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खिवनी में खतरनाक मेहमान की एंट्री, सीटी मार शिकार करने वाले सोन कुत्तों ने बढ़ाया रोमांच

देवास के खिवनी अभ्यारण्य में पहली बार दिखे विलुप्त प्रजाति के 2 सोन कुत्ते, नए साल के लिए बुक हुए सभी कॉटेज और जंगल टेंट.

SON KUTTA IN KHEONI JUNGLE
खिवनी में नजर आए दो सोन कुत्ते (Dewas Forest Department)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : December 31, 2025 at 11:41 AM IST

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Updated : December 31, 2025 at 12:19 PM IST

5 Min Read
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देवास: खिवनी में पहली बार वन अमले को सोनकुत्ता (एशियन वाइल्ड डॉग) नजर आया है. सोनकुत्ता की उपस्थिति को लेकर अभ्यारण्य प्रबंधन भी उत्साहित है क्योंकि यह विलुप्त हो रही प्रजाति में शामिल है. यह दोनों वन्य प्राणी उस समय नजर आए जब अभ्यारण्य की टीमें अखिल भारतीय बाघ की गणना के दौरान जंगल भ्रमण कर रही थीं. देवास का यह खिवनी अभ्यारण्य देवास और सीहोर जिले में कुल 134.778 वर्ग किलोमीटर में विंध्याचल पर्वतों के बीच फैला हुआ है.

खिवनी अभ्यारण्य में सभी कॉटेज और जंगल टेंट बुक
खिवनी अभ्यारण्य जंगल प्रेमियों को इन दिनों लुभा रहा है. नव वर्ष के एक दिन पूर्व ही अगले 1 हफ्ते के लिए सभी कॉटेज, जंगल के टेंट फूल बुक हो चुके हैं. खिवनी अभ्यारण्य में 100 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों के साथ साथ अन्य वन्य प्राणी जैसे बाघ, भालू, जंगली भैसा, जंगली सुअर, हिरण, बारह सिंगा, लोमड़ी, सियार, लकड़बग्गा, तेंदुआ, नीलगाय सहित अन्य वन्य प्राणी मौजूद हैं.

Wildlife is present in the Khiwani forest
खिवनी के जंगल में मौजूद है वन्य प्राणी (Dewas Forest Department)

जंगल में नजर आए सोन कुत्ते
अभ्यारण्य प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ साल पहले तक जहां पर गांव की बसाहट थी, वहां बाद में झाड़ियों की सफाई आदि करके घास लगाई गई थी. वर्तमान में यहां घास का मैदान है, जब टीम इस क्षेत्र में पहुंची तो दो सोन कुत्ते नजर आए, जिनके जोड़ा होने की संभावना है. वहीं अभ्यारण्य के एक नाले में बाघ भी पानी पीते व विचरण करते हुए वन अमले को नजर आया है, इसे मोबाइल फोन कैमरे में कैद किया गया है.

खिवनी अभ्यारण्य रेंजर भीमसिंह सिसौदिया ने फोन पर ETV BHARAT को बताया कि, ''अभ्यारण्य के फोटोग्राफिक रिकार्ड में पहले कभी सोन कुत्ते का उल्लेख नहीं है. संभव है कि या तो ये घने जंगल में रहे होंगे, किसी को नजर नहीं आये या फिर नौरादेही या सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की ओर से आए हों.''

TIGER INCREASED DEWAS KHIWANI
खिवनी के जंगल में बढ़ी बाघों की संख्या (Dewas Forest Department)

कुशल शिकारी कुत्ता, झुंड में रहना पसंद
सोन कुत्ता कुशल शिकारी होता है. सामान्यत: यह अकेले नहीं रहता, पांच से लेकर कई बार 30 से अधिक तक के झुंड में रहता है. इसे सोन कुत्ता, ढोल, भारतीय जंगली कुत्ता के साथ ही विसलिंग डॉग भी कहा जाता है. यह कई बार सीटी जैसी आवाज निकालता है. कुछ क्षेत्रों में इसे ढोल भी कहा जाता है. इसके प्रति जागरुकता व संरक्षण के लिए हर साल 28 मई को सोनकुत्ता दिवस भी मनाया जाता है.

प्राकृतिक झरनों, तालाबों के बीच सैकड़ों प्रकार के पेड़-पौधे, जड़ी-बूटियों के साथ ही यह खिवनी अभ्यारण्य बेशकीमती पीला सोना कहे जाने वाले सागवन के पेड़ों के साथ फैला हुआ है. यह पर्यटकों के लिए रहने, खाने और स्टे की व्यवस्था के साथ ही ओपन सफारी वन विभाग द्वारा करवाई जाती है.

विकास के नाम पर जंगलों की कटाई
प्रकृति और वन्य प्रेमी समरजीत सिह जाधव राव ने भी अपना अनुभव करते हुए ETV BHARAT को बताया कि, ''देश में विकास के नाम पर घने जंगलों को काटने के प्रयास किए जा रहे हैं. हाइवे बनाने के चलते मानव जीवन की मुख्य आवश्यक वस्तु जंगल है, जो मानव जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. हम लोगों को ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाना चाहिए. पौधे को अगले 5 वर्षो तक देखरेख की जवाबदारी रखनी होगी. जिले में बाघों का कुनबा बढ़ना हमारे लिए एक वरदान से कम नहीं है.''

खिवनी में बाघ की गणना जारी
जिला वन मंडल अधिकारी अमित ने ETV BHARAT को बताया कि, ''भारतीय बाघ गणना में हमारे यहां दो फेस में गणना हुई है. वन मंडल देवास के अंतर्गत पहला फेस 7 दिसंबर से शुरू हुआ था. दूसरा फेस 18 दिसंबर से शुरू हुआ था. वन क्षेत्र खिवनी और अन्य क्षेत्रों में समस्त स्टॉफ को बताया था. इसमें पहले 3 दिनों के आसपास वन प्राणियों के साक्ष्य देखे गए थे. हमने परिस्थिति की गणना की, उसमें स्लॉट डालकर डग की गणना की थी.''

देवास वन मंडल के अंतर्गत दोनों चरणों का कार्य पूर्ण हो चुका है. कैमरे लगाए थे उनके भी डाटा एकत्रित किए जा रहे हैं. बाघ की गणना एक स्ट्राइक एप के जरिए की जा रही है. खिवनी अभ्यारण्य में अब तक 10 से अधिक बाघों के मूवमेंट मिले हैं. संभावना है और अधिक बाघों की मौजूदगी मिल सकती है. डाटा के रिजल्ट आने के बाद आगे की संख्या का आंकजन किया जाएगा. प्राकृतिक जल स्त्रोतों में पानी की सुविधा है. भीषण गर्मी के दिनों में पानी की व्यवस्था वन विभाग की और से करवाई जाती है. खिवनी में आकर लोगों को जंगलो को और पास से जानने का सुनहरा मौका मिलता है.''

Last Updated : December 31, 2025 at 12:19 PM IST