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पहाड़ों पर भी तेज़ होगी इंटरनेट की चाल, दूरसंचार विभाग ने 26 GHz बैंड पर शुरू किया 5G परीक्षण

डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशन ने 26 गीगाहर्ट्ज़ बैंड पर 5G सेवाओं से संबंधित रोलआउट परीक्षण शुरू किया है. इससे राज्य में 5G सेवाओं की क्वॉलिटी बढ़ेगी.

हिमाचल में 26 GHz बैंड पर 5G परीक्षण
हिमाचल में 26 GHz बैंड पर 5G परीक्षण (कॉन्सेप्ट इमेज)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 7, 2026 at 7:35 AM IST

3 Min Read
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शिमला: इंटरनेट के युग में आज तेज इंटरनेट कनेक्शन हर किसी की जरूरत बन गया है. अच्छी और तेज़ इंटरनेट कनेक्टिविटी का सीधा मतलब है काम में तेज़ी और बेहतर कार्य कुशलता. जल्द ही पहाड़ी राज्य में भी इंटरनेट और रफ़्तार पकड़ने वाला है. संचार मंत्रालय के अधीन आने वाले दूरसंचार विभाग ने इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं. राज्य में बेहतर 5G कनेक्टिविटी के लिए डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशन ने 26 गीगाहर्ट्ज़ बैंड पर 5G सेवाओं से संबंधित रोलआउट परीक्षण प्रक्रिया शुरू कर दिया है. इससे राज्य में 5G सेवाओं की क्वॉलिटी बढ़ेगी और अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष रूप से इसका असर देखने को मिलेगा.

राज्य के इन दो शहरों में किया गया परीक्षण

प्रदेश में 5G सर्विसेज 26 गीगाहर्ट्ज़(GHz) फ्रिक्वेंसी बैंड पर चलाने के लिए तैयारी की जा रही है. पहले चरण में राज्य के दो शहरों हमीरपुर और ऊना में इसका परीक्षण किया गया है. केंद्रीय दूरसंचार विभाग हिमाचल प्रदेश के अपर महानिदेशक अनिल कुमार गुप्ता और सहायक महानिदेशक नीरज ने ऊना और हमीरपुर में 26 GHz फ्रिक्वेंसी बैंड पर शुरू की गई 5G सेवाओं का विस्तृत परीक्षण किया. राज्य में भारती एयरटेल टेलिकॉम कंपनी ने 26 GHz फ्रिक्वेंसी बैंड पर 5G सेवाओं शुरू की हैं, जिसके माध्यम से प्रदेश में 5G नेटवर्क का विस्तार कर डिजिटल कनेक्टिविटी को और अधिक मज़बूत किया जाएगा.

हिमाचल के डिजिटल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

केंद्रीय टेलीकम्युनिकेशन विभाग की और से किए गए इस परीक्षण में यह सुनिश्चित किया गया था कि 5G सेवाएं पूर्ण रूप से तकनीकी पैरामीटर के अनुरूप चलें, ताकि उपभोक्ताओं को हाई क्वालिटी और रिलायबल सर्विसिज उपलब्ध करवाई जा सकें. दूरसंचार विभाग का ऊना और हमीरपुर में 26 GHz बैंड पर 5G सेवाओं का रोलआउट परीक्षण हिमाचल प्रदेश के डिजिटल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इससे आने वाले समय में राज्य को आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाने में सहायता होगी.

क्या है 26 GHz फ्रिक्वेंसी बैंड

सुपर फास्ट इंटरनेट के दौर में भारत आज तेज़ और मज़बूत 5G कनेक्टिविटी बनाने में लगा हुआ है. 26 GHz एक तरह का फ्रिक्वेंसी बैंड है जो 5G का हाई-फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम है. लगभग 24 GHz से 28 GHz के बीच आने वाले इस हाई-फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम को भारत में 5G सेवाओं के भविष्य की तकनीक माना जा रहा है. इस बैंड की सबसे बड़ी खूबी है, इसके ज़रिए मिलने वाली अत्यधिक तेज डेटा स्पीड. 26 GHz बैंड पर सैद्धांतिक रूप से 1 GB प्रति सेकेंड से लेकर 10 GB प्रति सेकेंड तक की स्पीड मिल सकती है. 4G और लो-बैंड 5G की तुलना में ये कई गुना अधिक है. इसके अलावा बेहद कम लेटेंसी होने से रियल-टाइम एप्लिकेशन बेहतर काम करते हैं. ऑनलाइन गेमिंग, AR/VR, स्मार्ट फैक्ट्री, और ऑटोनॉमस वाहन चलना इसकी मदद से संभव हो सकता है. ये बैंड विशेष तौर पर शहरी क्षेत्रों, स्टेडियम, एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल एरिया और स्मार्ट सिटी में बेहद उपयोगी माना जा रहा है.

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