देव स्नान के साथ 15 दिन के एकांतवास में गए भगवान जगन्नाथ, 16 जुलाई को निकलेगी रथ यात्रा
रांची के जगन्नाथपुर मंदिर में भगवान जगन्नाथ की देव स्नान यात्रा संपन्न हुई. अब 15 दिन के एकांतवास के बाद रथ यात्रा निकाली जाएगी.

Published : June 29, 2026 at 8:43 PM IST
रांचीः राजधानी रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में सोमवार को परंपरागत श्रद्धा और धार्मिक विधि-विधान के साथ भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की देव स्नान यात्रा संपन्न हुई. इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान के दिव्य स्नान के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया.
धार्मिक परंपरा के अनुसार देव स्नान पूर्णिमा के दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का विशेष स्नान कराया जाता है. मान्यता है कि स्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं और 15 दिन के एकांतवास (अनवसर काल) में चले जाते हैं. इस अवधि में मंदिर के गर्भगृह में भगवान के नियमित दर्शन श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं.

मंदिर के प्रथम सेवक सुधांशु कुमार पाठक ने बताया कि देव स्नान यात्रा के बाद भगवान 15 दिनों तक एकांतवास में रहेंगे. इस दौरान उनकी विशेष सेवा और पूजा-अर्चना की जाएगी. उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को भगवान एकांतवास से बाहर आएंगे. इसके बाद परंपरा के अनुसार नेत्रदान (नेत्रोत्सव) होगी, जिसके बाद भगवान श्रद्धालुओं को पुनः दर्शन देंगे.
उन्होंने बताया कि 16 जुलाई को ऐतिहासिक रथ यात्रा निकाली जाएगी. इस दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर मुख्य मंदिर से मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे. भगवान नौ दिन तक मौसीबाड़ी में विश्राम करेंगे, जहां श्रद्धालु उनके दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे. इसके बाद 25 जुलाई को आयोजित बहुदा यात्रा के माध्यम से भगवान पुनः मुख्य मंदिर लौटेंगे जिसे स्थानीय भाषा में घूरती रथ भी कहा जाता है.

मंदिर पहुंचीं श्रद्धालु सुरुचि कुमारी ने कहा कि देव स्नान यात्रा में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है. उन्होंने कहा कि भगवान के स्नान और रथ यात्रा से जुड़ी परंपराएं श्रद्धालुओं की आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और हर वर्ष वे इस अवसर पर मंदिर अवश्य आती हैं.
देव स्नान यात्रा के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा. श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के जयकारे लगाए और सुख-समृद्धि की कामना की. मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं. अब श्रद्धालुओं की निगाहें 16 जुलाई को निकलने वाली भव्य रथयात्रा पर टिकी हैं, जिसमें हर वर्ष हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं
इसे भी पढ़ें- रांची में रथ यात्रा: 29 जून से मेला टेंडर की प्रक्रिया होगी शुरू, जगन्नाथ मंदिर में रथ निर्माण ने पकड़ी रफ्तार
इसे भी पढ़ें- धार्मिक उल्लास और आस्था का संगम: रांची के जगन्नाथपुर मंदिर से निकली भव्य रथ यात्रा
इसे भी पढ़ें- जमशेदपुर में निकाली गई महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा, हजारों की संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल

