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दिल्ली-NCR में 24 घंटे में 6 हत्याएं, दो डबल मर्डर से दहली राजधानी; चौंकाते हैं NCRB के आंकड़े!

राजधानी में 24 घंटे में दोहरे हत्याकांड से दहली दिल्ली, अमन विहार और गोविंदपुरी में चार कत्ल, ग्रेटर नोएडा में भी एक हत्या.

दिल्ली-एनसीआर में खूनी तांडव
दिल्ली-एनसीआर में खूनी तांडव (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : May 21, 2026 at 3:30 PM IST

5 Min Read
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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बीते 24 घंटे में कानून-व्यवस्था बेहद कमजोर साबित रही है. बाहरी दिल्ली के अमन विहार और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में हुए दो अलग-अलग सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड से पूरी दिल्ली दहल उठी है. दिल्ली और ग्रेटर नोएडा में महज 24 घंटे के भीतर पांच लोगों को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं. इन वारदातों ने एक बार फिर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था और लोगों के भीतर खत्म होते कानून के खौफ पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ-साथ फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीमों ने दोनों घटनास्थलों का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं.

अमन विहार में दो नाबालिगों की हत्या

रोहिणी जिले के अमन विहार थाना इलाके में बुधवार को गैंगवार और बदले की नीयत से शुरू हुआ विवाद दो नाबालिगों की मौत के साथ खत्म हुआ. डीसीपी शशांक जायसवाल से मिली जानकारी के मुताबिक, सुल्तानपुरी इलाके के रहने वाले दो नाबालिग लड़के अपने एक दोस्त की हत्या का बदला लेने के लिए हथियारों से लैस होकर अमन विहार थाने के अंतर्गत आने वाले रोहिणी सेक्टर 20 पहुंचे थे. आरोप है कि दोनों का पहले आरोपी के साथ झगड़ा हुआ. इसी दौरान आरोपी ने खुद को बचाने के लिए दोनों युवकों से चाकू छीन लिया और उन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए. पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

दोहरे हत्याकांड से दहली दिल्ली (ETV Bharat)

गोविंदपुरी में घर में घुसकर मां-बेटे का कत्ल

वहीं, दूसरी खौफनाक वारदात दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके से सामने आई है, जहां देर रात अज्ञात बदमाशों ने घर में घुसकर एक मां और उसके बेटे की धारदार हथियारों से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी. घटना के वक्त दोनों घर के भीतर ही मौजूद थे. हमलावरों ने इतनी बेरहमी से वार किए कि दोनों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और मौके पर ही कमरे के भीतर खून के फव्वारे बह निकले. देर रात जब महिला का पति घर पहुंचा तब पुलिस को सूचना दी गई.

पुलिस जब मौके पर पहुंची तो मां-बेटे के शव खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़े मिले. घर का सामान भी बिखरा हुआ था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या से पहले उनके बीच काफी हाथापाई भी हुई होगी. पुलिस आपसी रंजिश और लूटपाट समेत तमाम एंगल से मामले की तफ्तीश कर रही है. इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके. मृतक महिला का पति एक सब्जी व्यापारी है और साप्ताहिक बाजार में दुकान लगाता है.

दिल्ली में हत्या से फैली सनसनी (ETV Bharat)

ग्रेटर नोएडा में बाइक सवार को बदमाशों ने मारी गोली

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बदमाशों ने ड्यूटी पर जा रहे एक युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसे मौत के घाट उतार दिया है. दिल दहला देने वाली यह वारदात इकोटेक थर्ड थाना क्षेत्र के वैदपुरा गांव की है. जानकारी के मुताबिक, बुधवार को एक युवक रोजाना की तरह अपनी ड्यूटी के लिए घर से निकला था. तभी रास्ते में घात लगाए बैठे बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने उसे घेर लिया. युवक पर बाइक बदमाशों ने गोलियां बरसाईं, जिससे युवक की मौत हो गई. पुलिस ने दो टीमों का गठन किया है.

दहल उठी दिल्ली: अन्य इलाकों में भी चली गोलियां

इन दो बड़े दोहरे हत्याकांडों के अलावा उत्तर-पूर्वी दिल्ली और बाहरी-उत्तरी दिल्ली के इलाकों से भी मंगलवार को हिंसक झड़प और सरेआम फायरिंग की खबरें सामने आई हैं. शाहदरा और वेलकम इलाके के समीप भी पुरानी रंजिश के चलते एक युवक को गोली मारी गई. चौबीस घंटे के भीतर हुई इन ताबड़तोड़ वारदातों के बाद दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों ने गश्त बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश जारी किए हैं.

एनसीआरबी के आंकड़े दे रहे गवाही

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के हालिया आंकड़े भी इस बात की तस्दीक करते हैं कि महानगरों में दिल्ली अपराध के मामले में संवेदनशील पायदान पर बनी हुई है. एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर अन्य सभी 18 महानगरों के औसत से कहीं अधिक है. जहां मुंबई में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के प्रति लाख दर 70-80 के बीच रहती है, वहीं दिल्ली में यह आंकड़ा 180 के पार पहुंच गया है.

एनसीआरबी 2024 का डेटा बताता है कि दिल्ली में बच्चों के खिलाफ अपराध के मामले किसी भी अन्य महानगर से लगभग तीन से चार गुना अधिक हैं. राजधानी दिल्ली में बच्चों के खिलाफ कुल 7662 मामले दर्ज किए गए हैं. इसके विपरीत, बेंगलुरु में यह संख्या मात्र 2026 व पुणे या अहमदाबाद जैसे शहरों में इससे भी कम है. यह आंकड़ा दर्शाता है कि दिल्ली में न सिर्फ महिलाएं, बल्कि मासूम बच्चे भी अपराधियों के निशाने पर सबसे अधिक हैं. इसको लेकर पुलिस का तर्क है कि दिल्ली में ऑनलाइन एफआईआर की सुविधा के कारण अधिक मामले दर्ज होते हैं, लेकिन अन्य महानगरों के मुकाबले यहां की सड़कों पर होने वाले लूट और छपटमारी जैसे अपराध आम नागरिक के मन में डर पैदा करते हैं.

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