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फतेहपुर में शिक्षा मित्र सुसाइड केस; परिजनों का मुआवजा और नौकरी की मांग पर हंगामा

SDM प्रियंका अग्रवाल ने बताया कि तत्काल राहत के तौर पर साढ़े 7.5 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी.

फतेहपुर में शिक्षा मित्र सुसाइड केस.
फतेहपुर में शिक्षा मित्र सुसाइड केस. (Photo Credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : March 1, 2026 at 12:02 PM IST

3 Min Read
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फतेहपुर: शिक्षा मित्र अखिलेश कुमार सविता की आत्महत्या मामले में माहौल तनावपूर्ण बना रहा. परिजनों ने मुआवजा और नौकरी की मांग की है. इन मांगों पर प्रशासन से लंबी बातचीत चली. प्रशासन ने प्रदेश सरकार को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का प्रस्ताव भेजने पर सहमति जताई है.

मृतक के परिजनों की मांग है कि पत्नी मंजू को 1 महीने के भीतर कस्तूरबा गांधी विद्यालय में नौकरी दी जाए. बेटे यश को इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने के बाद रोजगार दिलाने का आश्वासन भी दिया गया.

SDM का आश्वासन: SDM प्रियंका अग्रवाल ने बताया कि तत्काल राहत के तौर पर साढ़े 7.5 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी. DM को भेजे जाने वाले प्रस्ताव का पत्र स्वजन को व्हाट्सएप पर भेज दिया गया, लेकिन परिजन उसकी हार्ड कॉपी की मांग पर अड़े रहे.

तहसील से हार्ड कॉपी मंगाने की प्रक्रिया के दौरान शव उठाने का प्रयास हुआ तो पुलिस से नोकझोंक और हंगामा हो गया. इसके बाद मौके पर सीओ, तहसीलदार अचलेश कुमार सिंह और नायब तहसीलदार भी पहुंचे. मौके पर SDM के न आने पर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया.

शव उठाने पर हंगामा: परिजन शव को वाहन में रखकर गांव ले गए और घर के बाहर रखकर पत्नी को नौकरी और 10 लाख रुपए मुआवजे की मांग दोहराई. शव उठाने को लेकर बढ़े तनाव के बीच SDM, ASP आदि आलाधिकारी भी मौके पर पहुंचे.

सुसाइड नोट मिला: दिवंगत अखिलेश कुमार की पैंट की जेब से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें BLO/SIR ड्यूटी के दबाव का उल्लेख करते हुए आत्महत्या का कारण बताया गया है. नोट में लिखा है कि 8 मार्च को पारिवारिक कार्यक्रम होने के बावजूद लगातार BLO का काम कराया जा रहा था.

इससे घरेलू काम अधूरे रह गए और मानसिक दबाव बढ़ गया. उन्होंने अपने निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी चुनाव आयोग से लेने की बात भी लिखी है. दिवंगत की पत्नी मंजू ने आरोप लगाया कि SIR के दबाव के कारण ही उनके पति ने यह कदम उठाया. अधिकारियों ने आरोपों से इंकार किया है.

अधिकारियों का इंकार: SDM प्रियंका अग्रवाल ने बताया कि शिक्षा मित्र ने 15 दिन पहले BLO ड्यूटी से मुक्त होने का अनुरोध किया था, जिस पर खंड शिक्षा अधिकारी को अतिरिक्त सहयोगी लगाने और विवाह के लिए अवकाश देने के निर्देश दिए गए थे.

BEO विनोद कुमार ने बताया कि अवकाश प्रक्रिया ऑनलाइन है, लेकिन शिक्षामित्र की ओर से न तो ऑनलाइन और न ही ऑफलाइन कोई आवेदन किया था. हमने सहयोग के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालय अलियाबाद से इंचार्ज प्रधानाध्यापक जया गुप्ता और सहायक अध्यापक दिलीप कुमार को लगाया गया था.

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