दिल्ली में SIR: कैसे भरें एन्यूमरेशन फॉर्म, यहां जानें पूरी डिटेल
दिल्ली में बीएलओ द्वारा दिए जा रहे एन्यूमरेशन फॉर्म भरने को लेकर के लोग अभी भी कंफ्यूज हैं.ऐसे में फॉर्म भरने की प्रक्रिया ऐसे समझें

Published : July 6, 2026 at 4:45 PM IST
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में चल रही एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर अभी भी लोगों के मन में बहुत सारे सवाल बाकी हैं. बीएलओ द्वारा दिए जा रहे एन्यूमरेशन फॉर्म भरने को लेकर के लोग अभी भी कंफ्यूज हैं. ऐसे में फॉर्म भरने की प्रक्रिया को समझना बहुत जरूरी है. इसलिए बीएलओ द्वारा दिए जा रहे फॉर्म को भरने की प्रक्रिया के बारे में दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में कार्यरत डिप्टी सीईओ प्रशांत कुमार प्रसाद ने एक वीडियो के माध्यम से एन्यूमरेशन फॉर्म को भरने के बारे में पूरी जानकारी दी है. किस तरह एसआईआर फॉर्म भरना है.
इस तरह भरें एन्यूमरेशन फॉर्म
- प्रशांत कुमार प्रसाद के अनुसार वीडियो में बताया गया है कि सबसे पहले जो एन्यूमरेशन फॉर्म बीएलओ के द्वारा दिया जाएगा, उसमें ऊपर बीएलओ का नाम और फोन नंबर लिखा होगा
- साथ ही अगर आपके नाम का फॉर्म है तो आपका नाम भी उसमें पहले से लिखा हुआ होगा. फार्म में एक-एक करके सारी जानकारी भरनी है और उसमें कहीं भी कंफ्यूज नहीं होना है.
- वीडियो के माध्यम से आप अपना कन्फ्यूजन दूर कर सकते हैं. डिप्टी सीईओ ने बताया है कि कॉलम एक में सबसे पहले वोटर को अपनी जानकारी देनी है.
- उसके बाद पार्ट 2 में एसआईआर की मैपिंग के कॉलम दिए गए हैं, जिसमें एक कॉलम सेल्फ मैपिंग का है, जिसमें अगर आपका नाम 2002 के दिल्ली के एसआईआर की लिस्ट में शामिल था तो आपको लेफ्ट साइड वाला कॉलम भरना है.
- अगर आपका नाम 2002 वाले एसआईआर में नहीं था तो आपको राइट साइड वाला जो फैमिली मैपिंग का कॉलम दिया गया है उसमें आपको अपने माता पिता की लास्ट एसआईआर की जानकारी भरनी है.
- माता-पिता का जिस राज्य में भी उस समय वोट रहा होगा उसका डिटेल, राज्य का नाम, जिले का नाम, विधानसभा सीट का नाम और उनकी मतदाता की क्रम संख्या उसमें भरनी है. उससे आपकी मैपिंग हो जाएगी.
- डिप्टी सीईओ ने बताया है कि कई लोग इस बात को लेकर के कंफ्यूज रहते हैं कि अगर माता-पिता एक्सपायर हो गए हैं तो क्या उनका नाम फॉर्म में लिखना है या नहीं लिखना है?
- इसमें बिल्कुल भी कंफ्यूज नहीं होना है. माता-पिता अगर एक्सपायर हो गए हैं तो भी उनका नाम एन्यूमरेशन फॉर्म में भरना है.
- फार्म में दिए गए स्थान पर अपना एक लेटेस्ट रंगीन पासपोर्ट साइज का फोटो भी चिपकाना अनिवार्य है.
- एसआईआर फॉर्म में भी आपका जो फोटो वोटर लिस्ट में था वह प्रिंट होकर आएगा. उसके बगल में ही आपको नया एक फोटो लगाना है.
फॉर्म भरने के बाद क्या करें
इस तरह से यह एसआईआर का जो फॉर्म है यह भर के कंप्लीट हो जाता है और इस फॉर्म को भरने के बाद इसकी फोटो कॉपी कराकर भी अपने पास रख सकते हैं. साथ ही इस फॉर्म को बीएलओ के पास भी वापस जमा कर सकते हैं. उसकी रिसीविंग भी ले सकते हैं. साथ ही फॉर्म को डायरेक्ट भी विधानसभा क्षेत्र में बने हुए कार्यालय में जाकर के दे सकते हैं.
दिल्ली “ विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 " जानें SIR के लिए गणना प्रपत्र (Enumeration Form) कैसे भरें
— CEO, Delhi Office (@CeodelhiOffice) July 1, 2026
"कोई योग्य मतदाता छूटे ना, कोई अयोग्य मतदाता जुड़े ना" #sir2026 #SIR_DELHI #ECI@ECISVEEP pic.twitter.com/9dmybvHGud
कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ नरेंद्रनाथ ने प्रक्रिया को बताया जटिल
दिल्ली में चल रहे एसआईआर को लेकर के कांग्रेस नेता एवं दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री डॉ नरेंद्र नाथ ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने एसआईआर की मौजूदा प्रक्रिया को बहुत जटिल बताया है. डॉक्टर नरेंद्र नाथ का कहना है कि दिल्ली के एसआईआर में 2002 में हुए एसआईआर का डाटा मतदाताओं से मांगा जा रहा है. दिल्ली देश की राजधानी है. यहां पर बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों के प्रवासी लोग रहते हैं. इनमें बड़ी संख्या में यूपी बिहार के गरीब तबके के लोग भी शामिल हैं. इनमें बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिनको अपने पिछले डाटा की जानकारी नहीं होगी. पिछले एसआईआर में उनका वोट उनके गृह राज्य में कहीं रहा होगा उसकी जानकारी उनके लिए निकालना संभव नहीं है. वह इतने पढ़े-लिखे भी नहीं है कि वह कहीं से जानकारी निकाल पाए.
हर किसी के लिए अपना 2002 का डाटा निकालना संभव नहीं
ऐसे में गरीब और बिना पढ़े-लिखे लोगों के वोट कटने की प्रबल संभावना है. डॉक्टर नरेंद्रनाथ ने कहा कि मैं चुनाव आयोग से अपील करता हूं कि ऐसे लोगों के लिए चुनाव आयोग कोई सरल रास्ता निकाले ताकि उनका वोट ना कटे. उन्होंने कहा कि दिल्ली में पिछला एसआईआर 2002 में हुआ था. हर किसी के लिए अपना 2002 का डाटा निकलना संभव नहीं है. वैसे भी जो लोग 2002 में वोटर नहीं रहे होंगे उनके लिए अपने माता-पिता का डिटेल निकालना भी अब बहुत मुश्किल है.
कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को बनाया बीएलए 2
डॉ नरेंद्र नाथ ने बताया कि मैं अपनी खुद की शाहदरा विधानसभा में किसी का वोट ना कटे इसके लिए 2002 की वोटर लिस्ट निकलवा रहा हूं. साथ ही सभी बूथों पर वोटर लिस्ट उपलब्ध करा रहा हूं, जिनके माध्यम से हमारे कांग्रेस कार्यकर्ता जो बीएलए 2 बनाए गए हैं वह मतदाताओं को उनका पुराना डेटा देने में मदद करेंगे ताकि उनकी मैपिंग हो जाए.डॉ नरेंद्र नाथ ने बताया कि शाहदरा विधानसभा का 2002 के समय विधानसभा संख्या 44 थी. अब विधानसभा संख्या 62 हो गई है तो इस तरह से लोगों को डिटेल ढूंढने में दिक्कत आ रही है. लेकिन हम अपने स्तर पर जो मदद कर सकते हैं वह कर रहे हैं. लोगों के वोट कटने से बचाना जरूरी है.
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