देवास में सजा मिनिएचर जंगल, गुलाब से बोनसाई तक फूलों से महका मेला
देवास में पुष्प मेले का आयोजन, गुलाब से बोनसाई तक पेड़-पौधों की लगी प्रदर्शनी. जंगल, बर्ड ऑफ पैराडाइस देखने उमड़े पर्यावरण प्रेमी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 16, 2026 at 3:44 PM IST
|Updated : February 16, 2026 at 4:17 PM IST
देवास: बसंत पंचमी के आते ही पेड़-पौधों में फूल, पत्तों में नई उमंग आने लगती हैं. वहीं, हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी देवास में गार्डन एसोशिएसन द्वारा जंगल थीम पर प्रदर्शनी लगाई गई है. साथ ही 1 हजार से अधिक खूबसूरत, रंग बिरंगे फूलों, गुलाबों की प्रजाति की प्रदर्शनी देखने को मिले. फूलों में विशेष बर्ड ऑफ पैराडाइज खास आकर्षण का केंद्र रहा.
रंगों और सुगंध से महका पुष्प मेला
शहर के मल्हार स्मृति मंदिर में गार्डन्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित पुष्प मेले में इस वर्ष फूल-पौधों को उद्यान जैसा रूप देकर आकर्षक सजावट की गई है. जिससे पूरा परिसर रंगों और सुगंध से महक उठा. हर तरफ हरियाली के साथ-साथ सैकड़ों रंग के फूल देखने को मिले. मेले में दुर्लभ और आकर्षक फूलों की झलक देखने को मिल रही है. खास तौर पर बर्ड ऑफ पैराडाइज फूल दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा.
इसके अलावा मौसमी फूलों में डेहलिया, पिटुनिया, पेंजी, डायन्थस, फ्लॉक्स, वर्बिना, सेवंती, झिनिया, इम्पेशन, बिगोनिया, क्रायसेंथेमम, साल्विया, केलेन्चो और पन्सेटिया अपने रंग बिखेर रहे हैं. फूलों का राजा गुलाब भी कई रंगों और रूपों में प्रदर्शित किया गया है. जबकि एडेनियम और एन्थुरियम जैसे आकर्षक फूल भी दर्शकों को लुभा रहे हैं.
ऑन मेंटल पौधे और थीम आधारित सजावट
ऑन मेंटल पौधों में क्रिसमस ट्री, अरेलिया, ड्रेसीना, क्रोटन, डिफेनबेचिया, एग्लोनिमा, एरिकापाम और पॉम-पॉम चम्पा मेले की शोभा बढ़ा रहे हैं. श्रीमती परासिया द्वारा तैयार मिनिएचर लैंडस्केप में पौधों को मोर सहित विभिन्न आकृतियों में सजाया गया है.
मिनिएचर गार्डन, बोनसाई और ‘जंगल’ थीम
मेले का मुख्य आकर्षण एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य अमिताभ तिवारी का मिनिएचर गार्डन और बोनसाई संग्रह है. अमिताभ तिवारी ने बताया, ''इस वर्ष उनकी थीम 'जंगल' है. जिसमें प्रसिद्ध केवड़िया पहाड़ का दृश्य भी दर्शाया गया है. एक पहाड़ के भीतर से गुजरती ट्रेन का मॉडल दर्शकों को रोमांचित कर रहा है. ग्रीन स्कूल अवार्ड प्राप्त सेंट थॉम एकेडमी ने अपने स्टॉल के माध्यम से जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया है.'' वहीं अन्य प्रतिभागियों ने छोटे स्थान में हरियाली विकसित करने के उपाय भी प्रस्तुत किए हैं. अमिताभ तिवारी पर्यावरण प्रेमी ने अपने सैकड़ों फूल, जंगल थीम पर गार्डन प्रदर्शनी में रखे जिन्हें देखते ही बनता है.

- लिसियांथस की बादशाहत! न कांटे न मेहनत, खेती में सलाना 20 लाख कमाई दे रहा मैक्सिकन गुलाब
- फूलों की खुशबू से महकेगा उज्जैन, सिंहस्थ से पहले 100 एकड़ पर होगी गुलाब-गेंदा की खेती
- उज्जैन में गधों की नई वैरायटी, गुलाब जामुन से स्वागत, फिर दांत देखकर तय होते हैं इनके दाम
टेरेरियम में इको सिस्टम डेवलप
पर्यावरण प्रेमी वंदना पलाश ने ETV भारत को बताया कि, ''उन्होंने टेरेरियम बनाया है, जिसमें पूरा इको सिस्टम डेवलप किया है. इसमें नीचे पत्तों की खाद डाली है. इसमें एक बार पानी दिया है. छोटे पौधे लगाए है, जिससे इन्हें पानी की कम आवश्यकता होती है. इसमें इको सिस्टम डेवलप और पानी रिसायकल होता रहता है. जिसे मिनी नेचर कहा जा सकता है. आम जनता और पर्यावरण प्रेमियों के लिए इस तरह की प्रदर्शनी लगना एक अच्छी खबर है, जिससे पर्यावरण के लिए सब आगे बढ़े और पर्यावरण बचाए.''

