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माघ मेला 2026; संगम तट पर महिलाएं दान करती हैं केश, मां गंगा से मांगती हैं मन्नत, जानिये क्या है वेणी दान?

पुरोहित रविशंकर मिश्रा ने बताया कि महिलाएं पूजा करती हैं और फिर संकल्प लेती हैं.

संगम तट पर श्रद्धालु
संगम तट पर श्रद्धालु (Photo credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 7, 2026 at 9:09 PM IST

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Updated : January 10, 2026 at 7:33 PM IST

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प्रयागराज : माघ मेले की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. पौष पूर्णिमा के बाद अब अगला स्नान 14 जनवरी मकर संक्रांति है. पौष पूर्णिमा के दिन स्नान के साथ ही कल्पवास की शुरुआत भी हो गई. प्रयागराज में इस माह में लगने वाला कुंभ और माघ मेला अपने आप में कई संस्कृतियां, मान्यताएं समेटे हुए है.

प्रयागराज माघ मेला में हजारों किलोमीटर दूर से लोग गंगा स्नान का पुण्य लेने आते हैं. इस समय दक्षिण भारत के लोग भी संगम तट पर लगातार आ रहे हैं. दक्षिण भारतीय महिलाएं संगम तट पर आकर वेणी दान कर रहे हैं. मान्यता है कि संगम तट पर इसको शुभ माना गया है.

संगम तट पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने दी जानकारी. (Video credit: ETV Bharat)



पुरोहित रविशंकर मिश्रा ने बताया कि यहां पर स्वयं भगवान भगवान शंकर और पार्वती, राधा रुक्मणी और भगवान विष्णु ने भी वेणी दान किया था. ऐसी पुराणों में मान्यता है. प्रयाग महात्म्य में वर्णन किया गया है कि तीनों लोक के सभी देवता, यक्ष, नाग, किन्नर, गंधर्व अपनी पत्नियों के साथ इस तीर्थ के दर्शन कर चुके हैं. मंत्र पढ़ने के साथ-साथ वेणी को जल दिया जाता है.

'कई वर्षों से चली आ रही है परंपरा' : पुरोहितों के अनुसार, मुंडन के लिए किसी मुहूर्त और कोई समय नहीं है. संगम तट पर करवाये जाने वाले इस मुंडन का एक रूप वेणी दान माना जाता है. अधिकतर महाराष्ट्र और दक्षिण भारतीय महिलाएं केश (बाल) दान करती हैं. इस दान को करने से पहले महिलाएं पूर्ण रूप से श्रृंगार कर वेणीमाधव की पूजा करती हैं और फिर विधि के तहत संकल्प लेती हैं.



उन्होंने बताया कि महिलाएं अपने बालों का तीन अंगुल भाग काटकर संगम तट पर वेणीमाधव को समर्पित करती हैं. मान्यता में यह है कि वेणी दान करके गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों को प्रसन्न किया जाता है. मान्यता है कि जो महिलाएं इन तीनों नदियों में वेणी यानी चोटी दान करती हैं तो पति और पत्नी को सौभाग्य और लंबी आयु प्राप्त होती है. पुरोहित बताते हैं कि इस दिन पूजन पाठ से महिलाएं वरदान मांगती हैं कि सातों जन्म में मेरे पति के साथ ही मेरा विवाह हो.


मुंबई से आईं श्रद्धालु वर्षा बताती हैं कि सौभाग्यदान होता है. हर जनम में हम पति-पत्नी रहेंगे इसकी वजह से वेणी दान करते हैं. हर जनम में जोड़ा हमारा एक ही रहे. वह बताती हैं कि सुबह आने के बाद स्नान किया. अब पूजा कर रहे हैं.


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Last Updated : January 10, 2026 at 7:33 PM IST