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महेशपुर वन रेंज में 2.5 करोड़ रुपये के डेवलपमेंट वर्क; एंट्रेंस गेट, 3D म्यूरल, एनिमल फिगरिन केज़ के साथ सेल्फी पॉइंट बनेगा

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह का कहना है कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं.

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उत्तर प्रदेश में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं: मंत्री जयवीर सिंह (Photo Credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : March 3, 2026 at 10:01 PM IST

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लखनऊ: ईको टूरिज्म के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश तेजी से उभर रहा है. लखीमपुर खीरी जिले में महेशपुर वन रेंज को ईको-टूरिज्म के नए आकर्षण केंद्र के तौर पर विकसित किया जा रहा है. इस दिशा में यूपी ईको टूरिज्म विकास बोर्ड 2.5 करोड़ रुपये की लागत से महेशपुर वन रेंज में विभिन्न पर्यटन सुविधाओं का विकास करा रहा है. इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश में स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण होगा.

दुधवा नेशनल पार्क के बफर क्षेत्र में विकास: लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क के बफर क्षेत्र में स्थित महेशपुर वन रेंज में ईको टूरिज्म सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. इस क्षेत्र में प्रवेश द्वार, कॉटेज ब्लॉक, शौचालय ब्लॉक, पेयजल पॉइंट, इंटरलॉकिंग पाथवे, साइनेज, बेंच और ट्री सीटिंग जैसी आधारभूत सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही पर्यटकों के आकर्षण के लिए 3D म्यूरल, गजेबो या गोल हट, बच्चों का खेल क्षेत्र, सेल्फी पॉइंट के साथ लाइफ-साइज एनिमल फिगरिन केज भी बनाये जा रहे हैं.

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उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह (Photo Credit: ETV Bharat)

मुख्यमंत्री का सस्टेनेबल टूरिज्म विज़न: पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए वन रेंज में सोलर लाइट्स, वर्षा जल संचयन प्रणाली और सबमर्सिबल बोरिंग/ट्यूबवेल जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं. ये सभी विकास कार्य पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाते हुए सुरक्षित, रोमांचक और यादगार अनुभव प्रदान करेंगे यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सस्टेनेबल टूरिज्म विज़न का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके तहत नेशनल पार्कों और वन्यजीव अभयारण्यों के बफर जोन में भी ईको-टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है.

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यहां हिरणों की पांच मुख्य किस्में पाई जाती हैं. (Photo Credit: ETV Bharat)

पर्यटक प्रकृति का आनंद ले सकेंगे: इससे सफारी सीजन के अलावा बारिश के मौसम में भी पर्यटक प्रकृति का आनंद ले सकेंगे. यूपी ईको टूरिज्म विकास बोर्ड पहले से ही महेशपुर वन रेंज के चंदन चौकी क्षेत्र में ईको-लॉज और कैंपिंग साइट्स का संचालन कर रहा है. पर्यटकों को क्षेत्र की थारू जनजाति के परंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय व्यंजनों का लुत्फ भी प्रदान किया जा रहा है. जनजातीय समुदाय के युवाओं को नेचर गाइड का प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराये जा रहे हैं.

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1977 में इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा मिला. (Photo Credit: ETV Bharat)

संस्कृति और जैव विविधता संरक्षण पर ज़ोर: लखीमपुर में ही शारदा बैराज और आसपास के क्षेत्रों को भी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. दुधवा नेशनल पार्क में भी इंटरप्रिटेशन सेंटर, कैंप ऑफिस का अपग्रेडेशन और गार्डन बेंच, डस्टबिन और साइनेज जैसे कार्य भी प्रगति पर हैं. यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड के ये प्रयास प्रदेश में रोजगार सृजन और स्थानीय संस्कृति और जैव विविधता संरक्षण की दिशा में भी उल्लेखनीय भूमिका निभा रहे हैं.

क्या कहते हैं पर्यटन मंत्री: उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह का कहना है कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं. इन्हीं संभावनाओं पर लगातार सरकार काम कर रही है जिससे पर्यटकों की संख्या में और भी ज्यादा इजाफा हो. दुधवा में घूमने के लिए बड़ी संख्या में हर साल पर्यटक आते हैं. उन्हें और भी बेहतर सुविधाएं दी जा सकें, इसके लिए प्रयास जारी हैं.

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