धमतरी नगर निगम में भाजपा पार्षद का फूटा गुस्सा, बोलीं- कचरा उठाकर आयुक्त के घर डाल दो
गंदगी-बदबू से परेशान वार्डवासी, सत्ता पक्ष की ही पार्षद ने निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, कहा- सिर्फ आश्वासन मिलता है

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 8, 2026 at 11:08 PM IST
धमतरी: नगर निगम में अब भाजपा की ही पार्षद ने निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बांसपारा वार्ड की पार्षद नम्रता पवार का एक वीडियो आया जिसमें वह कचरा नहीं उठाए जाने पर निगम कर्मचारियों को फटकार लगाती नजर आ रही हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने गुस्से में यहां तक कह दिया कि अगर कचरा नहीं उठता तो उसे आयुक्त के घर ले जाकर डाल दो. भाजपा शासित नगर निगम में भाजपा पार्षद का अपनी ही व्यवस्था के खिलाफ इस तरह खुलकर नाराजगी जताना चर्चा में है.
गंदगी-बदबू से परेशान वार्डवासी
जानकारी के मुताबिक, बांसपारा वार्ड में कई दिनों से कचरा पड़ा हुआ था. पार्षद नम्रता पवार का आरोप है कि कचरा उठाने के लिए लगातार नगर निगम से जेसीबी की मांग की जा रही थी, लेकिन समय पर मशीन उपलब्ध नहीं कराई गई. इससे वार्ड में गंदगी, बदबू और कीचड़ की स्थिति बन गई. आक्रोशित पार्षद ने मौके पर पहुंचकर निगम कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई.
बांसपारा वार्ड में 4 से 5 वार्डों का कचरा डंप किया जाता है. लगातार बारिश के कारण सड़क पर बदबू और कीचड़ फैल गया, जिससे स्थानीय लोगों ने शिकायत की. मैंने स्पॉट का जायजा लिया तो देखा कचरा डंप तो किया गया, लेकिन उसे उठाया नहीं गया. भड़कने के बाद अधिकारियों ने जेसीबी और मशीनें भेजी- पार्षद नम्रता पवार
स्वास्थ्य हो रहा खराब
पार्षद ने बताया कि इतना पानी का भराव है कि जब कचरा उठाया जा रहा था तो गाड़ी भी फंस गई थी. आसपास के लोगों के स्वास्थ्य का सवाल है. हमने स्वास्थ्य विभाग के सभापति को भी फोन कर जानकारी दी. अब वार्ड में दोबारा कचरा डंप नहीं होने देंगे चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कदम उठाना पड़े.
जेसीबी खराब होने का हवाला
वहीं नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग सभापति निलेश लुनिया ने कहा कि पार्षद का फोन आने के बाद तत्काल जेसीबी भेजी गई थी. उन्होंने बताया कि नगर निगम की जेसीबी खराब थी, इसलिए निजी खर्च से उसे ठीक कराया गया और फिर कचरा उठाने के लिए भेजा गया. उन्होंने कहा कि पार्षद अपने वार्ड की समस्या को लेकर आवाज उठा रही हैं और यह उनका अधिकार है.
भाजपा शासित नगर निगम में भाजपा पार्षद का अपनी ही व्यवस्था के खिलाफ इस तरह खुलकर नाराजगी जताना अब चर्चा का विषय बन गया है. सवाल यह है कि जब सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधि ही अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, तो शहर की सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति क्या होगी.

