सबसे अधिक राजस्व देने वाले धनबाद रेल मंडल को जोन बनाने की उठी मांग, संसदीय समिति की बैठक में हुई चर्चा
संसदीय समिति की बैठक में धनबाद को रेलवे जोन बनाने की मांग की गई है.


Published : July 8, 2026 at 8:11 PM IST
धनबाद: देश के सबसे अधिक राजस्व अर्जित करने वाले रेल मंडलों में शामिल धनबाद को रेलवे जोन का दर्जा देने की मांग एक बार फिर जोर-शोर से उठी है. धनबाद मंडल संसदीय समिति की बैठक में क्षेत्र के सांसदों ने नई ट्रेनों के परिचालन, ट्रेनों के ठहराव, मार्ग विस्तार, फेरे बढ़ाने और यात्री सुविधाओं को लेकर रेलवे अधिकारियों के समक्ष कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे. जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि धनबाद को रेलवे जोन बनाया जाता है तो न केवल रेल संचालन को मजबूती मिलेगी, बल्कि पूरे कोयलांचल के विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी.
संसदीय समिति की बैठक में रेलवे से मुद्दों पर चर्चा
धनबाद मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में आयोजित संसदीय समिति की बैठक में रेलवे से जुड़े जनहित के मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई. बैठक की अध्यक्षता पलामू सांसद वीडी राम ने की, जबकि पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक समेत मंडल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. बैठक के दौरान धनबाद सांसद ढुल्लु महतो ने कहा कि धनबाद रेल मंडल देश के सबसे अधिक राजस्व अर्जित करने वाले मंडलों में शामिल है और कोयला लदान में भी इसकी अहम भूमिका है. ऐसे में धनबाद को रेलवे जोन का दर्जा दिया जाना चाहिए. उन्होंने जम्मू जाने वाली ट्रेन को कटरा तक विस्तारित करने, गंगा-दामोदर एक्सप्रेस को पटना से आगे बक्सर तक चलाने, बक्सर के लिए नई ट्रेन शुरू करने तथा कई ट्रेनों के नियमित परिचालन की भी मांग रखी.
रेल विकास के मुद्दे उठाए गए
बैठक में पलामू, चतरा और गिरिडीह संसदीय क्षेत्रों से जुड़े रेल विकास के मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए. सांसदों ने नई रेल परियोजनाओं में तेजी लाने, विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव की व्यवस्था करने, मार्ग विस्तार, यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा लंबित योजनाओं को जल्द पूरा करने की मांग की. चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने अपने क्षेत्र की दो प्रमुख रेल समस्याओं को उठाया, जबकि गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने भी क्षेत्र की रेल जरूरतों को विस्तार से रखा.

रेलवे अधिकारियों ने दिया भरोसा
संसदीय समिति की बैठक का उद्देश्य सांसदों के माध्यम से जनता की रेल संबंधी समस्याओं और मांगों को सीधे रेलवे प्रशासन तक पहुंचाना तथा उनके समाधान की दिशा में पहल करना है. बैठक में रेलवे अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए भरोसा दिलाया कि जिन प्रस्तावों का समाधान मंडल स्तर पर संभव होगा, उन पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी. वहीं नीति स्तर से जुड़े मामलों को रेलवे बोर्ड और संबंधित उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि यात्री सुविधाओं के विस्तार और रेल सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम लगातार उठाए जाएंगे.
ये भी पढ़ें:

