'देवभूमि को अपराधियों की शरणस्थली न बनाएं', दिल्ली पुलिस प्रकरण पर जयराम ने सरकार को घेरा
देवभूमि को अपराधियों की शरणस्थली न बनाएं, दिल्ली पुलिस प्रकरण पर जयराम ठाकुर का हमला

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 26, 2026 at 10:48 AM IST
मंडी: शिमला में दिल्ली पुलिस और हिमाचल पुलिस के बीच हुए विवाद को लेकर सियासत तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर चूक बताते हुए प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर कड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की छवि शांति और देव संस्कृति की है, ऐसे में इस तरह की घटनाएं राज्य की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाती हैं.
जयराम ठाकुर ने कहा कि बाहरी राज्य की पुलिस अगर अपराधियों की तलाश में आती है, तो उसे सहयोग मिलना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस को रोके जाने से प्रदेश की छवि पर नकारात्मक असर पड़ा है. उन्होंने कहा, “देवभूमि को अपराधियों की शरणस्थली नहीं बनने दिया जा सकता.” नेता प्रतिपक्ष ने हिमाचल पुलिस को नसीहत देते हुए कहा कि पुलिस अपनी कार्यप्रणाली में ईमानदारी लाए. उन्होंने जोर दिया कि पुलिस सरकार के इशारों पर काम करने के बजाय प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने पर ध्यान केंद्रित करे.
जयराम ने सरकार से जवाब की मांग
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले पर स्पष्ट बयान देने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने कहा कि हिमाचल की पहचान ईमानदारी और शांति से है, इसलिए कानून व्यवस्था के मामलों में पारदर्शिता और सहयोग जरूरी है.
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली पुलिस बीते बुधवार (25 फरवरी) एक मामले की जांच के सिलसिले में हिमाचल आई थी. बताया गया कि दिल्ली में दर्ज केस में कुछ आरोपियों की तलाश में टीम शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र पहुंची और तीन लोगों को हिरासत में लिया. जब दिल्ली पुलिस आरोपियों को लेकर वापस जा रही थी, तो रास्ते में हिमाचल पुलिस ने उन्हें रोक लिया. इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस आमने-सामने आ गई और मामला देर रात तक खिंच गया. अंततः अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद दिल्ली पुलिस आरोपियों को लेकर रवाना हुई. बता दें कि यह मामला AI इंपैक्ट सम्मिट के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन से जुड़ा है.

