पतंगबाजी से घायल पक्षियों के लिए बर्ड्स ट्रीटमेंट कैंप शुरू, डिप्टी सीएम ने किया 'सेव बर्ड्स' का पोस्टर विमोचन
वन विभाग व विभिन्न संस्थाओं ने घायल पक्षियों की सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं.


Published : January 8, 2026 at 6:20 PM IST
जयपुर: गुलाबी शहर की पतंगबाजी देश-दुनिया में मशहूर है. जयपुर में पतंगबाजी का दौर शुरू होने के साथ ही पक्षियों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं. पतंगबाजी से घायल होने वाले पक्षियों की जान बचाने के लिए वन विभाग की ओर से विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से शहर भर में बर्ड्स ट्रीटमेंट कैंप लगाए जा रहे हैं. कई संस्थाओं ने तो अपने बर्ड ट्रीटमेंट कैंप शुरू कर दिए हैं, जिनमें घायल पक्षियों का उपचार किया जा रहा है. डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने 'सेव बर्ड्स अभियान' के पोस्टर का विमोचन करते हुए आमजन से अपील की है कि पक्षियों के लिए संवेदनशीलता दिखाएं.
डीसीएफ विजयपाल सिंह के मुताबिक मकर संक्रांति पर पतंगबाजी के दौरान मांझे से घायल पक्षियों के उपचार के लिए पक्षी उपचार शिविर लगाए जा रहे हैं. वन विभाग की ओर से संस्थाओं को कैंप लगाने की अनुमति दी गई है. घायल पक्षियों के इलाज के लिए वन विभाग की ओर से जयपुर शहर में विभिन्न एनजीओ के सहयोग से बर्ड्स ट्रीटमेंट कैंप लगाए जा रहे हैं. वहीं वन विभाग की ओर से जयपुर के अशोक विहार में उपचार केंद्र बनाया गया है. इसके प्रभारी अधिकारी क्षेत्रीय वन अधिकारी जितेंद्र सिंह चौधरी रहेंगे. वहीं कुछ संस्थाओं की ओर से 12 से 16 जनवरी तक पक्षी उपचार शिविर लगाए जा रहे हैं.

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'सुबह और शाम को नहीं करें पतंगबाजी': वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि अगर कोई भी घायल पक्षी कहीं पर नजर आता है, तो उसे रेस्क्यू सेंटर पर पहुंचाएं या फिर वन विभाग और एनजीओ के हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें. इसके साथ ही वन विभाग ने अपील की है कि सुबह और शाम पतंगबाजी नहीं करें. क्योंकि सुबह-शाम के समय पक्षियों का स्वच्छंद विचरण रहता है. पक्षी दाना-पानी के लिए उड़ान भरते हैं. इसके साथ ही चाइनीज मांझे का उपयोग नहीं करें. वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ अशोक तंवर के मुताबिक पक्षी के घायल होने पर उसका ब्लड लॉस रोकने के लिए बीटाडीन का उपयोग करके कॉटन लगा दें. घायल पक्षी को खाने-पीने की सामग्री नहीं दें.

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नींदड़ में पक्षी उपचार केंद्र शुरू: बर्ड्स एक्सपर्ट जॉय गार्डनर के मुताबिक पतंगबाजी से पक्षियों के घायल होने की घटनाओं को देखते हुए होप एंड बियोंड संस्था की ओर से पक्षी चिकित्सा शिविर लगाया जा रहा है. नींदड़ में पक्षी उपचार कैंप शुरू कर दिया गया है. कहीं भी कोई घायल पक्षी मिले, तो संस्था के हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें. नायलॉन, चाइनीज और धारदार मांझे का प्रयोग नहीं करें. यह मांझा पक्षियों के साथ आमजन के लिए भी जानलेवा साबित होता है. संस्था के डायरेक्टर उदय सैनी ने बताया कि अगर किसी को घायल पक्षी मिले, तो हमारे पहुंचने तक उसे एक बॉक्स में सुरक्षित रखें. बॉक्स के एक साइड में छेद निकालकर ऑक्सीजन जाने का रास्ता बना दें.
'चाइनीज मांझा का उपयोग नहीं करें': बर्ड्स एक्सपर्ट एवं रक्षा संस्थान के रोहित गंगवाल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सुबह और शाम को पतंगबाजी नहीं करें. सुबह के समय पक्षी अपना खाना तलाश करने निकलते हैं. शाम के समय अपने घोसलों में वापस लौटते हैं. सुबह और शाम को पतंगबाजी से ज्यादा पक्षी घायल होते हैं. चाइनीज मांझा का उपयोग नहीं करें, सादा डोर से पतंग उड़ाएं. रक्षा संस्थान की ओर से पूरे 12 महीने पक्षियों के ट्रीटमेंट के लिए मालवीय नगर में सेंटर बना हुआ है. लेकिन मकर संक्रांति में पर शहर में अस्थाई रूप से कैंप लगाए जाते हैं.
सेव बर्ड्स अभियान का पोस्टर विमोचन: रोहित गंगवाल ने बताया कि मकर संक्रांति पर पक्षियों के घायल होने वाली दुर्घटनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सेव बर्ड्स अभियान के तहत जागरूकता पोस्टर का विमोचन किया गया है. यह अभियान रक्षा संस्थान के साथ एचजी फाउंडेशन, अपोलो कॉलेज और वाइल्डलाइफ वेट्स इंटरनेशनल के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है. डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने जागरूकता पोस्टर का विमोचन कर कहा कि मकर संक्रांति पर लापरवाही से की जाने वाली पतंगबाजी से हर वर्ष काफी संख्या में पक्षी घायल हो जाते हैं. समाज के सहयोग और संवेदनशीलता से हम पक्षियों को बचा सकते हैं.
घायल पक्षियों के लिए हेल्पलाइन नंबर्स: घायल पक्षियों की सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं. वन विभाग के हेल्पलाइन नंबर 7665552444, 9664021178, रक्षा संस्थान के हेल्पलाइन नंबर 9828500065, होप एंड बियोंड के नंबर 8239939929, मासूम केयर फाउंडेशन के नंबर 7878499359, इको रेस्क्यूअर्स फाउंडेशन के नंबर 8005663792, नेचर केयर के नंबर 9352535425, हेल्प एंड सर्व चैरिटेबल ट्रस्ट के नंबर 9024030110, श्री राम गौ सेवा दल के नंबर 9829007412, श्री वर्गो सांस्कृतिक संस्था के नंबर 7821047134 पर घायल पक्षियों की सूचना दे सकते हैं.

