धमतरी जिले में हैरान करने वाला मामला, सरकारी स्कूल के 35 बच्चों ने काटे अपने हाथ, कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षा विभाग का एक्शन
सरकारी स्कूल के 35 बच्चों के हाथ में चोट के निशान दिखने के बाद प्रशासन हरकत में आया. जिले के दहदहा गांव का मामला है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 18, 2026 at 8:21 PM IST
धमतरी: जिले के कुरूद ब्लॉक के दहदहा गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां शासकीय माध्यमिक शाला के लगभग 35 बच्चों ने ब्लेड, पिन और कांटे से खुद अपने हाथों को नुकसान पहुंचाया है. इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है. कलेक्टर ने इस केस में जांच के निर्देश दिए. इस केस में स्कूल के प्रिंसिपल को नोटिस जारी किया गया है.
दो महीने से चल रहा था यह सिलसिला
स्कूल के प्राचार्य पुनीत राम साहू ने बताया कि छठवीं से आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राएं पिछले करीब दो महीनों से एक-दूसरे को देखकर यह खतरनाक कृत्य कर रहे थे. कई बच्चों के हाथों पर कट के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं.
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया. अबिनाश मिश्रा, कलेक्टर धमतरी ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट कारण सामने आ पाएगा.
बच्चों और पालकों की काउंसलिंग
स्कूल पहुंचकर अधिकारियों ने बच्चों और उनके अभिभावकों की काउंसलिंग शुरू कर दी है. परिजनों को समझाइश दी गई है कि वे बच्चों पर ध्यान दें और उनके व्यवहार में किसी भी बदलाव को नजरअंदाज न करें.
परिजनों ने जताई चिंता
अभिभावकों का कहना है कि उन्हें स्कूल से फोन कर बुलाया गया और घटना की जानकारी दी गई. उनका मानना है कि स्कूल प्रबंधन को बच्चों की सुरक्षा पर और ज्यादा ध्यान देना चाहिए. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि माता-पिता को भी बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए.
क्या है इसके पीछे की वजह?
फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि बच्चों ने ऐसा क्यों किया. कलेक्टर का भी कहना है कि जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद ही कुछ कह पाना संभव है.
स्कूल शिक्षा विभाग ने लिया एक्शन
जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल ने ईटीवी भारत से बात करते हुए बताया कि इस केस में स्कूल के प्रिंसिपल को नोटिस जारी किया गया है. इस नोटिस में प्राचार्य से पूछा गया है कि उन्होंने इस बात की जानकारी शिक्षा विभाग को क्यों नहीं दी. शिक्षा विभाग को इस बात की जानकारी अन्य स्रोतों से प्राप्त हुई है. शिक्षा विभाग को न बताया जाना बड़ी लापरवाही है और यह सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विपरीत है. इसलिए स्कूल के प्रिंसिपल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

