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यौन शोषण का आरोपी डिप्टी कलेक्टर निलंबित, दिलीप उइके पर महिला आरक्षक ने लगाए हैं आरोप

शादी का झांसा देकर महिला आरक्षक का यौन शोषण के आरोपी डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को निलंबित किया गया है.राज्य शासन ने कार्रवाई की है.

Deputy collector suspended
यौन शोषण का आरोपी डिप्टी कलेक्टर निलंबित (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 19, 2026 at 4:23 PM IST

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बालोद : छत्तीसगढ़ शासन ने बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. ये कार्रवाई बालोद की एक महिला आरक्षक के यौन शोषण के आरोपों के बाद की गई है. महिला आरक्षक ने मुख्य सचिव को 12 बिंदुओं में साक्ष्यों के साथ विस्तृत शिकायत भेजी थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया है.

2017 से प्रेम प्रसंग, कोचिंग के लिए दिए पैसे

शिकायत के अनुसार, दिलीप उइके और पीड़िता का परिचय साल 2017 में डौंडी (बालोद) में पढ़ाई के दौरान हुआ था. महिला का आरोप है कि उइके ने शादी का वादा कर उससे संबंध बनाए. अगस्त 2017 में पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर नियुक्त होने के बाद भी महिला, उइके की पढ़ाई और कोचिंग के लिए हर महीने 4 से 5 हजार रुपये भेजती थी. साल 2020 में उइके का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ, जिसके बाद उसका व्यवहार बदलने लगा.

तीन बार गर्भपात और लाखों की ठगी का आरोप
महिला ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि दिलीप उइके ने शादी का आश्वासन देकर वर्ष 2017 से 2025 के बीच तीन बार उसका जबरन गर्भपात कराया. पीड़िता ने यह भी दावा किया कि उसने बैंक से लोन लेकर लगभग 3 लाख 30 हजार रुपए उइके के खाते में ट्रांसफर किए थे. आरोप है कि बीजापुर में पदस्थापना के दौरान भी आरोपी ने जनवरी से मई 2025 के बीच महिला का शारीरिक शोषण किया.

आपको बता दें मुख्य सचिव के निर्देश पर जारी आदेश में उइके को निलंबित कर उनका मुख्यालय संभागीय आयुक्त कार्यालय, बस्तर नियत किया गया है. पीड़िता ने बीजापुर जिला प्रशासन पर भी आरोपी को बचाने के लिए नियमों के विरुद्ध अवकाश देने और फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने के आरोप लगाए हैं ,बालोद के डौंडी थाने में मामला दर्ज होने के बाद अब विभागीय जांच भी तेज कर दी गई है.

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