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उत्तराखंड में अब गैर तकनीकी अफसर भी बन सकेंगे ऊर्जा निगमों में एमडी, पीसी ध्यानी को राहत

धामी कैबिनेट की ओर से एनर्जी कॉर्पोरेशन्स के MD पद के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया में बदलाव किया गया. पिटकुल एमडी पीसी ध्यानी को राहत मिली.

PITCUL MD PC DHYANI GETS RELIEF
गैर तकनीकी अफसर भी बन सकेंगे ऊर्जा निगमों में एमडी (PHOTO- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 26, 2026 at 3:55 PM IST

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Updated : February 27, 2026 at 11:20 AM IST

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 25 फरवरी को हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान एक ऐसा निर्णय भी लिया गया. जिसके बाद अब पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (PTCUL) के प्रभारी एमडी पद पर तैनात पीसी ध्यानी को बड़ी राहत मिलने की संभावना है.

दरअसल, 18 फरवरी को नैनीताल हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पिटकुल के प्रभारी एमडी पीसी ध्यानी की नियुक्ति रद्द कर दी थी, क्योंकि ध्यानी शैक्षिक तौर पर इस पद के लिए योग्य नहीं थे. जिसके बाद से ही चर्चाएं चल रही थी कि पीसी ध्यानी को पिटकुल के प्रभारी एमडी पद से हटा दिया जाएगा. लेकिन धामी मंत्रिमंडल ने एमडी के पद की अर्हता में संशोधन कर दिया है. जिसके तहत अब गैर तकनीकी बैकग्राउंड के अधिकारी भी पिटकुल, यूपीसीएल एवं यूजीवीएनएल के एमडी बन सकेंगे.

अभी तक ऊर्जा निगमों में एमडी पद पर तकनीकी शैक्षिक योग्यता रखने वाले अधिकारी को जिम्मेदारी दिए जाने का प्रावधान था. ऐसे में एमडी पद के लिए अनिवार्य अर्हता में बदलाव किए जाने को लेकर तीनों ऊर्जा निगमों की ओर से कैबिनेट में प्रस्ताव भेजा गया. ताकि एमडी पद के लिए तकनीकी शैक्षिक योग्यता को हटाया जा सके. जिस प्रस्ताव पर 25 फरवरी को हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान मंजूरी मिल गई है. लिहाजा, अब ऊर्जा निगमों में एमडी पद पर गैर तकनीकी अर्हता वाले अधिकारी भी एमडी बन सकेंगे.

हाईकोर्ट ने रद्द की थी नियुक्ति: दरअसल, यह पूरा मामला पिटकुल के प्रभारी एमडी पीसी ध्यान से जोड़कर देखा जा रहा है. क्योंकि, हाल ही में यानी 18 फरवरी को नैनीताल हाईकोर्ट ने पिटकुल के वर्तमान प्रभारी एमडी पीसी ध्यानी को इस आधार पर हटाने का आदेश दिया था, क्योंकि उनका गैर तकनीकी बैकग्राउंड है.

जबकि, पिटकुल के एक्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि एमडी वही अधिकारी बन सकता है, जिसका तकनीकी बैकग्राउंड हो. यही वजह रहा कि नैनीताल हाईकोर्ट ने एक्ट का हवाला देते हुए आदेश जारी कर दिया था कि प्रभारी एमडी को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए. हाईकोर्ट ने कहा था कि नियमों के तहत नियुक्ति होनी चाहिए.

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Last Updated : February 27, 2026 at 11:20 AM IST