धार में बहनों का बस सफर हुआ सुहाना, रक्षाबंधन पर RTO ने कर दिया तगड़ा जुगाड़
रक्षाबंधन पर धार में महिलाओं को बस के किराये में 50 प्रतिशत की मिली रियायत, RTO ने ओवरलोडिंग पर चालान राशि से बहनों का कराया आधा किराया. रिपोर्ट राकेश श्रीवास.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 27, 2026 at 9:40 PM IST
|Updated : August 27, 2026 at 9:52 PM IST
धार: रक्षाबंधन पर बहनों के लिए मध्य प्रदेश समेत देश भर में राज्य सरकारों ने तमाम फ्री सुविधाएं दी हैं. मोहन यादव सरकार ने बहनों को रक्षाबंधन के शगुन के रूप में 250 रुपये उनके खातों में डाले हैं. वहीं, मध्य प्रदेश के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने रक्षा बंधन पर बहनों को फ्री बस का डबल तोहफा दिया है. इसके तहत 27 अगस्त की सुबह से 28 अगस्त की रात तक सरकारी बसों में महिलाएं फ्री सफर कर सकेंगी. यह सुविधा सभी महिलाओं के लिए रहेगी और वो अपने एक सहयोगी को भी फ्री में साथ ले जा सकेंगी. इसके अलावा 60 साल से ज्यादा उम्र की महिलाएं को अब जीवनभर यूपी में सरकारी बसों में किराया नहीं देना होगा. इस योजना से लगभग 80-90 लाख महिलाओं को मिलेगा.
धार में महिलाओं को बस के किराये में 50 प्रतिशत की छूट
इस बीच मध्य प्रदेश के धार में भी बहनों को एक अनोखे तरीके से बस के सफर में 50 प्रतिशत किराये में रियायत दी गई है. दरअसल, आदिवासी बाहुल्य धार जिले में यात्री बसों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने और रक्षाबंधन के त्योहार पर यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं. इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने बस ऑपरेटरों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाया.
धार के अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, हृदयेश यादव ने बताया कि "जिले में यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने और सड़क सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ऐसे विशेष चेकिंग अभियान समय-समय पर निरंतर चलाए जाते रहते हैं. नियम तोड़ने वाले बस संचालकों के खिलाफ इस प्रकार की सख्त दंडात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. अनोखे चालान के रूप में रक्षाबंधन पर बहनों का बस में आधा किराया करवाकर मदद की गई है."
कैसे आधा किराया वापस कराया
गुरुवार को जिला परिवहन अधिकारी (RTO) और संयुक्त टीम द्वारा जिले में एक विशेष सघन चेकिंग अभियान चलाकर नियम विरुद्ध संचालित हो रहीं बसों के खिलाफ बड़े पैमान पर चालानी कार्रवाई की. इस दौरान अधिकारियों ने एक ओवरलोडेड बस को रोका. बस में पाया गया कि अधिकतर महिलाएं बैठी थीं जो रक्षाबंधन पर अपने घरों और रिश्तेदारों के यहां जा रही थी.
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इस पर RTO विभाग की टीम ने संवेदनशीलता और सख्ती का अनोखा उदाहरण पेश किया. विभाग द्वारा बसों का चालान उसमें मौजूद महिला यात्रियों की संख्या के आधार पर बनाया गया. इसके साथ ही बस संचालकों पर बनाए गए चालान की राशि का समायोजन करते हुए बसों में यात्रा कर रही सभी बहनों का किराया तुरंत आधा करवाकर उन्हें वापस करवाकर मौके पर ही बड़ी राहत प्रदान की गई.
राजस्थान में भी बहनों के लिए फ्री बस सेवा
वहीं, मध्य प्रदेश की सीमा से सटे राजस्थान में भजनलाल सरकार ने रक्षा बंधन पर महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा की सुविधा दी है. इसके तहत महिलाओं और बालिकाओं को 27 अगस्त को रात 12 बजे से लेकर 29 अगस्त की रात 11.59 बजे तक राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) की बस में यात्रा फ्री कर दी गई है. वहीं, सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को रक्षाबंधन का गिफ्ट 15 अगस्त को ही उनके खाते में 1100 रुपये ट्रांसफर कर दे दिया था.

