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साल 2026 में प्रदेश को नशामुक्त बनाने का संकल्प, डीजीपी बोले- युवाओं को नशे की गिरफ्त से दूर करना जिम्मेदारी

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए उनकी रोकथाम और तकनीकी रूप से अनुसंधान पर विशेष बल दिया जाएगा.

DGP Rajiv Kumar Sharma
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा (Source - Police Headquarters)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : December 31, 2025 at 8:54 PM IST

3 Min Read
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जयपुर: राजस्थान पुलिस के मुखिया डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने पुलिस महकमे के अधिकारियों, जवानों और प्रदेशवासियों को नए साल की शुभकामनाएं दी है. नववर्ष-2026 की पूर्व संध्या पर बुधवार को अपने संदेश में डीजीपी ने आगामी साल के लिए सुरक्षित नागरिक, सशक्त समाज और अपराध मुक्त राजस्थान का मंत्र दिया है. उन्होंने कहा, बीते साल में राजस्थान पुलिस ने आधुनिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीक-आधारित पुलिसिंग के माध्यम से अपराध नियंत्रण में सफलता प्राप्त की है. यह उपलब्धियां पुलिस बल के अनुशासन और संवेदनशीलता का ही परिणाम हैं. जिससे जनता के बीच पुलिस का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है.

नशा मुक्ति बनेगा जन आंदोलन: राजीव कुमार शर्मा ने साल 2026 के लिए नशामुक्त राजस्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया है. उन्होंने पुलिस बल का आह्वान करते हुए कहा कि समाज को नशे की गिरफ्त से मुक्त करना हमारी नैतिक और पेशेवर जिम्मेदारी है. युवाओं को सुरक्षित भविष्य की ओर प्रेरित करने के लिए पुलिस को इस संकल्प को एक जन-आंदोलन का रूप देना होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी. संगठित अपराध पर कड़ा प्रहार राजस्थान पुलिस की कार्यशैली का मुख्य केंद्र होगा. उन्होंने बीते साल में आपदा एवं आपातकालीन स्थितियों में पुलिस द्वारा की गई मानवीय सेवाओं की भी सराहना की और पुलिस बल को जनता का सच्चा प्रहरी बताया.

डीजीपी ने दिया ये संदेश (Source - Police Headquarters)

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संगठित अपराध पर निर्णायक कार्रवाई: डीजीपी शर्मा ने बताया कि अपराध संबंधी प्राथमिकताओं के तहत संगठित अपराध के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी. महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्ग के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी. त्वरित कार्रवाई और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने कहा ​कि सड़क सुरक्षा व यातायात प्रबंधन को मजबूत करते हुए दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे. बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए उनकी रोकथाम और तकनीकी रूप से सक्षम अनुसंधान पर विशेष बल दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से पुलिस के आमजन के साथ संबंधों को और मजबूत किया जाएगा. जिससे पुलिस व्यवस्था अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बने.

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'तकनीक के उपयोग से बढ़ेगी कुशलता': डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि पुलिस कार्यों में आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग से कार्यकुशलता बढ़ाई जाएगी. पुलिस कार्मिकों की कार्यदशा, कल्याण और दक्षता में सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे. इसके साथ ही, पुलिस परिसरों में सामुदायिक सेवाओं को प्रोत्साहित कर समाज के साथ पुलिस की सहभागिता को नई दिशा दी जाएगी.