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धौलास जमीन विवाद: 161 खाताधारकों को नोटिस, कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी

धौलास जमीन विवाद मामले में अब सभी खाताधारकों ने मिलकर कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला लिया है.

DHAULAS LAND CONTROVERSY
धौलास जमीन विवाद के बाद मौके पर प्रशासनिक टीम (फोटो सोर्स- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 20, 2026 at 6:18 PM IST

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देहरादून: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के पास धौलास में स्थित जमीन प्रकरण में विकासनगर कोर्ट ने सभी खाताधारकों को संयुक्त नोटिस जारी किया है. वहीं, दूसरी ओर अब सभी 161 खाताधारकों ने अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर कानूनी लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है. धौलास जमीन प्रकरण में खाताधारकों ने कहा सरकार राजनीतिक लाभ के लिए अंधी हो गई है.

धौलास में इस विवादित भूमि पर वर्तमान भूमि स्वामियों ने इस कार्यवाही को उनके साथ अन्याय करार दिया है. उन्होंने कहा वे सभी एकजुट होकर कानूनी तरीके से न्याय की लड़ाई लड़ेंगे. एक विशेष समुदाय से जोड़कर उठे इस भूमि विवाद में अब उत्तराखंड के स्थानीय और हिंदू लोग कार्रवाई के जद में आ गए हैं. इनमें से अधिकतर भूमि धारक उत्तराखंड के पूर्व सैनिक और वरिष्ठ नागरिक हैं. इसमें अधिकतर पर्वतीय मूल के लोग हैं.

धौलास जमीन विवाद मामले में कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला (वीडियो सोर्स- ETV Bharat)

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई की जद में आये पूर्व सैनिक रवि बताते हैं कि उन्होंने भारतीय सेना में दो अलग-अलग पारी में पूरे 38 सालों की अपनी सेवा दी है. उन्होंने अपनी आमदनी और जमा पूंजी से जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा तकरीबन 200 गज अपने बच्चों के लिए और भविष्य के लिए खरीदा था. इस जमीन को जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ही खरीदने के लिए अधिकृत किया था. उन्हीं के द्वारा इसकी रजिस्ट्री कराई गई. उनके पास जमीन के सभी कागज मौजूद हैं. अब इस तरह से अचानक नोटिस जारी किये जा रहे हैं.

इसी तरह एक और अन्य स्थानीय व्यक्ति गौरव ढौंडियाल ने बताया उन्होंने पूरी जांच पड़ताल कर यहां जमीन खरीदी. रजिस्ट्रार ऑफिस से लेकर पटवारी और तहसीलदार, SDM सभी से इसके बार में जानकारी जुटाई गई. सभी डिपार्टमेंट की हरी झंडी मिलने के बाद ही उन्होंने यहां जमीन खरीदी. उन्होंने बताया हाईकोर्ट से इस जमीन को कृषि भूमि के रूप में बेचने की परमिशन लाई गई. उसी अनुमति के बाद ये जमीन खरीदी गई है.

इस भूमि पर अब मुस्लिम लोगों का हवाला दे कर बवाल किया जा रहा है. यह सही नहीं है. हम में से कोई मुस्लिम नहीं है. अगर होता भी तो देश का कानून सबके लिए एक है. इस मामले को हिंदू-मुस्लिम से जोड़ा जा रहा है. यहां पर कोई मुस्लिम यूनिवर्सिटी नहीं बनायी जा रही है. सरकार मुस्लिमों को निशाना बनाते हुए अब हिंदुओं का ही नुकसान करने पर उतर आई है.
- गौरव ढौंडियाल, स्थानीय -

उन्होंने बताया आज विकासनगर कोर्ट ने यह नोटिस निकाले हैं, जिसमें 27 फरवरी को अपने डॉक्यूमेंट्स चेक करवाने, साक्ष्य लाने के लिए कहा गया है. जिला प्रशासन के तहत ही उन्हें सारे प्रमाण और सर्टिफिकेट दिए गए हैं. जिसमें रजिस्ट्री और म्यूटेशन भी शामिल हैं. उन्होंने कहा सरकार आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव में हिंदू-मुस्लिम करके इसे चुनावी मुद्दा बनाना चाहती है. यह जमीन लोगों द्वारा खरीदी गई है. इसके अलावा उन्होंने कहा सभी खाताधारक एकजुट होकर एक प्लेटफॉर्म पर कानूनी तौर पर अपनी लड़ाई लड़ेंगे.

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धौलास जमीन विवाद (फोटो सोर्स- ETV Bharat)

भारतीय सेना से रिटायर्ड मनबर सिंह रावत कहते हैं धौलास जमीन मामले में सब कुछ राजनीति से प्रेरित है. उन्होंने कहा राजनीतिक दलों के पास कोई मुद्दा नहीं है.

अब केवल सांप्रदायिक मुद्दों पर सरकार इतना प्रभावी है कि उन्हें आम लोग जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से यह जमीन खरीदी है वह दिखाई नहीं दे रहे हैं. धौलास में विवादित भूमि मामले में 40 पूर्व फौजी हैं. इन्होंने यहां पर जमीनें खरीदी हैं. सरकार के अधिकारी, कर्मचारियों के माध्यम से ही उन्होंने जमीने खरीदी हैं.
- मनबर सिंह रावत, भारतीय सेना से रिटायर्ड -

उन्होंने बताया सभी भू स्वामियों ने कानूनी प्रक्रिया के तहत जमीन खरीदी है. सरकार के कर्मचारियों अधिकारियों के माध्यम से ही जमीन खरीदी हैं. अब इन लोगों को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने कहा अब आगे की लड़ाई सारे लोग मिलकर लड़ेंगे.

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