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वाराणसी दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू; एक मकान पर चला हथौड़ा, ड्रोन से की जा रही निगरानी

एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि तीन थानों की फोर्स के साथ डेढ़ सौ से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया.

दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू
दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू (Photo credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 7, 2026 at 7:06 PM IST

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वाराणसी : दालमंडी चौड़ीकरण को लेकर बुधवार को एक बार फिर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई है. लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की तरफ से 5 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया गया था जो खत्म होने के बाद अब कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इसके तहत तीन मकान पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होनी है. जिसमें आज एक मकान को गिराने की कार्रवाई की गई. इस दौरान भारी पुलिस फोर्स और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में एंट्री प्वाइंट्स के दोनों रास्तों को बंद कर दिया गया.

दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू (Video credit: ETV Bharat)

एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी का कहना है कि कार्रवाई चल रही थी, लेकिन कुछ प्रशासनिक कार्यों की वजह से इसे रोका गया था. पहले 6 मकान तोड़े जा चुके थे और अब सातवां मकान तोड़ा जा रहा है. एक मकान अन्य वजह से तोड़ा गया था, जो अवैध घोषित किया गया था. ड्रोन के जरिए पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है.

उन्होंने बताया कि मौके पर तीन थानों की फोर्स के साथ लगभग डेढ़ सौ से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है. गली के दोनों एंट्री प्वाइंट्स पर बैरिकेडिंग करके रास्ते रोक दिए गए हैं. पैरामिलिट्री फोर्सेस और पीएसी के जवानों को भी तैनात किया जा चुका है. उन्होंने बताया कि दालमंडी में 186 मकान चिन्हित किए गए हैं.

उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 40 मकान की रजिस्ट्री हो गई है. नवंबर के बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को रोका गया था, जिसे दोबारा शुरू किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि बुधवार को तीन मकान तोड़े जाने थे, जिनमें से एक मकान को खुद मकान मालिक की ओर से तुड़वाया जा रहा है, जबकि दूसरे मकान को गिराने की कार्रवाई की जा रही है. इसके बाद एक और मकान है जिसे तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी.

क्या है दालमंडी योजना? : दालमंडी रोड दो रास्तों (नई सड़क और चौक) को कनेक्ट करती है. यह रास्ता करीब 650 मीटर लंबा है, जो बेहद सकरा और अतिक्रमण की जद में है. पूरी मार्केट मिनी पालिका बाजार के नाम से जानी जाती है. यहां पर कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान, मोबाइल एसेसरीज सहित कई जरूरत के सामानों का होलसेल बाजार है.

काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और भीड़ को देखते हुए यह दूसरे रास्ते के विकल्प के तौर पर तैयार किया जाएगा. पहले इस सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जाना था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 17.5 मीटर किया गया है. इस प्रोजेक्ट में कुल 186 मकान के गिराए जाने की कार्रवाई होनी है. जिसमें से 12 मकान वाराणसी विकास प्राधिकरण में बिना नक्शा पास कारण बनवाए जाने की वजह से अवैध घोषित किए हैं. अब तक लगभग 40 मकान की रजिस्ट्री हुई है, जिसमें से 6 मकान गिराए गए हैं. सातवां मकान गिराया जा रहा है. इस सप्ताह तीन मकानों को गिराया जाना है.

क्या है प्लान : दालमंडी वाले इस रास्ते को विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए एक नए रास्ते के रूप में डेवलप करने का प्लान पिछले दिनों तैयार किया गया था. इस सड़क को चौड़ा करने के लिए 200 करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट तैयार किया गया था. इसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो करोड़ रिलीज भी कर दिए गए हैं. इस बजट से यहां पर अतिक्रमण हटाने से लेकर मुआवजा की राशि देने तक का काम जारी है.

प्रोजेक्ट पर आएगा 225 करोड़ रुपए का खर्च : दालमंडी प्रोजेक्ट नई सड़क को चौक थाने से विश्वनाथ धाम को जाने वाली सड़क से जोड़ने का प्रोजेक्ट है. इस प्रोजेक्ट पर करीब 225 करोड़ खर्च आना है. 600 मीटर लम्बी सड़क को 17.4 मीटर चौड़ा करना है.

पीडब्ल्यूडी की तरफ से तैयार किया गया दाल मंडी का एक 3D वीडियो भी सामने आया है. लेआउट के मुताबिक, सड़क के मध्य से 8.2, 8.2 मीटर चौड़ीकरण का कार्य पूरा किया जाना है. 17.4 मीटर चौड़ीकरण होने के बाद दिल्ली और बेंगलुरु जैसी आधुनिक सड़क के साथ हरियाली और बेहतरीन फुटपाथ का एक लेआउट तैयार किया गया है. दालमंडी में तारों का जंजाल हटाने के साथ ही सारी व्यवस्था यहां अंडर ग्राउंड की जाएगी. 650 मीटर की सड़क पूरी तरह से नो वायर जोन होगी.

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