दिल्ली ब्लास्ट : LNJP अस्पताल में अपनों की तलाश में भटक रहे परिजन, गार्ड और पुलिस नहीं जाने दे रही अंदर
कल लाल किले के पास हुए विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई है. मरने वालों के परिजन एलएनजेपी अस्पताल के बाहर मौजूद हैं.

Published : November 11, 2025 at 8:08 AM IST
|Updated : November 11, 2025 at 8:23 AM IST
नई दिल्ली: दिल्ली में लाल किले के पास आई-20 कार में हुए ब्लास्ट के बाद घटना स्थल पर चीख पुकार मच गई. देखते ही देखते घायलों और मृतकों को लेकर एंबुलेंस लोकनायक अस्पताल की ओर दौड़ने लगी. 28 घायलों को लोकनायक अस्पताल लाया गया, जिनमें से नौ को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. घटना में घायल हुए लोगों ने अपने घर पर फोन करके सूचना भिजवाई कि वह लाल किला ब्लास्ट में घायल हुए हैं और लोकनायक अस्पताल में भर्ती हैं. सूचना मिलते ही परिजन लोकनायक अस्पताल की ओर दौड़ पड़े.
वहीं, लालकिला या चांदनी चौक के पास काम करने वालों के परिजन भी लाल किले की ओर दौड़ पड़े. जब उन्हें लालकिले पर अपने परिवार के सदस्यों के बारे में पता नहीं चला तो वह अपनों की तलाश में वापस लोकनायक अस्पताल पहुंचे. लेकिन, लोकनायक अस्पताल में उन्हें अपने परिजनों से मिलने और यह पता लगाने के लिए कि वह यहां भर्ती हैं कि नहीं इसके लिए अंदर नहीं जाने दिया गया. उन्हें अस्पताल के सुरक्षाकर्मी लगातार अंदर इमरजेंसी में जाने से रोकते रहे और बाहर भगाते रहे.
यूपी के शामली के रहने वाले विरासत ने लोकनायक अस्पताल में ईटीवी भारत से बातचीत करते हुए बताया कि मेरे दो दोस्त नोमान और अमन कपड़े का काम करते थे. दोनों सदर बाजार और चांदनी चौक से खरीदारी करने आए थे. सदर बाजार से खरीदारी करने के बाद उन्होंने मुझसे गाड़ी लेकर चांदनी चौक चलने के लिए कहा और बोला कि चांदनी चौक से भी कपड़े की कुछ खरीदारी कर लेते हैं. मैंने उनसे कहा कि चांदनी चौक में भीड़ की वजह से जाम में फंस जाएंगे. इसकी जगह तुम कोई ऑटो लेकर चांदनी चौक पहुंच जाओ. लेकिन, उसके बाद से दोनों का कोई अता पता नहीं है. विरासत ने बताया कि मैं उन दोनों को ढूंढता हुआ लोकनायक अस्पताल आया हूं. यहां अस्पताल के अंदर जहां एमर्जेंसी में मरीज भर्ती हैं वहां नहीं जाने दे रहे हैं. काफी देर से अस्पताल के गार्ड अंदर जाने से रोक रहे हैं वह बाहर भगा रहे हैं.
#WATCH दिल्ली | कल लाल किले के पास हुए विस्फोट में आठ लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों के परिजन लोक नायक जय प्रकाश नारायण (एलएनजेपी) शवगृह के बाहर मौजूद हैं। pic.twitter.com/M0pGTGtZED
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 11, 2025
अमरोहा से दिल्ली आए लोकेश को भी तलाशते रहे परिजन
यूपी के अमरोहा से दिल्ली आए लोकेश को भी तलाशते हुए रातभर लोकनायक अस्पताल में उनके परिजन भटकते रहे. लोकेश के समधी संदीप कुमार ने बताया कि वह अपनी एक रिश्तेदार को सर गंगाराम अस्पताल में देखने आए थे. उसके बाद वह चांदनी चौक में अपने गांव के रहने वाले अशोक से मिलने गए थे. लालकिले के पास अशोक ने लोकेश से मिलने के लिए बोला था कि मैं वहां आपको लेने आ जाऊंगा. छह बजे लोकेश से बात हुई थी उसके बाद यह घटना हो गई. तभी से उनका फोन बंद है. हमें किसी ने बताया कि उनका फोन लाल किला पुलिस चौकी में है. उसके बाद हम उन्हें तलाश करने लालकिला पहुंचे वहां पुलिस ने बताया कि उनका फोन हमारे पास है. आप उन्हें लोकनायक अस्पताल में तलाशें.
#WATCH | Delhi | Relative of a deceased in the blast near the Red Fort yesterday, says, " dinesh kumar mishra was my nephew and he used to work here...his body has been sent for post-mortem..." https://t.co/6HVzFhuBCk pic.twitter.com/5v4VZZwCt4
— ANI (@ANI) November 11, 2025
लोकेश के भतीजे श्रेष्ठ ने बताया कि मेरे ताऊजी गांव से यहां अपने एक रिश्तेदार को देखने आए थे. फिर वह चांदनी चौक गए थे. उनका कुछ पता नहीं चल रहा है. अभी तक उनके साथ वाले 34 वर्षीय अशोक की मौत हो चुकी है. लोकनायक अस्पताल के मृतकों की लिस्ट में उनका नाम भी है. लेकिन, हमें अभी लोकेश यानि कि मेरे ताऊजी के बारे में अभी तक कुछ नहीं बताया गया है. यहां अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है. लोकनायक अस्पताल से सभी को भगाया जा रहा है. यहां गार्ड और पुलिस वाले घायलों के पास तक नहीं जाने दे रहे हैं. ऐसे हम अपने मरीज की पहचान कर पाएं लेकिन, हमें यहां से वायस लौटाया जा रहा है. Body:वहीं, ब्लास्ट में मृतक अमन कटारिया के परिजन भी अस्पताल की इमरजेंसी में रोते बिलखते अन्दर जाने देने की गुहार लगा रहे थे. लेकिन, लोकनायक के सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों के द्वारा उनको लगातार भगाया जा रहा था.
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