बस्तर के संवेदनशील इलाकों के दौरे पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा, जगरगुंडा में कहा- बस्तर की पहचान विकास से हो रही
डिप्टी सीएम बस्तर अंचल के अति संवेदनशील और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर हैं. बीजापुर के बाद अब वे सुकमा के जगरगुंडा पहुंचे.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 8, 2026 at 7:15 PM IST
सुकमा: जिले के नक्सल प्रभावित जगरगुंडा क्षेत्र में उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने बड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि अब बस्तर की पहचान बंदूक से नहीं, बल्कि विकास, भरोसे और शांति से होगी. उनका यह दौरा इलाके में उम्मीद और सकारात्मक बदलाव की चर्चा का विषय बना हुआ है.

हर गांव तक योजनाओं की पहुंच पर जोर: डिप्टी सीएम ने ‘नियद नेल्ला नार’ योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि हर सरकारी योजना को गांव-गांव तक पहुंचाना चाहती है. उन्होंने गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा जैसे समाज प्रमुखों और ग्रामीणों से सीधा संवाद कर भरोसा दिलाया कि बस्तर का भविष्य रोजगार और आत्मनिर्भरता से जुड़ा है.

नक्सल मुक्त गांव को मिलेगा 1 करोड़ का विकास फंड: डिप्टी सीएम ने ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि जो ग्राम पंचायत अपने सभी भटके युवाओं को मुख्यधारा में लाकर खुद को ‘सशस्त्र नक्सल हिंसा मुक्त’ घोषित करेगी, उसे 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विकास राशि, जनपद पंचायत सदस्य को 10 लाख रुपये, जिला पंचायत सदस्य को 15 लाख रुपये दिए जाएंगे. यह राशि सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर खर्च होगी.

सुरक्षा कैंप अब विकास केंद्र बने: उन्होंने कहा कि सुरक्षा कैंप अब केवल सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि विकास केंद्र के रूप में काम कर रहे हैं. इन कैंपों के जरिए स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन, कृषि और रोजगार से जुड़ी योजनाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रही हैं.
अब बस्तर के गांवों में वनोपज की सिर्फ खरीद नहीं हो रही, बल्कि वहीं पर प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जा रही हैं. इससे ग्रामीण उत्पादक से उद्यमी बन रहे हैं और गांव में ही रोजगार मिल रहा है.- विजय शर्मा, डिप्टी सीएम
किसानों और मरीजों को मिला सीधा लाभ: कार्यक्रम में कई योजनाओं का लाभ मौके पर दिया गया. किसानों को उन्नत मूंग और उड़द के बीज, 50 किसानों को टमाटर और बैंगन के पौधे और 17 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) दिए गए.

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी पहल: ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत सिलगेर, कोंडासावली और तिमापुरम के 40 मोतियाबिंद मरीजों को विशेष बस से जिला अस्पताल भेजा गया. पीएचसी बुडदी, गगनपल्ली और किस्टाराम को बेहतर सेवाओं के लिए NQAS प्रमाण पत्र दिया गया.

हिंसा से नहीं, शांति से बनेगा बस्तर: अपने संबोधन में विजय शर्मा ने कहा कि हिंसा कभी विकास का रास्ता नहीं हो सकती. सरकार बस्तर के हर कोने में शांति, सुरक्षा और समृद्धि पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

