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पटना में डेंगू से पहली मौत, 10 दिनों में 40 नए मामलों की पुष्टि, हॉटस्पॉट बनी राजधानी

पटना में डेंगू से पहली मौत का मामला सामने आया है. पीड़ित एक स्कूल कर्मचारी की मौत हो गयी है. रिपोर्ट-कृष्णनंदन

Dengue outbreak in Patna
पटना में डेंगू जानलेवा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : September 2, 2026 at 10:58 AM IST

3 Min Read
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पटना: पटना में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. मंगलवार को कुर्जी निवासी 30 वर्षीय स्कूल कर्मचारी इंद्रदेव दास की इलाज के दौरान मौत हो गई. वह लोयोला हाईस्कूल में कर्मचारी थे और मूल रूप से झारखंड के सिमडेगा का रहने वाला था.

इलाज के दौरान लगातार गिरे प्लेटलेट्स: परिजनों के अनुसार पिछले करीब पांच दिनों से उसकी तबीयत खराब थी और उसे कुर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी. इलाज के दौरान प्लेटलेट्स लगातार गिरते गए और मंगलवार दोपहर उसकी मौत हो गई.

Dengue outbreak in Patna
पटना में डेंगू पीड़ित झारखंड निवासी की मौत (ETV Bharat)

सीजन की पहली मौत: इसे पटना में इस सीजन डेंगू से पहली मौत बताया जा रहा है. हालांकि, सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र मंडल ने कहा कि उन्हें अभी मौत की सूचना नहीं मिली है. मौत डेंगू से ही हुई है या किसी अन्य वजह से, इसकी जांच की जाएगी.

"मौत के कारण का पता लगाया जा रहा है. सितंबर और अक्टूबर में डेंगू का प्रकोप अधिक रहता है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से फीवर मास सर्वे कराया जा रहा है और जहां डेंगू के मरीज मिल रहे हैं, वहां फॉगिंग भी कराई जा रही है." -डॉ. योगेंद्र मंडल, सिविल सर्जन

हॉटस्पॉट बनता जा रहा पटना: पटना में डेंगू के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं. 31 अगस्त तक राजधानी में इस साल 167 मामले सामने आ चुके थे. अगस्त में ही 97 मरीज मिले, जबकि पिछले 10 दिनों में 40 नए मामलों की पुष्टि हुई है. कंकड़बाग, अशोक नगर और हनुमान नगर समेत कई इलाके हॉटस्पॉट के तौर पर सामने आए हैं.

जमा पानी साफ करना सबसे जरूरी: डेंगू से बचाव को लेकर पटना के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दिवाकर तेजस्वी का कहना है कि मच्छरों से बचाव सबसे जरूरी है. घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए, क्योंकि इसी में डेंगू फैलाने वाले मच्छर पनपते हैं. इसलिए आसपास सफाई रखें

कूलर और गमलों की नियमित सफाई: कूलर, गमले, छत पर रखे बर्तन और अन्य जगहों पर जमा पानी नियमित रूप से साफ करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मच्छरों से बचने के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने और दिन में भी मच्छर से बचाव के उपाय करने चाहिए.

"डेंगू होने पर शरीर में पानी की कमी न होने दें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ और ओआरएस लें. बुखार में डॉक्टर की सलाह से पैरासिटामोल लिया जा सकता है, जबकि एस्पिरिन और सामान्य दर्द निवारक दवाओं से बचना चाहिए." -डॉ. दिवाकर, वरिष्ठ चिकित्सक

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