ट्रैवल मार्ट में पहुंची डिप्टी सीएम दीया कुमारी, बोलीं- राजस्थान आने वाले हर टूरिस्ट के कैलेंडर में शामिल हो हाड़ौती
डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने कहा कि ट्रैवलर को नई जगह बताने की आवश्यकता भी है. कोटा इसे पूरी कर रहा है.

Published : January 3, 2026 at 3:52 PM IST
कोटा: हाड़ौती क्षेत्र को विश्व पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने के प्रयासों के तहत कोटा में तीन दिवसीय 'कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट' का आयोजन किया गया. प्रदेश की उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दीया कुमारी ने हिस्सा लेते हुए हाड़ौती क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि जयपुर, जोधपुर और उदयपुर की तुलना में यह क्षेत्र पर्यटकों से अब तक अपेक्षित ध्यान नहीं पा सका है, जबकि यहां वन्यजीव अभयारण्य , ऐतिहासिक किले, चंबल नदी की बोट सफारी और कोटा की प्रसिद्ध साड़ियों जैसे आकर्षण मौजूद हैं. उन्होंने नए एक्सप्रेसवे निर्माण की योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हर पर्यटक के कैलेंडर में कोटा और हाड़ौती शामिल होना चाहिए.
इस दौरान पूर्व सांसद व कोटा के पूर्व महाराव इज्यराज सिंह व होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान की कोटा डिवीजन अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी सहित अन्य अतिथियों के साथ उन्होंने ट्रैवल मार्ट के दौरान लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया. तीन सौ से ज्यादा टूर ऑपरेटर्स यहां लगी हुई प्रदर्शनी में कोटा के टूरिस्ट पैलेस व होटल अकोमोडेशन के संबंध में जानकारी ले रहे हैं.
हाड़ौती के टूरिज्म को कर रहे हैं प्रमोट: डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने कहा कि कोटा संभाग की दूरी भी एयरपोर्ट आ जाने से कम होने वाली है. ट्रैवलर को नई जगह बताने की आवश्यकता भी है. अब टूरिस्ट भी कुछ नया अनुभव करना चाहते हैं. यहां पर चंबल की बोट सफारी काफी अच्छी है. यह बहुत सुंदर है, जिसकी लोग काफी तारीफ कर रहे हैं. हम इन सब को प्रमोट करेंगे. उन्होंने कहा कि घोषणा के अनुरूप सरकार 5 साल में 9 नए एक्सप्रेसवे बनाएगी, जिसमें से दो एक्सप्रेस हाईवे को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया बना रही है. दो एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए काम शुरू कर दिया है. इसके साथ उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे में तब्दील करवाने का प्रयास कर रहे हैं.
हाड़ौती पर्यटकों से छूट गया है, अब अवसर मिला: पूर्व महाराज कुमार जयदेव सिंह ने कहा कि हाड़ौती में पर्यटन की असीमित संभावना है. राजस्थान में मेवाड़, मारवाड़, ढूंढाड़ व शेखावाटी सब जगह टूरिज्म अच्छे लेवल पर है, लेकिन राजस्थान का हाड़ौती रह गया है. जहां पर अभी तक टूरिस्ट नहीं आए हैं. यहां हेरिटेज, नेचर, स्थापत्य कला, प्राकृतिक विरासत, टाइगर रिजर्व, अभयारण्य, चम्बल बोट राइड है. यहां कोटा साड़ी के रूप में टेक्सटाइल टूरिज्म है.
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देश के तीन क्रेटर में से एक रामगढ़ हाड़ौती में: जयदेव सिंह ने कहा कि बूंदी की कला के बारे में लोग जानते हैं, कोटा के बारे में कम जानते हैं. देश में तीन क्रेटर में से एक बारां जिले में रामगढ़ क्रेटर यहां है. उसमें बहुत सुंदर मंदिर भंडदेवरा है. यह खजुराहो जैसी शैली में है. यहां पर किला व वेटलैंड भी है. लोग यहां पर सोचते हैं कि कोटा में कोचिंग और शिक्षा नगरी है, लेकिन कोचिंग 1980 के बाद यहां पर बनी और अर्थव्यवस्था से जुड़ी है, जबकि कोटा शहर 1264 में बस गया था. हाड़ौती में इस तरह के लैंडमार्क व डेस्टिनेशन हैं, शायद ही देश या दुनिया भर में मिलेंगे. हाड़ौती की बस प्रचार-प्रसार की कमी रही है. दूसरी टूरिज्म इंडस्ट्री में लोगों को पता नहीं है. पर्यटकों और ट्रैवलर को यह पता नहीं है कि कितना कुछ यहां है.

