ETV Bharat / state

गैंगस्टर, माफिया, गुंडे मवाली के लिए भगवान बाहुबली के नाम का दुरुपयोग करना कानूनन अपराध हो, सिविल सोसायटी की मांग

सिविल सोसायटी ने जैन धर्म के आराध्य भगवान बाहुबली के नाम के दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग की. इसे लेकर PM को पत्र लिखा.

Lord Bahubali Word Controversy
सिविल सोसायटी ने जैन धर्म के आराध्य भगवान बाहुबली के नाम के दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग की (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
author img

By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : January 5, 2026 at 5:03 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

रायपुर: छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने जैन धर्म के आराध्य भगवान बाहुबली के पवित्र नाम के दुरुपयोग को बंद करने की मांग की है. इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने के लिए उन्हें पत्र भी लिखा गया है. सोसायटी की ओर से प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि भगवान बाहुबली अहिंसा, तप, त्याग और आत्मसंयम के सर्वोच्च प्रतीक हैं. वे न केवल जैन समाज, बल्कि सम्पूर्ण भारतीय संस्कृति में उच्च नैतिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं.

बाहुबली शब्द का हो रहा गलत इस्तेमाल: छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी के संयोजक डॉक्टर कुलदीप सोलंकी ने पत्र में चिंता जताई गई है कि वर्तमान समय में बाहुबली जैसे पवित्र नाम का प्रयोग अपराधी, गैंगस्टर और माफिया तत्वों के लिए किया जाता है. इसे मीडिया, OTT प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और यहां तक कि कुछ प्रशासनिक दस्तावेजों में भी कहा जाता है. यह प्रवृत्ति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि इससे भगवान बाहुबली के सम्मान को ठेस पहुंचती है.

इस तरह के शब्द प्रयोग समाज में नकारात्मक मानसिकता को बढ़ावा देते हैं और धार्मिक प्रतीकों का अनादर करते हैं. जैन समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं.- कुलदीप सोलंकी

Lord Bahubali Word Controversy
गैंगस्टर, माफिया, गुंडे मवाली के लिए भगवान बाहुबली के नाम का दुरुपयोग करना कानूनन अपराध हो (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

सरकार लाए दिशा-निर्देश: छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक ने आगे बताया कि पत्र में आग्रह किया है कि सरकार इस गंभीर विषय पर संज्ञान ले और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे. इन निर्देशों के माध्यम से सार्वजनिक भाषा, मीडिया, ओटीटी, सोशल मीडिया, राजनीति और प्रशासनिक संवाद में भगवान बाहुबली और अन्य धार्मिक आराध्यों के नामों के आपत्तिजनक दुरुपयोग को दंडनीय अपराध घोषित किया जाए.

छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी का मानना है कि इस प्रकार के ठोस कदम से सामाजिक सौहार्द, धार्मिक सम्मान और भारतीय सांस्कृतिक गरिमा की रक्षा संभव हो सकेगी. पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी भेजी गई है. डॉ. सोलंकी ने विश्वास जताया है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार इस संवेदनशील विषय पर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करेगी.

साल में एक बार खुलता है मंदिर, रियासतकालीन परंपरा, ऐतिहासिक मेले में जुटते हैं देवी देवता
शिवरीनारायण में गोवा जैसे नजारा, पर्यटकों को लुभा रहा नदियों के संगम स्थल का टापू
ब्रश करते समय फटी गर्दन की नस, मेकाहारा के डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी से बचाई मरीज की जान