंने कहा कि अगर चिकित्सक के बताएं दिशा निर्देश के बावजूद मरीज को पेशाब में खून, पेशाब की मात्रा में कमी, मांसपेशियों में ऐंठन, मतली, तेजी से वजन बढ़ना, दौरे पड़ना, बेहोशी, चेहरे, टखनों या हाथों में सूजन या असामान्य थकान, कमजोरी महसूस हो रही है, तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं.
उन्होंने कहा कि इस दवा से किडनी को गंभीर नुकसान हो सकता है. अगर कोई व्यक्ति पतला होना चाहता है, सिर्फ इसलिए बगैर चिकित्सक के परामर्श के इन दवाओं का सेवन करेगा तो इसका दुष्प्रभाव खतरनाक साबित हो सकता है.
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