Kangra Valley Carnival: पंजाबी सिंगर गैरी संधू की दमदार परफॉर्मेंस पर झूमे दर्शक, पहाड़ी गायक इशांत भारद्वाज ने भी बांधा समां
लोकल कांगड़ी, गड्याली नाइट और भव्य क्रैकर्स शो के साथ कांगड़ा वैली कार्निवल 2025 का हुआ शानदार समापन.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 1, 2026 at 12:23 PM IST
|Updated : January 1, 2026 at 12:54 PM IST
धर्मशाला: कांगड़ा वैली कार्निवल 2025 की आखिरी सांस्कृतिक संध्या धर्मशाला के लिए यादगार बन गई. आठ दिवसीय इस भव्य महोत्सव का समापन स्थानीय लोक-संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित ‘लोकल कांगड़ी एवं गड्याली नाइट’ के साथ उल्लासपूर्ण माहौल में हुआ. पंजाबी गायक गैरी संधू और पहाड़ी गायक इशांत भारद्वाज की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक झूमने पर मजबूर कर दिया. वहीं, कार्यक्रम के अंत में आयोजित भव्य क्रैकर्स शो आकर्षण का केंद्र रहा.
गैरी संधू की दमदार परफॉर्मेंस पर झूमें दर्शक
कार्निवल के आठवें एवं अंतिम दिन कांगड़ा घाटी की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को सशक्त मंच मिला. मंच पर आते ही गैरी संधू की दमदार परफॉर्मेंस ने युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी में जोश भर दिया. जैसे ही ‘दो गल्ला करिए प्यार दिया’, 'मौत मारदी ना बंदे नू ता ईगो मारदी', ‘नैनां न शराब दिया दो बोतला इना बोतला तो सिप सिप पी ले’, 'रख नवे नवे यारा तू यारियां नी तेनु गुड लक बैरने, ‘इल्लीगल वेपन’, ‘हां कर दे’, ‘डोरियां’ और ‘नैना तेरे’ जैसे सुपरहिट गीत गूंजे, पूरा पंडाल तालियों और उत्साह से गूंज उठा. दर्शकों ने मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर और गीतों के साथ सुर मिलाकर इस संध्या को यादगार बना दिया.
'पहाड़ी गायक इशांत भारद्वाज ने सुरों से बांधा समां'
वहीं, पहाड़ी गायक इशांत भारद्वाज ने अपनी मधुर आवाज और पहाड़ी गीतों से श्रोताओं का दिल जीत लिया. उनकी प्रस्तुति ने स्थानीय रंग को और गहराई दी और दर्शकों को हिमाचल की लोक-संस्कृति से भावनात्मक रूप से जोड़ दिया. इस समापन संध्या में हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की.
'विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने की एक नवीन पहल'
कार्यक्रम के दौरान मंच से कुलदीप पठानिया ने कहा, 'कांगड़ा वैली कार्निवल जैसे आयोजन हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. इस कार्निवल ने स्थानीय संस्कृति, पर्यटन और सामाजिक समरसता को नई पहचान दी है और भविष्य में इसे और भी भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा. यह आयोजन विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने की एक नवीन पहल है'.
'पर्यटन को और सशक्त बनाएगी सरकार'
कुलदीप पठानिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यटन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए पिछले वर्ष से कई नई पहलों की शुरुआत की है. शिमला, मनाली और अब धर्मशाला जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुनियोजित कार्यक्रमों का आयोजन इसी सोच का परिणाम है, ताकि देश-विदेश के पर्यटक हिमाचल की आबो-हवा, प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और सांस्कृतिक विविधता का अनुभव कर सकें. धर्मशाला में हजारों की संख्या में पर्यटकों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि सरकार और प्रशासन के प्रयास सफल हो रहे हैं.
पारंपरिक लोकनृत्य एवं लोकगीतों की शानदार प्रस्तुति
कार्यक्रम के दौरान कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों की पारंपरिक लोक नृत्य एवं लोकगीतों की शानदार प्रस्तुति दी गई. पारंपरिक वेशभूषा, लोक धुनों और रंगारंग कार्यक्रमों के माध्यम से कांगड़ी एवं गड्याली संस्कृति की विशिष्ट झलक देखने को मिली. स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में पेश किया.
मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का किया मनोरंजन
इसके साथ ही निशा पंडित, संजीव दीक्षित, हिमांशी और निकेश बड़जात्या ने भी अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया. कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित मिस एवं मिसेज कांगड़ा वैली कार्निवाल प्रतियोगिता के फाइनल ने भी समापन संध्या में विशेष आकर्षण जोड़ा. लोक-संस्कृति, संगीत, मनोरंजन और रंग-बिरंगी आतिशबाजी के साथ कांगड़ा वैली कार्निवाल–2025 का समापन धर्मशाला और कांगड़ा घाटी के सांस्कृतिक इतिहास में एक यादगार अध्याय बन गया.
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