ETV Bharat / state

निर्दोष आदिवासियों की रिहाई की मांग, विधायक विक्रम मंडावी ने सीएम विष्णुदेव साय को लिखा पत्र

कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने सीएम विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों को छोड़ने की मांग की है.

Demand for release of innocent
निर्दोष आदिवासियों की रिहाई की मांग (Etv Bharat)
author img

By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : June 30, 2026 at 4:45 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

बीजापुर : बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने नक्सली मामलों में वर्षों से जेलों में बंद निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की रिहाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है. अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि बस्तर संभाग आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है और बीजापुर लंबे समय तक नक्सल प्रभावित जिला रहा है. इस दौरान बड़ी संख्या में ऐसे गरीब और निर्दोष आदिवासी ग्रामीण भी झूठे मामलों में गिरफ्तार होकर जेल पहुंचे, जो आज भी वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं.


आर्थिक रुप से कमजोर हुए शिकार

विधायक मंडावी ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि इन ग्रामीणों में अधिकांश लोग आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं तथा कम शिक्षित होने के कारण वे न्यायालय में प्रभावी ढंग से अपनी पैरवी नहीं कर पाते. आर्थिक तंगी के चलते अच्छे अधिवक्ता उपलब्ध नहीं हो पाते, जिसके कारण अनेक निर्दोष आदिवासी वर्षों से जेलों में बंद रहने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की मानवीय दृष्टिकोण से समीक्षा किया जाना आवश्यक है.


निर्दोष आदिवासियों को छोड़ने की मांग

पत्र में विधायक ने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में बस्तर क्षेत्र तेजी से नक्सल मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ चुका है.राज्य सरकार की नीति के तहत हथियारबंद नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने पर उन्हें पुनर्वास और मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया जा रहा है.ऐसे में उन निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों के प्रति भी संवेदनशीलता दिखाई जानी चाहिए, जो नक्सली मामलों में जेलों में बंद हैं और वर्षों से न्याय का इंतजार कर रहे हैं.

Letter written to Chief Minister Vishnu Deo Sai
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखा पत्र (ETV BHARAT CHHATTISHGARH)


विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सरकार विशेष पहल करते हुए ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कराए. जिन आदिवासियों के खिलाफ गंभीर और ठोस साक्ष्य नहीं हैं या जो निर्दोष पाए जाते हैं, उन्हें माफी देकर शीघ्र रिहा किया जाए. उन्होंने कहा कि इससे आदिवासी समाज का न्याय व्यवस्था और सरकार के प्रति विश्वास और मजबूत होगा तथा सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा मिलेगा.

विधायक ने कहा कि सरकार यदि इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेती है तो इससे अनेक गरीब आदिवासी परिवारों को राहत मिलेगी, जो वर्षों से अपने परिजनों की रिहाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री इस संवेदनशील विषय पर मानवीय आधार पर विचार करेंगे और निर्दोष आदिवासियों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे.यह मांग ऐसे समय में सामने आई है, जब बस्तर में शांति, विकास और विश्वास बहाली की दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है.


बुलडोजर के बाद भरोसे का दावा, 60 परिवारों को मिला नया आशियाना, सरकार बोली नहीं होगा अन्याय

ड्रग्स तस्कर मुकेश बनिया की संपत्ति सीज, सफेमा की तहत हुई कार्रवाई

कोसरंडा हूलतराई पुल निर्माण के गुणवत्ता की जांच, विधायक विक्रम उसेंडी ने किया निरीक्षण