33 साल के युवा किसान को नए आइडिया और जैविक खेती के लिए डॉ. खूबचंद बघेल पुरस्कार, राज्योत्सव में होंगे सम्मानित
थनेन्द्र साहू राज्य स्तरीय कृषक अलंकरण डॉ. खूबचंद बघेल पुरस्कार के लिए चयनित हुए हैं. सुगंधित धान की खेती को लेकर सम्मान होगा.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : October 30, 2025 at 7:49 PM IST
धमतरी: जिले के एक युवा किसान को राज्य स्तरीय पुरुस्कार मिलने जा रहा है. सुगंधित धान और जैविक खेती के लिए जिले के थनेंद्र साहू का नाम कृषक अलंकरण डॉ. खूबचंद बघेल पुरस्कार के लिए चयन हुआ है. उन्हें राज्योत्सव के मौके पर सम्मानित किया जाएगा. थनेंद्र साहू महज 33 साल के युवा किसान हैं जो हथबंद गांव में करीब 160 तरह के धान की खेती कर चुके हैं. एक तरह से उन्होंने खेत को लैब की तरह बना दिया है.
कृषि वैज्ञानिक की तरह काम: थनेंद्र साहू 4.16 हेक्टेयर रकबे में धान की खेती कर रहे हैं. जिसमें सुगंधित धान नगरी दूबराज, देवभोग, तुलसी मंजरी जंवाफूल, कबीर भोग शामिल है. वहीं 7 साल से वे औषधीय धान-रेड राइस, ब्लैक राइस की भी खेती कर रहे जिसकी बाजार में विशेष डिमांड है. जिसका विक्रय राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी किया जा रहा है. वे इन्हें लगाने के लिए किसी वैज्ञानिक की तरह काम करते हैं.
गौ आधारित जैविक खेती: युवा किसान थनेन्द्र ने बताया कि वे 2012 से गौ आधारित प्राकृतिक खाद घर में तैयार करते हैं. वे जीवामृत, घनजीवामृत और कीटनाशक नीमास्त्र, ब्रम्हास्त्र को गोमूत्र-गोबर समेत कई चीजों से तैयार करते हैं. इसमें किसी तरह का रसायन इस्तेमाल नहीं किया जाता. इससे खेती में होने वाले कृषि लागत में भी कमी आती है एवं पर्यावरण पर दुष्प्रभाव भी कम प्रभाव पड़ता है.

दूसरे जगहों से किसान सीखने आते हैं: धमतरी जिले के साथ-साथ रायपुर, दुर्ग, बालोद, एवं गरियाबंद जिले के कृषक भी थनेंद्र से संपर्क कर जैविक खाद लेते हैं. साथ ही यहां आकर वे उनसे खेती के टिप्स भी लेकर जाते हैं. जैविक उत्पाद को कृषि विभाग और अन्य विभाग के जरिए मेला में स्टॉल लगाकर भी बेचा जाता है. इसके अलावा राज्य एवं राज्य के बाहर ऑनलाइन चावल और धान भी बेचा जाता है.

औषधीय खेती को बढ़ावा: विगत वर्षो में औषधीय धान की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए फार्म स्कूल का आयोजन भी कृषि विभाग कर रहा है. थनेन्द्र साहू भी नए किसानों और खेती में दिलचस्पी रखने वालों का समूह बनाकर युवा किसानों में प्राकृतिक एवं औषधीय धान की खेती के प्रति जागरूकता फैला रहे हैं. राज्य सतरीय सम्मान से पहले वे जिला स्तर समेत कई सम्मान ले चुके हैं.
मुझे बहुत खुशी है कि मेरा नाम इतने बड़े सम्मान के लिए आया है. हम लोग यहां 160 तरह के धान के किस्म की खेती कर रहे हैं. जैविक और रासायनिक खेती में क्या फर्क है उसे सभी स्वास्थ्य पर पड़ते असर से समझ रहे हैं- थनेंद्र साहू
गांव में खुशी का माहौल: गांव के बेटे का नाम कृषक अलंकरण डॉ. खूबचंद बघेल पुरस्कार के लिए आने पर खुशी का माहौल है. उनके पिता ने कहा कि, बेटा लगातार मेहनत करता है. कुछ ना कुछ नया करते रहता है. वहीं भाई ने भी इस पुरुस्कार के लिए खुशी जाहिर की. इसके अलावा आस पास के किसान भी उनसे मिलने पहुंच रहे हैं. उनका कहना है कि, कम लागत में खेती करने का तरीका हम थनेंद्र से सीख रहे हैं.

कलेक्टर ने दी बधाई: धमतरी जिले के कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने थनेन्द्र साहू को डॉ खूबचन्द बघेल कृषक सम्मान के लिए चयनित होने पर बधाई दी है. साथ ही कहा कि कृषि के क्षेत्र में जैविक खेती कर रहे हैं. थनेंद्र साहू को पुरुष्कार मिलना जिले के लिए बड़ी बात है. लोगों को उससे सीखना चाहिए, ताकि किसान भी जैविक खेती के महत्व को समझ सके और अवॉर्ड के लिए भागीदारी बन सके.
थनेंद्र ने खेत को एक लैब की तरह बना दिया है. ऐसे किसानों को कृषि विश्वविद्यालय समेत बाकी कृषि एजेंसी भी सपोर्ट और प्रमोट करे- अबिनाश मिश्रा, कलेक्टर, धमतरी
राजधानी रायपुर में राज्योत्सव के मौके पर थनेंद्र साहू को सम्मानित किया जाएगा. इसको लेकर किसानों में खुशी की लहर है.

