वाहनों की उम्र पर केंद्र का अधिकार, हिमाचल ने कॉन्ट्रैक्ट कैरिज की आयु 15 साल करने की उठाई मांग
ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (एआईटीपी) वाहनों को मिली 15 साल की उम्र. अब कॉन्ट्रैक्ट कैरिज ऑपरेटरों को भी फैसले का इंतजार.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 27, 2026 at 8:33 AM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश में कॉन्ट्रैक्ट कैरिज वाहनों की आयु सीमा को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच प्रदेश सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है. मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 59 के तहत वाहनों की आयु सीमा निर्धारित करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है. ऐसे में राज्य सरकार अपने स्तर पर कॉन्ट्रैक्ट कैरिज वाहनों की निर्धारित आयु सीमा में बदलाव नहीं कर सकती. प्रदेश सरकार ने अब केंद्र के समक्ष इन वाहनों की मौजूदा 12 वर्ष की आयु सीमा को बढ़ाकर 15 वर्ष करने का मामला उठाया है. सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि केंद्र सरकार ने ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (एआईटीपी) के तहत संचालित वाहनों की आयु सीमा 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी है. यह व्यवस्था 1 अप्रैल, 2026 से लागू हो चुकी है. प्रदेश सरकार का मानना है कि इसी तर्ज पर कॉन्ट्रैक्ट कैरिज वाहनों के लिए भी 15 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित की जानी चाहिए.
एआईटीपी से 1,009 ऑपरेटरों को मिला लाभ
सरकार ने कहा कि जब तक कॉन्ट्रैक्ट कैरिज वाहनों की आयु सीमा को लेकर केंद्र सरकार का निर्णय नहीं आता, इच्छुक ऑपरेटर नियमानुसार एआईटीपी के तहत आवेदन कर सकते हैं. वाहन एवं एआईटीपी पोर्टल का संचालन और प्रबंधन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा किया जाता है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल, 2026 से अब तक 1,009 ऑपरेटर एआईटीपी पोर्टल के माध्यम से इस व्यवस्था का लाभ उठा चुके हैं. प्रदेश सरकार ने कहा है कि वह कॉन्ट्रैक्ट कैरिज ऑपरेटरों के हितों को लेकर संवेदनशील है और इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रखती रहेगी.
फिटनेस जांच के लिए ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर पर जोर
प्रदेश में वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए स्वचालित परीक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं. केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 62 के तहत वाहनों की फिटनेस जांच स्वचालित परीक्षण केंद्रों के माध्यम से किए जाने की व्यवस्था है. हिमाचल में सरकारी क्षेत्र में बद्दी, हरोली और नादौन में तीन स्वचालित परीक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं. वहीं, निजी क्षेत्र में कांगड़ा के रानीताल, मंडी के कांगू, बिलासपुर, नालागढ़ और पांवटा साहिब में पांच केंद्र स्थापित करने की स्वीकृति दी गई है. इनमें रानीताल और कांगू के केंद्र कार्यशील हो चुके हैं, जबकि अन्य स्थानों पर काम जारी है.
पांच और निजी ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर होंगे स्थापित
सरकार ने निजी क्षेत्र में पांच और स्वचालित परीक्षण केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है. इनमें कांगड़ा जिले में जसूर/डमटाल और पालमपुर, सिरमौर में काला अंब, कुल्लू में भुंतर और चंबा में बनीखेत शामिल हैं. वहीं, सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कांगड़ा जिले में वाहनों की फिटनेस जांच पुरानी पद्धति से किए जाने का मामला भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया है. केंद्र सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है. प्रदेश सरकार का कहना है कि वाहनों की फिटनेस, आयु सीमा और परमिट से जुड़े मामलों में वह ऑपरेटरों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठा रही है. अब कॉन्ट्रैक्ट कैरिज वाहनों की आयु सीमा 15 वर्ष करने को लेकर अंतिम फैसला केंद्र सरकार के स्तर पर होना है.
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