राम रहीम की पैरोल पर श्रद्धालुओं में खुशी की लहर, अंशुल छत्रपति ने रिहाई पर उठाए सवाल
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को पैरोल मिलने के बाद जहां श्रद्धालुओं में खुशी है, वहीं अंशुल छत्रपति ने सवाल उठाए हैं.

Published : January 5, 2026 at 10:50 PM IST
सिरसा : डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह 40 दिनों की पैरोल मिलने पर सिरसा के डेरा सच्चा सौदा आश्रम पहुंचे जहां पर सुरक्षा के तमाम इंतजाम किए गए थे. सिरसा आश्रम में आने के बाद डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं में खुशी की लहर देखने को मिल रही है.
25 जनवरी को बड़ा कार्यक्रम : आपको बता दें कि 25 जनवरी को सिरसा के डेरा सच्चा सौदा के दूसरे गद्दीनशीन शाह सतनाम जी के जन्मदिन को लेकर एक बड़े कार्यकम का आयोजन हर साल किया जाता है और इस बार भी बड़े कार्यक्रम के होने की संभावनाएं जताई जा रही है. इस दिन विशाल भंडारे के अलावा सत्संग का आयोजन किया जाता है. राम रहीम 40 दिन सिरसा के डेरा सच्चा सौदा आश्रम में ही रहेंगे. तकरीबन 2 बजे वे सिरसा के डेरा सच्चा सौदा आश्रम पहुंचे थे. राम रहीम के काफिले में 6 से ज्यादा गाड़ियां थी.
श्रद्धालुओं ने जताई खुशी : राम रहीम के आने की ख़बर से डेरे में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला बढ़ गया है. डेरा सच्चा सौदा आश्रम पहुंच रहे श्रद्धालुओं ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पिछले लगभग 8 साल के बाद उनके गुरु उन्हें दर्शन देने के लिए पहुंचे हैं जिसको लेकर वे काफी ज्यादा खुश हैं और नाच गाकर अपनी खुशी मना रहे हैं.
"पैरोल, फरलो हर कैदी का अधिकार" : डेरा प्रमुख को पैरोल मिलने के बाद डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता जितेंद्र खुराना ने कहा कि "प्रत्येक कैदी को पैरोल और फरलो का अधिकार होता है. इसके तहत कैदी को एक साल में 70 दिन की पैरोल और 21 दिन की फरलो मिलती है. ऐसा नहीं है कि इस पैरोल और फरलो का लाभ सिर्फ डेरा प्रमुख को ही मिलता है, बल्कि प्रदेश में 6 हजार ऐसे कैदी हैं जिन्हें पैरोल और फरलो पर रिहा किया जाता है. कानूनी दायरे के अंदर ही डेरा प्रमुख हर बार पैरोल या फरलो पर बाहर आते हैं. अब उन्हें 40 दिन की पैरोल मिली है. वे इस दौरान सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में रहेंगे".
अंशुल छत्रपति ने उठाए सवाल : वहीं सिरसा के पत्रकार स्वर्गीय रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने पूरे मामले में सवाल उठाए हैं. मीडिया से बातचीत में अंशुल छत्रपति ने कहा कि "हरियाणा सरकार बार बार एक खूंखार अपराधी को पैरोल दे रही है और पीड़ितों के लिए खतरा पैदा कर रही है जो कि बेहद निराशाजनक है. उन्होंने कहा कि डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम कुलदीप सेंगर से भी ज्यादा बड़ा अपराधी है. वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा डेरा प्रमुख की पैरोल पर दिए गए बयान कि पैरोल कोर्ट देती है, इस पर बोलते हुए अंशुल छत्रपति ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि डेरा प्रमुख को जो भी पैरोल दी जाती है, उसमें कहीं भी अदालत का दखल नहीं है. किसी भी कैदी को पेरोल या फरलो देने का फैसला जिला प्रशासन, जेल अथॉरिटी और सरकार मिल कर करती है."
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