उत्तर भारत की इस प्रसिद्ध दिव्य सिद्ध पीठ में अब श्रद्धालुओं को मिलेगी बोटिंग सुविधा, नए साल में होगी शुरुआत
सिरमौर में उत्तर भारत का एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है. नए साल पर श्रद्धालुओं को नई सुविधा मिलेगी.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 29, 2025 at 2:13 PM IST
सिरमौर: हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में स्थित उत्तर भारत की प्रसिद्ध दिव्य सिद्ध पीठ त्रिलोकपुर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जल्द ही एक नई और आकर्षक सुविधा शुरू होने जा रही है. त्रिलोकपुर मंदिर न्यास द्वारा शिव मंदिर तालाब में बोटिंग सुविधा शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. संबंधित विभाग से सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अब इस योजना को मंजूरी मिल चुकी है.
मंदिर न्यास का प्रयास है कि नए वर्ष के पहले सप्ताह से श्रद्धालु शिव मंदिर तालाब में बोटिंग का आनंद उठा सकें. मंदिर न्यास के अनुसार शिव मंदिर तालाब में बोटिंग के लिए कुल 7 बोट्स मंगवाई जा चुकी हैं, जिन्हें तालाब में बेस भी कर दिया गया है. पेडल वाली इन सातों बोट्स को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि श्रद्धालु पूरी सुरक्षा और सुविधा के साथ बोटिंग का आनंद ले सकें. सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो. बोटिंग शुरू होने से न केवल श्रद्धालुओं को नया अनुभव मिलेगा, बल्कि त्रिलोकपुर क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
सूत्रों की मानें तो मंदिर न्यास का विशेष फोकस इस बात पर है कि बोटिंग के रेट्स न्यूनतम रखे जाएं, ताकि त्रिलोकपुर में माता बाला सुंदरी के दर्शनों के लिए आने वाला हर श्रद्धालु इस सुविधा का लाभ उठा सके. लिहाजा मंदिर न्यास का प्रयास है कि बोटिंग के लिए ऐसा शुल्क उपलब्ध करवाया जाए, जो आमजन की पहुंच में हो. इससे अधिक से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक बोटिंग का आनंद ले सकेंगे और मंदिर परिसर में अधिक समय व्यतीत करेंगे. यह पहल धार्मिक आस्था के साथ-साथ मनोरंजन को भी जोड़ने का एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है.

रेस्क्यू के लिए तैनात रहेगी एक अन्य विशेष मोटर बोट
मंदिर न्यास की मानें तो शिव मंदिर तालाब में शुरू की जा रही बोटिंग व्यवस्था के अंतर्गत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तालाब में एक विशेष मोटर बोट केवल रेस्क्यू उद्देश्य के लिए उपलब्ध रहेगी. यह मोटर बोट बोटिंग संचालन के दौरान हर समय सक्रिय अवस्था में रहेगी. 7 बोट्स के अलावा ये अतिरिक्त बोट होगी. मंदिर न्यास द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रशिक्षित कर्मी मोटर बोट के संचालन में तैनात रहें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तुरंत सहायता और राहत कार्य किया जा सके. सुरक्षा इंतजामों के तहत श्रद्धालुओं को लाइफ जैकेट उपलब्ध करवाने सहित अन्य आवश्यक सावधानियां भी अपनाई जाएंगी.
इसके साथ-साथ मंदिर न्यास की योजना यहीं तक सीमित नहीं है. शिव मंदिर तालाब के चारों ओर के क्षेत्र को एक आधुनिक और आकर्षक एम्यूजमेंट (मनोरंजन) पार्क के रूप में विकसित करने का भी प्रस्ताव है. तालाब के एक ओर पहले से ही म्यूजियम स्थित है, जिसे श्रद्धालु दर्शन के बाद देखने पहुंचते हैं. अब इस क्षेत्र में एक सुंदर कैफेटेरिया बनाने की भी योजना है, जहां श्रद्धालु शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खान-पान का आनंद ले सकेंगे. इसके साथ-साथ एम्यूजमेंट पार्क के तहत एक भव्य और सुसज्जित पार्क विकसित करने के लिए भी मंदिर न्यास प्रयासरत है, जिसमें बच्चों के लिए झूले, स्लाइड्स और अन्य मनोरंजन साधन उपलब्ध करवाए जाएंगे. इसका उद्देश्य यह है कि परिवार के साथ आने वाले श्रद्धालुओं के बच्चों को भी मनोरंजन के पर्याप्त अवसर मिल सकें. मंदिर न्यास का मानना है कि इससे त्रिलोकपुर सिर्फ एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि एक पारिवारिक पर्यटन केंद्र के रूप में भी पहचान बना पाएगा.

श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं जुटाने के लिए प्रयासरत: एसडीएम
एसडीएम नाहन एवं मंदिर न्यास त्रिलोकपुर के संयुक्त आयुक्त राजीव सांख्यान ने बताया कि 'यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं जुटाने के लिए मंदिर न्यास प्रयासरत है और इस दिशा में कई कार्य किए जा रहे है. 2 जनवरी से यहां बोटिंग की सुविधा शुरू कर दी जाएगी. प्रयास ये भी है कि शिव मंदिर तालाब के चारों तरफ के क्षेत्र को एम्यूजमेंट पार्क के रूप में विकसित किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा में जो श्रद्धालु मंदिर में शीश नवाने आते है, वो इस क्षेत्र को एम्यूजमेंट पार्क के रूप में भी इंजॉय कर सके.'
श्रद्धालुओं की अटूट आस्था उन्हें खींच लाती है यहां
जिला मुख्यालय नाहन से 23 किलोमीटर दूरी पर स्थित त्रिलोकपुर में महामाया बाला सुंदरी का प्राचीन और भव्य मंदिर है. जनश्रुति के अनुसार नमक का व्यापार करने वाले लाला रामदास जी के साथ महामाया बाला सुंदरी उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर के देवबंद नामक स्थान से नमक की बोरी में त्रिलोकपुर आई थी. श्रद्धालुओं की अटूट आस्था है कि इस पावन स्थली पर माता साक्षात रूप में विराजमान है और यहां पर की गई मनोकामना अवश्य पूरी होती है. माता के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ही उन्हें यहां खींच लाती है.
प्रत्येक वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते है त्रिलोकपुर
गौरतलब है कि त्रिलोकपुर उत्तर भारत की अत्यंत प्रसिद्ध सिद्ध पीठों में से एक है. यहां माता के दर्शनों के लिए वर्ष भर लाखों श्रद्धालु न केवल हिमाचल बल्कि हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली आदि राज्यों से पहुंचते हैं. विशेषकर वर्ष में दो बार आयोजित होने वाले नवरात्र मेलों के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. ऐसे में मंदिर न्यास द्वारा की जा रही ये पहल श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं.
वहीं, प्रस्तावित एम्यूजमेंट पार्क का विकास त्रिलोकपुर की धार्मिक गरिमा को बनाए रखते हुए पर्यटन और मनोरंजन को भी नई दिशा देगा. उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में यह योजना न केवल श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी और अधिक गति प्रदान करेगी.
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