महाशिवरात्रि पर रांची का पहाड़ी मंदिर शिवभक्तों से हुआ गुलजार, जलाभिषेक के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब
महाशिवरात्रि पर पहाड़ी मंदिर में शिव भक्तों से गुलजार रहा. भीड़ को देखते हुए जगह-जगह सुरक्षा बल तैनात किए गए थे.

Published : February 15, 2026 at 12:16 PM IST
रांची: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर राजधानी रांची का प्रसिद्ध और ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर शिवभक्तों की आस्था से सराबोर नजर आया. तड़के भोर से ही श्रद्धालुओं का सैलाब मंदिर परिसर में उमड़ पड़ा. हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया.
शहर के सभी प्रमुख शिवालयों में भी दिनभर भक्तों की भारी भीड़ देखी गई. जहां श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आए. पहाड़ी मंदिर, जो अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता के लिए जाना जाता है, महाशिवरात्रि पर विशेष रूप से श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा.
पहाड़ पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचने के लिए हजारों भक्तों ने सीढ़ियां चढ़कर भगवान शिव के दर्शन किए. कई श्रद्धालु नंगे पांव और हाथों में गंगाजल व बेलपत्र लेकर ॐ नमः शिवाय का जाप करते हुए मंदिर की ओर बढ़ते दिखे. सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतार लग गई थी, जो देर शाम तक जारी रही.
इधर, भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे. चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी. महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार की व्यवस्था की गई थी ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो. पहाड़ी मंदिर पर चढ़ने और उतरने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए थे, जिससे भीड़ का दबाव कम किया जा सके. सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे परिसर की निगरानी की जा रही थी.

प्रशासनिक टीम के अलावा स्वयंसेवक व वॉलिंटियर्स भी लगातार व्यवस्था संभालते नजर आए. पहाड़ी मंदिर शिवराज समिति के सदस्य भी पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद रहे और श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने में सहयोग करते रहे. मेडिकल टीम और एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई थी ताकि किसी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई थीं.

सिर्फ पहाड़ी मंदिर ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य प्रमुख शिवालयों जैसे जगन्नाथपुर, हटिया, डोरंडा और कांके, बरियातू, चुटिया क्षेत्र के मंदिरों में भी भक्तों की भारी भीड़ देखी गई. कई स्थानों पर रात्रि जागरण और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर रांची पूरी तरह शिवमय नजर आई. श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के बीच संपन्न हुए इस आयोजन ने एक बार फिर पहाड़ी मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को रेखांकित कर दिया.
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