भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा पहुंची धनबाद, पारदर्शी और निष्पक्ष नियुक्ति प्रक्रिया की मांग, बिनोद धाम से उठी सुधार की आवाज
जेपीएससी जेएसएससी न्याय मंच की भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा मंगलवार को धनबाद पहुंची. नरेंद्र निषाद की रिपोर्ट.

Published : September 1, 2026 at 5:28 PM IST
धनबाद: झारखंड में भर्ती और नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने की मांग को लेकर अभ्यर्थी न्याय मंच की ओर से निकाली जा रही 'भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा' मंगलवार को अपने नौवें दिन धनबाद पहुंची. बलियापुर स्थित झारखंड के पुरोधा कहे जाने वाले स्व बिनोद बिहारी महतो आवास स्थित बिनोद धाम से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और युवाओं ने पदयात्रा की शुरुआत की.
इस दौरान युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया में सुधार, लंबित नियुक्तियों में तेजी और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग उठाई. पदयात्रा बिनोद धाम से निकलकर किसान चौक, मनिंद्र नाथ मंडल चौक यानी मेमको मोड़ होते हुए कांबाइंड बिल्डिंग और सिटी सेंटर पहुंचेगी. इसके बाद यात्रा रणधीर वर्मा चौक तक जाएगी.
अभियान के अगले चरण में प्रभु चौक और पुटकी मोड़ की ओर भी पदयात्रा प्रस्तावित है. यात्रा के दौरान अभ्यर्थी न्याय मंच से जुड़े देवेंद्र नाथ महतो ने धनबाद में बिनोद बाबू के आवास पर मीडिया से बातचीत की. उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रही कथित गड़बड़ियां, नियुक्ति प्रक्रियाओं में हो रही देरी और लंबे समय से लंबित मामलों के कारण अभ्यर्थियों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है. इसी के खिलाफ युवाओं को एकजुट और जागरूक करने के साथ सरकार का ध्यान भर्ती व्यवस्था की खामियों की ओर आकर्षित किया जा रहा है.
देवेंद्र महतो ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी एक परीक्षा या विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड की पूरी भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है. उनका आरोप है कि राज्य के मेहनतकश मजदूर और किसान अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजारते हैं. ऐसे परिवारों के बच्चों को जब उनकी योग्यता के बावजूद रोजगार के अवसर नहीं मिलते, तो उनकी निराशा और बढ़ जाती है.
उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं में प्रतिभा और योग्यता की कोई कमी नहीं है. बावजूद इसके भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं और नौकरी के नाम पर होने वाली गड़बड़ियों से योग्य अभ्यर्थियों के हित प्रभावित हो रहे हैं. आंदोलन के बाद सरकार की ओर से कुछ मामलों में कार्रवाई जरूर की गई है, लेकिन आंदोलनकारियों का कहना है कि केवल कार्रवाई पर्याप्त नहीं है. जिन लोगों पर गंभीर आरोप हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच और कानून के तहत सख्त कार्रवाई भी होनी चाहिए. अभ्यर्थी न्याय मंच ने स्पष्ट किया कि जब तक युवाओं को उनका हक, निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और रोजगार के समान अवसर नहीं मिलते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
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