धर्मशाला छावनी में तब्दील! विजिलेंस के सामने पेशी से पहले सुधीर शर्मा ने हनुमान मंदिर में टेका माथा, थाने के बाहर समर्थकों की भारी भीड़
भाजपा विधायक सुधीर शर्मा की पेशी से पहले धर्मशाला पुलिस छावनी में तब्दील. चप्पे-चप्पे पर क्यूआरटी की तैनाती. विपन कुमार की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 18, 2026 at 11:46 AM IST
|Updated : August 18, 2026 at 1:14 PM IST
धर्मशाला: आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस की जांच में शामिल होने के लिए पूर्व मंत्री एवं धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा विजिलेंस थाने में पहुंचे हैं. जांच में शामिल होने से पहले भाजपा विधायक ने हमुमान मंदिर में पहुंचकर संकटमोचन हनुमान जी का आशीर्वाद लिया. इस दौरान उनके समर्थकों का भी हुजूम उमड़ पड़ा. भाजपा विधायक की पेशी को लेकर धर्मशाला में सुक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा भी सुधीर शर्मा के साथ विजिलेंस थाने के अंदर गए हैं.
स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (SV&ACB) नोटिस मामले को लेकर धर्मशाला में आज सियासी हलचल तेज हो गई है. पूर्व मंत्री एवं धर्मशाला विधानसभा से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा की आज विजिलेंस थाना धर्मशाला में पेशी है. उनके विजिलेंस के समक्ष पेश होने को लेकर शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. सुधीर शर्मा के पहुंचने से पहले ही धर्मशाला में पुलिस छावनी जैसा माहौल नजर आ रहा है.
विजिलेंस पूछताछ पर सुधीर शर्मा का सरकार पर हमला
विजिलेंस जांच के सिलसिले में धर्मशाला स्थित विजिलेंस थाना पहुंचकर पूछताछ में शामिल हुए भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने प्रदेश की सुक्खू सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने विजिलेंस की कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताते हुए कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और उनके पास पूछे गए सभी सवालों के जवाब के साथ आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं.

'बौखलाहट में धर्मशाला को बनाया पुलिस छावनी'
सुधीर शर्मा ने कहा कि, जिस मामले को लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है, वह उस समय का है जब प्रदेश में स्व. वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री थे और वह स्वयं उनकी कैबिनेट में मंत्री थे. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या मौजूदा सरकार यह साबित करना चाहती है कि वीरभद्र सिंह के कार्यकाल में सरकार गलत थी या भ्रष्ट थी.

'कुछ नहीं मिला तो अब घर के कागज खंगाल रहे'
भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि, "सरकार ने पहले उनके खिलाफ कई तरह के सवाल खड़े किए, लेकिन जब कुछ नहीं मिला तो अब उनके घर की पैमाइश और दस्तावेजों की जांच की जा रही है. हमारे पास संपत्ति और अन्य मामलों से जुड़े सभी दस्तावेज मौजूद हैं और वह उन्हें जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे. हमें किसी बात का डर नहीं है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों को जनता और मीडिया के सामने भी रखा जाएगा."
धर्मशाला में भारी पुलिस बल की तैनाती पर उठाए सवाल
विजिलेंस पूछताछ के दौरान धर्मशाला में भारी संख्या में पुलिस और क्यूआरटी जवानों की तैनाती को लेकर भी सुधीर शर्मा ने सरकार पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि, इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती यह दर्शाती है कि सरकार किस तरह दबाव में है. उन्होंने उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा की गई कथित टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि शायद उसी डर के कारण आज धर्मशाला को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है. शर्मा ने कहा कि उनके साथ मौजूद लोग किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपने समर्थन और लगाव के चलते पहुंचे हैं.

'प्रदेश में बन गई है FIR की सरकार;
समर्थकों द्वारा काले बिल्ले लगाने को लेकर सुधीर शर्मा ने कहा कि यह विरोध का प्रतीक है. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में चुने हुए जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना आम बात हो गई है. सुधीर शर्मा ने कहा कि काले बिल्ले लगाकर उनके समर्थक इसी कार्यप्रणाली और कथित तानाशाही का विरोध कर रहे हैं.

जांच में सहयोग का दावा
सुधीर शर्मा ने स्पष्ट किया कि, वह विजिलेंस जांच से भाग नहीं रहे हैं और जांच एजेंसी के समक्ष अपना पक्ष रख रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनके पास सभी आवश्यक रिकॉर्ड और दस्तावेज हैं और वह हर सवाल का जवाब तथ्यों के साथ देंगे. विजिलेंस कार्रवाई के बीच सुधीर शर्मा के इस बयान के बाद धर्मशाला में सियासी माहौल और गरमा गया है. एक ओर जहां भाजपा विधायक ने कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है, वहीं मामले में जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं.

विजिलेंस थाने में सुधीर शर्मा की पेशी
सुधीर शर्मा की पेशी के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस जवानों के साथ क्यूआरटी (Quick Reaction Team) की तैनाती की गई है. पुलिस ने विजिलेंस थाना परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है. विजिलेंस नोटिस को लेकर पहले से ही राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है. ऐसे में सुधीर शर्मा के आज विजिलेंस के समक्ष पेश होने पर सभी की निगाहें टिकी हैं. विजिलेंस के सामने पेशी से पहले सुधीर शर्मा ने हनुमान मंदिर में माथा टेका.

भारी पुलिस बल और क्यूआरटी तैनात
भाजपा विधायक की पेशी के दौरान समर्थकों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के मद्देनजर पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं. धर्मशाला को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. विजिलेंस नोटिस पर विजिलेंस थाना के बाहर सुधीर शर्मा के समर्थकों की भारी भीड़ जुट रही है. समर्थक बाजू में काली पट्टी बांध कर विरोध जता रहे हैं.

इस मामले में विजिलेंस में एएसपी नरवीर राठौर ने बताया था, "प्रारंभिक जांच में कुछ ऐसे वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों का भी पता चला है, जिनकी आगे जांच और सत्यापन किया जाना आवश्यक है. इनमें घोषित आय के स्रोत, जमीन की बिक्री से जुड़े लेन-देन, निवेश एवं बैंकिंग ट्रांजेक्शन, वाहनों की खरीद और आवासीय संपत्ति के निर्माण पर हुए खर्च से जुड़े पहलू शामिल हैं."
क्या है पूरा मामला?
हिमाचल स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के आरोपों को लेकर FIR दर्ज की है. ये मामला सोर्स इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट के आधार पर की गई प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है.

