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मालवा अंचल में आंधी बारिश ने मचाई तबाही, खेतो में गेहूं की फसल हुई आड़ी, किसान मायूस

धार में तेज हवा और आंधी के साथ भारी बारिश, कई गांवों में गेहूं की सल को पहुंचा नुकसान, किसानों ने की मुआवजे की मांग.

wheat crops Farmers upset DHAR
धार में आंधी बारिश (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 19, 2026 at 5:18 PM IST

3 Min Read
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धार: मध्य प्रदेश के धार में कुदरत के बदले मिजाज ने अन्नदाता की चिंता बढ़ा दी है. शहर और आसपास के ग्रामीण अंचलों में बुधवार देर रात अचानक बदले मौसम ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. तेज हवा, आंधी और बारिश के कारण कई गांवों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. धार जिले के ग्राम पचलाना में गेहूं की फसल पूरी तरह खेतों में गिर गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है.

बारिश से गेहूं की फसल हुई आड़ी
तेज झोंकेदार हवाओं के कारण तैयार फसल आड़ी होकर जमीन पर बिछ गई, जिससे कटाई कार्य प्रभावित होने के साथ-साथ उत्पादन में भी गिरावट की आशंका जताई जा रही है. खेतों में पसरी फसलें किसानों की चिंता बढ़ा रही हैं. अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा से किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है.

आंधी बारिश से किसानों की फसलें हुईं खराब (ETV Bharat)

प्रभावित किसान हरिओम पाटीदार ने बताया कि, ''देर रात चली तेज आंधी ने उनकी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है.'' किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द मौके पर पहुंचकर नुकसान का सर्वे किया जाए और उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके.

मुआवजे पर टिकी किसानों की निगाहें
​हाथों में आई फसल को इस तरह बर्बाद होते देख जिले के किसान पूरी तरह टूट चुके हैं. साल भर की कड़ी मेहनत और कर्ज लेकर लगाई गई लागत पर पानी फिरता देख अब किसानों की नजरें सरकार की ओर टिकी हैं. प्रभावित क्षेत्रों के किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द खेतों का सर्वे कराकर हुए नुकसान का सही आकलन किया जाए, ताकि उन्हें उचित आर्थिक राहत मिल सके. वर्तमान में गीले खेतों और खराब मौसम के चलते कटाई का काम भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.

किसान संघ के जिला मंत्री अमोल पाटीदार ने कहा, ''धार में आंधी और बारिश से गीला गेहूं बर्बाद हो चुका है. जिससे उत्पादन प्रभावित होगा और क्वालिटी भी खराब हो जाएगी. जहां गेहूं पक चुका है, वहां पानी के कारण गेहूं की क्वालिटी खराब हो गई है. हार्वेस्टर से काटेंगे तो मिट्टी आएगी. उसमें भी किसान को ही नुकसान होगा और सरकार समर्थन मूल्य पर गेहूं नहीं खरीदेगी.''

ऐसे ही बना रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को क्षेत्र का न्यूनतम तापमान 15.02 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि गुरुवार को भी तापमान लगभग 15.2 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है. गुरुवार को दिनभर मौसम शुष्क रहा, धूप नहीं निकली और आसमान में बादलों की घनी परत छाई रही. फिलहाल मौसम के ऐसे ही बने रहने की संभावना जताई जा रही है.