डिजिटल डैशबोर्ड यूनिफाइड प्लेटफ़ॉर्म से होगी दिल्ली की योजनाओं की निगरानी
पारदर्शी और परफार्मेंस आधारित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार बहुत जल्द डिजिटल डैशबोर्ड दर्पण शुरू करने जा रही है.

Published : December 22, 2025 at 10:00 PM IST
नई दिल्ली: पारदर्शी और परफॉर्मेंस आधारित शासन की दिशा में दिल्ली सरकार बहुत जल्द ही डिजिटल डैशबोर्ड DARPAN 2.0 शुरू करने जा रही है. यह एडवांस्ड, यूनिफाइड परफॉर्मेंस-मॉनिटरिंग डैशबोर्ड है जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर द्वारा विकसित किया जा रहा है. इसे एक रियल-टाइम, एनालिटिक्स-ड्रिवन प्लेटफॉर्म के तौर पर डिज़ाइन किया जा रहा है. DARPAN 2.0 अलग-अलग सरकारी विभागों को मुख्य योजनाओं और सेवाओं के लिए एकीकृत दृष्टिकोण उपलब्ध कराएगा, जिससे तेजी से परफॉर्मेंस के आधार पर फैसले लेने में मदद मिलेगी.
DARPAN 2.0 प्लेटफ़ॉर्म कई MIS सिस्टम को एक सिंगल विडो, आसान इंटरफ़ेस में इंटीग्रेट करके अलग-अलग डिपार्टमेंट में बिखरे हुए और इनकंसिस्टेंट डेटा की पुरानी चुनौती का समाधान करता है. इसमें डिपार्टमेंट के हिसाब से की परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स लाइव प्रोग्रेस ट्रैकिंग, अर्ली-वॉर्निंग इंडिकेटर्स और तुलनात्मक एनालिटिक्स होंगे, जिससे सरकार को और ज्यादा जवाबदेही और कोऑर्डिनेशन से बेहतर फैसला लेने में उल्लेखनीय वृद्धि होगी.
DARPAN, कई राज्यों में प्रयोग किया हुआ एक सफल और सेंट्रलाइज़्ड मॉडल है, जिसे राजधानी दिल्ली की आवश्यकताओं के अनुसार से कस्टमाइज़ किया जाएगा और सरकार की प्राथमिकता वाली जरूरी योजनाओं को सुरक्षित API के जरिए चरणबद्ध तरीके से जोड़ा जाएगा. इसे 12-16 हफ्तों में अलग-अलग चरणों में लागू किया जाएगा, जिसके आखिर में सभी विभागों के नोडल अधिकारियों को पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी.
सेंट्रलाइज़्ड डैशबोर्ड के बारे में दिल्ली के आईटी मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली में जवाबदेह, डेटा आधारित स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है. डेटा साइलो को खत्म करके और डिपार्टमेंट के परफॉर्मेंस की रियल-टाइम जानकारी देकर यह प्लेटफॉर्म फैसला लेने वालों को तेजी से काम करने, सर्विस डिलीवरी को और बेहतर बनाने और यह पक्का करने में मदद करेगा कि हर योजना लोगों तक असरदार और पारदर्शी तरीके से पहुंचे.
दर्पण 2.0 की प्रमुख विशेषताएं
- रियल-टाइम परफॉर्मेंस इनसाइट्स के माध्यम से बेहतर गवर्नेंस
- तेज़ निर्णय लेने और विभागों के बीच बेहतर तालमेल
- KPI-आधारित निगरानी के माध्यम से बेहतर जवाबदेही
- आईटी बाधाओं का जल्द पता लगाना और बेहतर सेवा वितरण में सुधार करना
- भविष्य में प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, पब्लिक डैशबोर्ड और AI-संचालित इनसाइट्स में विस्तार की मजबूत आधारशिला
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