धर्मशाला में छात्रा की मौत पर राजनीति गरमाई, सुधीर शर्मा ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
धर्मशाला में छात्रा की मौत पर राजनीति गरमा गई है. भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने प्रदेश में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 2, 2026 at 10:20 PM IST
धर्मशाला: धर्मशाला कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा की मौत के बाद प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. इस मामले को लेकर भाजपा नेता और धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने इसे बेहद दुखद घटना बताते हुए कहा कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल के लिए चिंता का विषय है.
धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि वह पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और उन्हें न्याय दिलवाकर रहेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले को दबाने की कोशिश करने वालों को कानून बख्शेगा नहीं. शर्मा ने कहा कि छात्रा को लंबे समय तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, लेकिन किसी ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया.
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
सुधीर शर्मा ने प्रदेश सरकार को इस मामले में पूरी तरह नाकाम बताया. उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों में रैगिंग जैसी घटनाएं होना बेहद शर्मनाक है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोग इस संवेदनशील मामले को दबाने में लगे रहे, जो सरकार की विफलता को दर्शाता है.
पुलिस ने समय रहते नहीं की कार्रवाई
शर्मा ने कहा कि मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम 2009 के तहत एफआईआर दर्ज की है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो शायद स्थिति इतनी गंभीर न होती.
सुधीर शर्मा ने दी आंदोलन की चेतावनी
सुधीर शर्मा ने कहा कि यह बेहद संगीन मामला है और इसमें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो भाजपा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी.
क्या है मामला?
बता दें कि 26 दिसंबर 2025 को धर्मशाला कॉलेज की एक छात्रा की मौत हो गई थी. लड़की के परिजनों के अनुसार, छात्रा को कुछ समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. आरोप है कि कॉलेज की तीन छात्राओं ने उसके साथ मारपीट की, डराया-धमकाया और लगातार दबाव बनाया. इसके साथ ही कॉलेज के एक प्रोफेसर पर भी छात्रा के साथ अभद्र और अशोभनीय व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
परिवार का कहना है कि इस घटना के बाद छात्रा गहरे डिप्रेशन में चली गई. उसकी मानसिक स्थिति लगातार बिगड़ती गई और उसे विभिन्न अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाया गया. इलाज के दौरान 26 दिसंबर 2025 को छात्रा की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि रैगिंग, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न के कारण ही उनकी बेटी की हालत इतनी बिगड़ी कि उसकी जान चली गई.
वहीं, पुलिस ने छात्रा के परिजनों की शिकायत के आधार पर एक प्रोफेसर और तीन छात्राओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. इस बीच सोशल मीडिया पर छात्रा का एक कथित वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उसने खुद पर हुए उत्पीड़न का जिक्र किया है. पुलिस का कहना है कि वीडियो सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
ये भी पढ़ें: महिलाओं के खाते में जल्द आएगी ₹1500 की बकाया किश्त, CM सुक्खू ने दिए निर्देश

