केदारनाथ यात्रा से पहले पड़ावों पर कूड़ा संकट, व्यापारियों ने उठाई ठोस निस्तारण की मांग
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर कूड़ा स्थानीय लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ है. लोगों ने प्रशासन से निस्तारण की गुहार लगाई है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : March 1, 2026 at 10:29 AM IST
रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलने की तिथि नजदीक आते ही यात्रा पड़ावों पर स्वच्छता और कूड़ा प्रबंधन को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बढ़ने लगी है. व्यापार संघ गौरीकुंड, सोनप्रयाग, सीतापुर, रामपुर, शेरसी तथा फाटा के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन से ठोस कूड़ा निस्तारण व्यवस्था लागू करने की मांग की है.
व्यापारियों का आरोप है कि सफाईकर्मी बाजारों में सफाई करने के बाद कूड़े को नदी-नालों में डाल देते हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है और यात्रा की छवि भी धूमिल हो रही है. उनका कहना है कि कूड़ा प्रबंधन को लेकर कई बार प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकला.व्यापार संघ प्रतिनिधियों ने बताया कि यात्रा सीजन के दौरान एक छोटा वाहन कूड़ा उठाने आता है, लेकिन कूड़े की अधिक मात्रा के कारण अधिकांश कूड़ा ढेरों में ही पड़ा रह जाता है.
यात्रा समाप्त होने के बाद शीतकाल में भी फाटा बाजार के समीप जंगलों में कूड़ा बिखरा पड़ा है, जिससे भालू समेत अन्य जंगली जानवर आबादी की ओर आकर्षित हो रहे हैं. स्थानीय ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब इस समय अधिकांश होटल और लॉज बंद हैं, तो फिर इतनी बड़ी मात्रा में कूड़ा यहां कैसे पहुंच रहा है. उन्होंने जंगलों में फैले कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण की मांग की है. शेरसी के होटल कारोबारी अशोक सेमवाल ने बताया कि पिछले वर्ष बाजार के एक छोर पर अस्थायी डंपिंग जोन बनाया गया था, जहां शेरसी-बड़ासू के साथ अन्य स्थानों का कूड़ा भी डाला गया.
ग्रामीणों के विरोध के बावजूद यात्रा के बाद कूड़े का निस्तारण नहीं हुआ, जिससे कूड़े के ढेर पर भालू आने लगे. बाद में ग्रामीणों ने मजबूर होकर कूड़े में आग लगा दी. फाटा के होटल कारोबारी सुनील सेमवाल ने बताया कि यात्रा सीजन में जिला पंचायत के सफाई कर्मी कूड़ा एकत्र कर वाहन से अन्यत्र ले जाते हैं, लेकिन कई बार वाहन के समय पर न पहुंचने से कूड़ा जंगलों या नालों में फेंक दिया जाता है.
यही कूड़ा जंगली जानवरों को आबादी की ओर खींच रहा है. व्यापारियों और ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रत्येक यात्रा पड़ाव पर स्थायी कूड़ा संग्रहण केंद्र, नियमित वाहन व्यवस्था और वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आगामी यात्रा से पूर्व स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त हो सके और श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके. वहीं, मामले में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि यात्रा मार्ग सफाई व्यवस्था बनाए रखने को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं. लापरवाही बरते जाने पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
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