कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी पर बोले डिप्टी सीएम अरुण साव, साक्ष्य और तथ्य के आधार पर हुई कार्रवाई
डिप्टी सीएम अरुण साव शनिवार को बलौदाबाजार के दौरे पर रहे. यहां पर उन्होंने बड़ा बयान दे दिया.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 10, 2026 at 10:56 PM IST
बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ की राजनीति में गरमाहट एक बार फिर बलौदाबाजार में देखने को मिली, जब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव जिले के दौरे पर पहुंचे. मौका था साहू समाज के शपथ ग्रहण समारोह का, लेकिन मंच के इतर माहौल पूरी तरह राजनीतिक सवालों से घिरा रहा. मीडिया ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी, जेल भेजे जाने और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बयान को लेकर सीधे सवाल दागे.
डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए साफ कहा कि पुलिस की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित नहीं है, बल्कि साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर की गई है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मामलों में कांग्रेस नेता जेल गए हैं, वे पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय के हैं और उनकी जांच पहले से ही चल रही थी.
साहू समाज के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए डिप्टी सीएम
डिप्टी सीएम अरुण साव बलौदाबाजार में आयोजित साहू समाज के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पहुंचे थे. कार्यक्रम में साहू समाज के नव-निर्वाचित पदाधिकारियों ने शपथ ली. इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने समाज की एकजुटता, सामाजिक योगदान और संगठन की भूमिका की सराहना की. अपने संबोधन में अरुण साव ने कहा कि साहू समाज हमेशा से छत्तीसगढ़ की सामाजिक और आर्थिक संरचना का मजबूत स्तंभ रहा है. उन्होंने समाज के युवाओं से शिक्षा, उद्यम और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की. हालांकि मंच पर माहौल सौहार्दपूर्ण रहा, लेकिन कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में राजनीतिक मुद्दे केंद्र में आ गए.
कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी पर मीडिया का तीखा सवाल
मीडिया ने डिप्टी सीएम से सीधे सवाल किया कि कांग्रेस विधायक कवासी लखमा, देवेंद्र यादव के बाद अब बालेश्वर साहू को भी जेल भेजा गया है. वहीं, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने बयान दिया है कि कांग्रेस विधायकों को जेल भेजकर बीजेपी रिकॉर्ड बना रही है. उन्होंने यह भी कहा है कि बीजेपी विधायकों की सूची अभी आई नहीं है और भविष्य बताएगा कि बीजेपी में किस-किस को जेल जाना पड़ेगा. इस सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बेहद स्पष्ट और संतुलित रुख अपनाया.
यह राजनीति नहीं, कानून की प्रक्रिया है – अरुण साव
डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा, “देखिए, ये सारी जो घटनाएं हैं, खासकर लखमा जी जो जेल में हैं, वह उनकी सरकार के समय का विषय है। इन मामलों की जांच पहले ही चालू हो चुकी थी.”
सबूतों के आधार पर हुई कार्रवाई- डिप्टी सीएम अरुण साव
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह साक्ष्यों और तथ्यों पर आधारित होती है. पुलिस किसी राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि उपलब्ध साक्ष्य और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करती है. मामला न्यायालय तक गया है और वहां कानून के अनुसार प्रक्रिया चल रही है. इसमें राजनीति का कोई लेना-देना नहीं है. उपमुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि कानून सबके लिए समान है, चाहे वह किसी भी पार्टी का नेता क्यों न हो.
चरणदास महंत के बयान पर अप्रत्यक्ष जवाब
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बयान पर डिप्टी सीएम ने सीधे हमला करने से बचते हुए व्यवस्था की बात रखी. उन्होंने संकेत दिया कि विपक्ष को जांच एजेंसियों और न्यायालय की प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए. अरुण साव का कहना था कि जब मामला अदालत में है और जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं, तब उसे राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है.कानून के दायरे में जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई होगी.
कांग्रेस का आरोप बनाम सरकार का जवाब
कांग्रेस लगातार यह आरोप लगाती रही है कि बीजेपी सरकार राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है. वहीं, बीजेपी का दावा है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय हुए भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच अब अपने निष्कर्ष तक पहुंच रही है. बलौदाबाजार में डिप्टी सीएम का बयान इसी राजनीतिक टकराव की एक और कड़ी के रूप में देखा जा रहा है. एक ओर कांग्रेस इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, तो दूसरी ओर बीजेपी इसे कानून का राज स्थापित करने की कार्रवाई बता रही है.
बलौदाबाजार की राजनीति में हलचल
बलौदाबाजार जिला वैसे भी हाल के महीनों में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहा है. ऐसे में डिप्टी सीएम का यह दौरा और मीडिया से हुई खुली बातचीत जिले की राजनीति में नई हलचल पैदा करती है. साहू समाज जैसे बड़े सामाजिक संगठन के कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री की मौजूदगी को सामाजिक संतुलन और राजनीतिक संदेश दोनों के रूप में देखा जा रहा है.
जनता की नजर अब आगे की कार्रवाई पर
डिप्टी सीएम अरुण साव के बयान के बाद अब सवाल यह है कि आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां और क्या कार्रवाई करती हैं. क्या कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई का सिलसिला यहीं थमेगा या और नाम सामने आएंगे, यह आने वाला समय बताएगा. वहीं, विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर रहने के मूड में नजर आ रहा है.

