धर्मशाला छात्रा मौत मामला: मेडिकल बोर्ड का गठन, टांडा के 5 डॉक्टर करेंगे जांच
यदि जांच के दौरान और विशेषज्ञों की जरूरत महसूस होती है तो मेडिकल बोर्ड में अतिरिक्त विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 8, 2026 at 10:46 PM IST
धर्मशाला: धर्मशाला में छात्रा मौत मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए अब प्रशासन ने छात्रा की मेडिकल हिस्ट्री की गहराई से जांच के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया है. इस जांच से छात्रा की मौत के वास्तविक कारणों को स्पष्ट करने में मदद मिलने की उम्मीद है. यह मेडिकल बोर्ड शुक्रवार से अपना काम शुरू कर देगा. शुरुआती तौर पर इस बोर्ड में पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है.
मेडिकल बोर्ड में टांडा कॉलेज के डॉक्टर शामिल
पुलिस प्रशासन का कहना है कि यदि जांच के दौरान और विशेषज्ञों की जरूरत महसूस होती है तो मेडिकल बोर्ड में अतिरिक्त विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि जांच पूरी तरह वैज्ञानिक और निष्पक्ष तरीके से हो सके. फिलहाल मेडिकल बोर्ड में डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा के डॉक्टरों को शामिल किया गया है. ये डॉक्टर छात्रा की मेडिकल हिस्ट्री, इलाज और स्वास्थ्य से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करेंगे. 12 जनवरी तक एम्स बिलासपुर के विशेषज्ञ डॉक्टर भी मेडिकल बोर्ड की जांच प्रक्रिया से जुड़ जाएंगे. इससे जांच और अधिक मजबूत और निष्कर्षपरक होने की उम्मीद है.
मेडिकल बोर्ड एक सप्ताह में दे सकता है रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार मेडिकल बोर्ड अपनी रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सौंप सकता है. हालांकि जांच की जटिलता को देखते हुए इसमें अधिक समय लगने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता. गौरतलब है कि पुलिस ने छात्रा के इलाज से संबंधित सभी दस्तावेज और मेडिकल रिकॉर्ड विभिन्न अस्पतालों से एकत्र कर मेडिकल बोर्ड को सौंप दिए हैं, ताकि जांच में कोई कमी न रह जाए.
फैक्ट फाइंडिंग कमेटियों की जांच पूरी
मामले की जांच को लेकर यूजीसी द्वारा गठित पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी अपनी जांच पूरी कर वीरवार दोपहर बाद लौट गई. वहीं उच्च शिक्षा निदेशालय की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच वीरवार देर शाम तक जारी रही. इस मामले में 26 दिसंबर को छात्रा की मौत के बाद 1 जनवरी को धर्मशाला सरकारी कॉलेज की तीन छात्राओं पर रैगिंग के आरोप में केस दर्ज किया गया था. इसके अलावा एक प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का मामला भी दर्ज किया गया है.
पुलिस ने कही निष्पक्ष जांच की बात
मामले के सामने आने के बाद हिमाचल प्रदेश में शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छिड़ गई है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है. मेडिकल बोर्ड और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारण सामने आ सकेंगे. डीआईजी नॉर्थन रेंज सौम्या सांबशिवन ने बताया कि मेडिकल बोर्ड को छात्रा के इलाज से जुड़े सभी रिकॉर्ड सौंप दिए गए हैं. जल्द ही एम्स बिलासपुर के विशेषज्ञ भी जांच में शामिल होंगे.
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