ETV Bharat / state

याददाश्त लौटने के बाद 'रामू' सीखने लगा जंगल के नियम, नेचुरल एक्टिविटी में लग रहा मन

मध्य प्रदेश के बीमार तेंदुए रामू की याददाश्त तो पहले ही आ चुकी थी लेकिन अब जंगल की एक्टिविटी में दिखा रहा रुचि.पढ़िए पूरी कहानी.

DEWAS LEOPARD RAMU STORY
याददाश्त खो चुके तेंदुए की पूरी कहानी (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 6, 2026 at 8:08 PM IST

|

Updated : January 6, 2026 at 9:07 PM IST

9 Min Read
Choose ETV Bharat

देवास/हैदराबाद: (आलोक श्रीवास्तव): मध्य प्रदेश का वह तेंदुआ तो आपको याद होगा जिसके ऊपर बैठकर लोगों ने सेल्फी ली थी, उसके साथ फोटोग्राफी करवाई थी. इस खूंखार जंगली जानवर की बीमारी का फायदा उठाकर उसे मजाक बना दिया था और इस मामले में कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए कुछ लोगों को जेल भी भेजा था.

तेंदुए की सवारी करने वाले भले ही सलाखों के पीछे चले गए लेकिन 2 साल पहले जिंदगी की जंग जीतने वाला तेंदुआ अब फिर दहाड़ रहा है. आज बात करेंगे उसी तेंदुए 'रामू' की या यूं कहें कि उसकी पूरी कहानी बताएंगे कि कैसे रामू ने बीमारी को दी मात और अब कैसे उसका जंगली जीवन बीत रहा है. बस कुछ दिन और फिर उसे बाड़े से आजाद कर दिया जाएगा.

याददाश्त लौटने के बाद 'रामू' सीखने लगा जंगल के नियम (ETV Bharat)

याददाश्त खो चुके तेंदुए की पूरी कहानी

इस तेंदुए की कहानी बताने के लिए आपको फ्लैशबैक में ले जाना होगा लेकिन उससे पहले आपको बता देते हैं कि यह वो तेंदुआ है जिसकी याददाश्त चली गई थी, वह यह भूल गया था कि वह खूंखार जानवर है, शिकार करना और जंगल में रहने जैसे सभी नियमों को भूलकर वह बीमार हो गया था, इतना बीमार कि लोगों ने उसके ऊपर बैठकर उसके साथ फोटोग्राफी तक कर ली.

वन विभाग की नजर में यह सब आने के बाद इस बीमार तेंदुए का कई महीनों इलाज करवाया गया और फिर उसकी कुछ याददाश्त लौटने पर उसे दिसंबर 2023 में दोबारा खिवनी अभ्यारण्य के एक विशेष बाड़े में छोड़ा गया और तब से लेकर अब तक उस पर वन विभाग की पैनी नजर है. अब यह तेंदुआ वापस जंगल के नियम सीखने लगा है. तेंदुए में नेचुरल एक्टिविटी देखी जा रही है.

LEOPARD LOST MEMORY
नेचुरल एक्टिविटी में लग रहा रामू का मन (ETV Bharat)

संक्रमित कुत्ते के मांस ने बनाया बीमार

बात सबसे पहले तेंदुए रामू के बीमार होने की और उस बीमारी की जिसने उसे लाचार बना दिया. इस तेंदुए को नहीं पता था कि जिस कुत्ते का शिकार कर उसका मांस उसने खाया वह उसे इस हालत में लाकर छोड़ देगा कि लोग उस पर बैठकर सवारी करने लगेंगे. इस तेंदुए ने जिस कुत्ते का मांस खाया वह संक्रमित था. मांस खाने के कुछ दिन बाद तेंदुआ की धीरे-धीरे याददाश्त चली गई. यह तेंदुआ कैनाइन डिस्टेंपर नामक बीमारी का शिकार हो गया. इसके बाद वन विभाग ने इसके इलाज में कोई कसर बाकी नहीं रखी.

'रामू ने बीमारी को दी मात'

वाइल्ड एनिमल एक्सपर्ट और खिवनी रेंजर भीम सिंह सिसोदिया ने ईटीवी भारत से चर्चा करते हुए बताया कि "तेंदुए की जांच में खुलासा हुआ था कि तेंदुआ कैनाइन डिस्टेंपर नामक बीमारी से संक्रमित था. यह बीमारी संक्रमित कुत्तों को खाने से फैलती है. वन्य जीवों में मिर्गी जैसे दौरे, सिर झुकाकर गोल-गोल घूमना जैसे लक्षण होते हैं और सामान्यतः बाघ, तेंदुआ या शेर इसके बाद जीवित नहीं बचते क्योंकि उनका दिमागी संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाता है."

'पहले से ज्यादा फिट हुआ रामू'

वाइल्ड एनिमल एक्सपर्ट भीम सिंह सिसोदिया ने बताया कि "इलाज के लंबे संघर्ष के बाद रामू ने बीमारी को तो मात दे दी, लेकिन तंत्रिका तंत्र को पहुंचे नुकसान के कारण वह अब शिकार करने में फिलहाल पूरी तरह अक्षम है. लेकिन अब तेंदुए में पहले से ज्यादा बदलाव आया है और वह जंगल के पुराने नियमों की ओर लौट रहा है. रामू को मेडिकल फैसिलिटी वाले अन्य संस्थानों में भेजने का प्रयास किया गया लेकिन उसकी बीमारी के संक्रमण के खतरे के कारण कोई भी उसे लेने को तैयार नहीं हुआ. बीमारी से उबरने के बाद भी शरीर में वायरस के अंश बने रह सकते हैं, जो अन्य वन्यजीवों के लिए खतरनाक हैं."

DEWAS LEOPARD RAMU STORY
पहले से ज्यादा फिट और एक्टिव हुआ रामू (ETV Bharat)

वह बताते हैं कि "2023 में बाड़े में रहते समय एक बाघ उसके पास तक आया लेकिन रामू को देखकर लौट गया. 2 तेंदुए भी इस बाड़े में कूदे लेकिन उसके पास नहीं गए. वन्य जीव बीमार प्राणी को तुरंत पहचान लेते हैं. इसके बाद या तो वे उससे दूरी बना लेते हैं या हमला कर उसे मार देते हैं. अब ऐसे में रामू का जीवित रहना और आज स्वस्थ अवस्था में होना जिले के वाइल्ड लाइफ के लिए एक अच्छी खबर है."

CANINE DISTEMPER VIRUS
कुत्तों में होने वाली एक जानलेवा बीमारी है कैनाइन डिस्टेंपर (ETV Bharat GFX)

क्या होती है कैनाइन डिस्टेंपर बीमारी

कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (Canine Distemper) कुत्तों में होने वाली एक जानलेवा बीमारी है. यह अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है. यह बीमारी श्वसन, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (पाचन) और तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) पर सीधा असर डालती है. इस बीमारी में बुखार, खांसी, सुस्ती, उल्टी, दस्त और दौरे जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. जिसका कोई खास इलाज नहीं है लेकिन टीकाकरण से इसे रोका जा सकता है. यह वायरस मांसाहारी जानवरों को संक्रमित कर सकता है. कैनाइन डिस्टेंपर पैरामाइक्सोवायरस के कारण होती है. एक बार लक्षण दिखने के बाद इलाज मुश्किल होता है. मांसाहारी जानवर यदि इस संक्रमण से पीड़ित जानवर या कुत्ते का शिकार कर उसे खाते हैं तो इस बीमारी के लक्षण तेजी से उनमें पहुंच जाते हैं और नर्वस सिस्टम पर असर डालते हैं.

तेंदुए की सवारी करने के बाद मामला आया सामने

चलिए अब आपको इस तेंदुए के फ्लैशबैक में ले चलते हैं. मामला 29 अगस्त 2023 का है, देवास के सोनकच्छ क्षेत्र के इकलेरा माताजी के जंगल में गांववालों को एक तेंदुआ दिखाई दिया. इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई. लोगों को तेंदुआ कुछ सुस्त नजर आया, ठीक से चल भी नहीं पा रहा था. पहले तो ग्रामीण पास जाने से घबराए लेकिन जब देखा कि वह कोई हरकत नहीं कर रहा है तो उसके पास चले गए और उसके साथ मस्ती करने लगे. कुछ लोगों ने उसे खिलौना समझ लिया और उसके कान पकड़कर उसके ऊपर बैठककर फोटो लीं और वीडियो बनाए और कई लोगों ने सेल्फी लेते हुए सोशल मीडिया पर डाल दिया.

DEWAS VILLAGERS FUN LEOPARD
तेंदुए के ऊपर बैठकर लोगों ने की थी मस्ती (ETV Bharat)

उज्जैन से पहुंची रेस्क्यू टीम

जैसे ही वन विभाग को इस तेंदुए की जानकारी मिली तो उज्जैन से सबसे पहले रेस्क्यू टीम पहुंची और देवास वन विभाग की टीम के साथ तेंदुए का 30 अगस्त को रेस्क्यू किया गया. रात भर तेंदुए को वेटनरी डॉक्टर की निगरानी में दौलतपुर रेस्ट हाउस में रखा गया था और दूसरे दिन उसे इलाज के लिए इंदौर चिड़ियाघर ले जाया गया.

DEWAS LEOPARD RAMU STORY
30 अगस्त 2023 को वन विभाग ने तेंदुए का किया रेस्क्यू (ETV Bharat GFX)

इंदौर में इलाज के दौरान तेंदुए को मिला नाम 'रामू'

इंदौर जू और सोनकच्छ के विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों ने उसका लगातार उपचार किया. इंदौर के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ उत्तम यादव ने इस तेंदुए का लंबे समय तक उपचार किया. इसी दौरान इस तेंदुए को रामू नाम भी दिया गया. तेंदुए के इलाज के बाद उसे रिकवरी के लिए देवास वन विभाग को सौंप दिया गया. वन विभाग देवास की देखरेख में सोनकच्छ वन विभाग के उप वन क्षेत्रपाल और उनकी टीम ने तेंदुए की देख रेख की. लगातार कई जांच के बाद तेंदुए को पहले से स्वस्थ हुआ और उसे वापस अभ्यारण्य में छोड़ने का फैसला लिया गया.

इलाज के बाद 'रामू' की लौटी याददाश्त

इलाज के लगभग साढ़े 3 महीने बाद तेंदुए की याददाश्त लौटने लगी और वह पहले से ज्यादा स्वस्थ हो गया. ऐसे में वन विभाग ने उसे खिवनी अभ्यारण्य में छोड़ने का फैसला किया. वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद तेंदुआ रामू को 19 दिसंबर 2023 को खिवनी अभ्यारण्य में छोड़ा गया. चूंकि रामू अभी भी जंगल के नियमों को भूल चुका था और वह शिकार नहीं कर सकता था इस कारण उसके लिए खास बाड़ा तैयार किया गया और उसे वहां रखकर उस पर लगातार नजर रखी गई.

DEWAS LEOPARD RAMU STORY
इंदौर में इलाज के दौरान तेंदुए को मिला नाम 'रामू' (ETV Bharat GFX)

रामू के लिए बनाया गया है खास बाड़ा

खिवनी अभयारण्य में वन विभाग ने रामू के लिए 15 बाई 25 मीटर का विशेष बाड़ा तैयार किया. इसमें छोटी तलैया बनाई गई है, जहां वह अठखेलियां करता है. लकड़ी का ऊंचा चबूतरा बनाया गया है, ताकि बारिश में गीली जमीन से बच सके. प्राकृतिक वातावरण देने के लिए आसपास हरियाली रखी गई है. रामू को हर 2 दिन में भोजन दिया जाता है. भोजन वाहन के आते ही उसकी गतिविधियों में तेजी आ जाती है.

तेंदुए में दिखाई दे रही नेचुरल एक्टिविटी

लगातार उपचार के बाद और जंगल में रहने से रामू की तबियत में पहले से ज्यादा और सुधार नजर आ रहा है. अब रामू दांतों में सरसराहट चलने पर पेड़ों की छाल को छीलने लगा है. खिवनी अभयारण्य की टीम रामू का एक और विशेष मेडिकल परीक्षण कराने की तैयारी में है, ताकि यह आंकलन किया जा सके कि भविष्य में उसकी कुछ प्राकृतिक क्षमताएं लौट सकती हैं या नहीं.

तेंदुए की सवारी करने वाले भेजे गए थे जेल

लाचार और बीमार तेंदुए को हांकने और उसकी सवारी करने वाले 2 आरोपियों को जनवरी 2024 में जेल भेज दिया गया था. सर्कुलेट वीडियों के आधार पर वन विभाग की टीम ने ऐसे लोगों की तलाश की थी जिन्होंने उसकी पीठ पर बैठकर फोटोग्राफी करवाई थी. वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया और कोर्ट में आरोपियों को पेश किया गया था. इसके बाद टोंकखुर्द न्यायालय ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया था.

Last Updated : January 6, 2026 at 9:07 PM IST