ट्यूशन पढ़ाने वाली महिला निकली कुख्यात ड्रग तस्कर, हैदराबाद जेल भेजने की तैयारी
दिल्ली पुलिस ने कुख्यात महिला ड्रग तस्कर उजमा को गिरफ्तार लिया.

Published : June 25, 2026 at 5:20 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन कवच 14.0' के तहत कुख्यात महिला ड्रग तस्कर उजमा को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ PITNDPS (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) एक्ट के तहत निवारक निरुद्धीकरण की कार्रवाई की है. पुलिस का कहना है कि उजमा लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी में सक्रिय थी और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत छह मामले दर्ज हैं. पीआईटी-एनडीपीएस (PITNDPS) अधिनियम का प्राथमिक उद्देश्य आदतन नशा तस्करों को किसी भी नए अपराध को करने से पूर्व ही हिरासत में लेना है, ताकि संगठित ड्रग नेटवर्क को तोड़ा जा सके.
क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा के अनुसार उजमा की गिरफ्तारी दिल्ली में सक्रिय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है. उन्होंने बताया कि उजमा पत्नी भारत उर्फ मोगली, ओम विहार फेज-1, उत्तम नगर और रघुवीर नगर क्षेत्र की निवासी है. उसके खिलाफ नशा तस्करी में लगातार संलिप्तता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की WR-II यूनिट ने उसे PITNDPS एक्ट के तहत निरुद्ध करने का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग को भेजा था. प्रस्ताव की समीक्षा के बाद 26 फरवरी 2026 को सक्षम प्राधिकारी ने उसके खिलाफ निरुद्धीकरण आदेश जारी किया. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक 24 जून को हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार को उजमा की लोकेशन संबंधी गुप्त सूचना मिली थी.
🚨 WR-II, CRIME BRANCH, DELHI POLICE DEALS MAJOR BLOW TO DRUG TRAFFICKING NETWORKS 🚨
— Crime Branch Delhi Police (@CrimeBranchDP) June 25, 2026
In a significant crackdown on narcotics trafficking under Operation Kavach 14.0, the team successfully executed a preventive detention order under the PITNDPS Act against a habitual drug… pic.twitter.com/j1wKgz35KZ
ऐसे बनी ड्रग तस्कर, भेजा जा रहा चंचलगुडा सेंट्रल जेल, हैदराबाद
सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर सतीश मलिक के नेतृत्व में गठित टीम ने रघुवीर नगर इलाके में छापेमारी कर उसे दबोच लिया. सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे PITNDPS एक्ट के तहत निरुद्ध कर लिया गया. अब उसे तेलंगाना की चंचलगुडा सेंट्रल जेल, हैदराबाद भेजा जा रहा है, ताकि उसके जरिए संचालित नशा तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह बाधित किया जा सके. जांच में सामने आया कि उजमा ने दिल्ली के चांद नगर स्थित विद्यालय से 12वीं तक पढ़ाई की थी और बाद में अपने इलाके में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी. वर्ष 2016 में उसकी मुलाकात फेसबुक के माध्यम से भारत उर्फ मोगली से हुई. पुलिस के अनुसार, उसका पति पहले से ही उत्तम नगर क्षेत्र में अवैध गांजा बिक्री के कारोबार में शामिल था. बाद में उजमा भी इस धंधे से जुड़ गई और उत्तम नगर व बिंदापुर क्षेत्र में गांजा बेचने लगी.
क्राइम ब्रांच का कहना है कि वर्ष 2020 से अब तक उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत छह मामले दर्ज हो चुके हैं. कई बार गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई के बावजूद उसने नशा तस्करी का कारोबार नहीं छोड़ा. पुलिस के अनुसार, वह जमानत पर बाहर आने के बाद भी लगातार अवैध गतिविधियों में शामिल रही और PITNDPS की कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद फरार हो गई थी. अधिकारियों का कहना है कि सामान्य कानूनी कार्रवाई उसके अपराधों पर रोक लगाने में प्रभावी साबित नहीं हो रही थी. ऐसे में समाज, खासकर युवाओं को नशे के खतरे से बचाने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उसके खिलाफ निवारक निरुद्धीकरण की कार्रवाई आवश्यक हो गई.दिल्ली पुलिस ने कहा कि नशा तस्करों और संगठित अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा.
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