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मुजफ्फरनगर नगर पालिका में 11 गांव शामिल करने की मांग खारिज, 22 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव हुआ था पारित

आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद 29 सितंबर 2022 को अधिसूचना जारी हुई, जिसमें केवल 11 गांव ही शामिल किए गए.

इलाहाबाद हाईकोर्ट.
इलाहाबाद हाईकोर्ट. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : July 6, 2026 at 9:34 PM IST

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प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर में 11 और गांवों को शामिल करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी है. यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने दिया है.

मोहम्मद खालिद की जनहित याचिका में कहा गया था कि वर्ष 2008 में नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर ने 22 गांवों को अपनी सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव पारित किया था. आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद 29 सितंबर 2022 को अधिसूचना जारी हुई, जिसमें केवल 11 गांव ही शामिल किए गए.

याची का कहना था कि शेष 11 गांवों को बाहर रखने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया. गत 27 अप्रैल को इस संबंध में एक प्रतिवेदन राज्य सरकार को दिया गया था, जिसके निस्तारण की मांग करते हुए याचिका की गई.

कोर्ट ने कहा कि यूपी म्युनिसिपलिटीज एक्ट 1916 की धारा 3 व 4 और संविधान के अनुच्छेद 243क्यू के तहत आवश्यक प्रक्रिया अपनाने के बाद ही अधिसूचना जारी की गई थी.

कोर्ट ने यह भी कहा कि याची ने बिना यह जांचे कि अधिसूचना जारी करने से पहले उचित प्रक्रिया अपनाई गई थी या नहीं, सतही आरोपों के आधार पर याचिका कर दी. अधिसूचना 29 सितंबर 2022 को जारी हुई थी लेकिन याची ने चार साल से अधिक समय तक यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया, इसका कोई ठोस कारण याचिका में नहीं दिया गया, सिवाय इस मौखिक दावे के कि मामला उठाया जा रहा था.

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब राज्य सरकार ने अधिनियम के प्रावधानों के तहत उचित प्रक्रिया अपनाकर अधिसूचना जारी कर दी है तो जनहित याचिका के माध्यम से 11 और गांवों को शामिल करने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती. कोर्ट ने कहा कि याचिका में कोई दम नहीं है और इसे खारिज किया जाता है.

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