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हाथ पैर बांधकर नहर में फेंकने वाले को 7 साल की सजा, जिला सत्र न्यायालय धमतरी ने सुनाया फैसला

कोर्ट ने सश्रम कारावास की सजा सुनाने के साथ साथ जुर्माना भी दोषी पर लगाया है.

DHAMTARI DISTRICT SESSIONS COURT
जिला सत्र न्यायालय धमतरी ने सुनाया फैसला (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : January 4, 2026 at 8:58 AM IST

3 Min Read
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धमतरी: 9 अक्टूबर साल 2024 को ग्राम सिर्री रोड नहर से युवक की लाश बरामद हुई थी. बरामद शव की पहचान के लिए पुलिस चौकी बिरेझर ने जांच पड़ताल की. काफी खोजबीन के बात पता चला कि जो शव नहर से मिला है, वो शव ग्राम कंडेल के रहने वाले किशोर साहू, पिता चंद्रहास साहू की है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई की 22 साल के किशोर साहू की हत्या कर शव को नहर में फेंका गया. पीएम रिपोर्ट में ये बताया गया कि मृतक के शव पर चोट के निशान और हाथ पांव बांधे जाने के निशान मिले हैं. पीएम रिपोर्ट से जब हत्या की पुष्टि हो गई, तब अज्ञात हत्यारे के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की.

हत्यारे को मिली 7 साल की सजा और आर्थिक दंड

जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि मृतक को अंतिम बार ग्राम गागरा निवासी मुकेश साहू, पिता कुशल राम साहू, उम्र 27 वर्ष के साथ देखा गया था. बिरेझर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की. आरोपी मुकेश साहू ने पुलिस की पूछताछ में स्वीकार किया कि शराब पीने के दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ. विवाद इतना बढ़ा कि दोषी मुकेश साहू ने मृतक किशोर साहू को जो नशे की हालत में था, उसके हाथ पैर बांध दिए. हाथ पैर बांधने के बाद उसे नहर में धक्का दे दिया. पुलिस की जांच को भटकाने के लिए दोषी ने मृतक का मोबाइल फोन और गाड़ी का नंबर प्लेट दोनों नहर में फेंक दिया. पुलिस ने मुकेश साहू के खिलाफ अपराध की धारा 103(1) एवं 238 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर, आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा.



हाथ पैर बांधकर नहर में दिया था धक्का

इस प्रकरण की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि मृतक थाना अर्जुनी क्षेत्र का निवासी था. हत्या थाना कुरुद क्षेत्र के ग्राम डांडेसरा के पास नहर में की गई थी. मृतक का शव चौकी बिरेझर क्षेत्र से बरामद हुआ था. प्रकरण में कोई भी प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं था. इसके बावजूद धमतरी पुलिस द्वारा वैज्ञानिक पद्धति से साक्ष्य संकलन, घटनास्थल निरीक्षण, परिस्थितिजन्य तथ्यों का विश्लेषण और तकनीकी सहायता के आधार पर मजबूत केस तैयार किया. जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को धरदबोचा गया. कोर्ट में सुनवाई के दौरान माननीय अपर सत्र न्यायाधीश, द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायालय धमतरी द्वारा आरोपी को आजीवन कारावास, 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया. हत्या के प्रकरण की जांच कर रही टीम को धमतरी पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार द्वारा नकद राशि देकर सम्मानित भी किया गया.

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