आतिशी की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर दिल्ली के मंत्रियों ने की स्पीकर से मुलाकात
नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा गुरुओं के अपमान के मामले में मंत्रियों ने स्पीकर को दी शिकायत.

Published : January 7, 2026 at 4:16 PM IST
|Updated : January 7, 2026 at 9:01 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र का तीसरा दिन भी हंगामेदार रहा. नेता विपक्ष आतिशी द्वारा मंगलवार को गुरु तेग बहादुर की याद में आयोजित शहीदी दिवस पर दिए गए वक्तव्य को लेकर भाजपा नेताओं का विरोध के चलते सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई. वहीं, उसके बाद दिल्ली सरकार के मंत्रियों ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता से मुलाकात कर आतिशी की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है. हालांकि, आज विधानसभा में आतिशी उपस्थित नहीं रहीं, क्योंकि वो गोवा चली गईं हैं.
दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा, मनजिंदर सिंह सिरसा, प्रवेश वर्मा, रविन्द्र इंद्राज, मुख्य सचेतक अभय वर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता से मुलाकात कर आतिशी की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग वाली पत्र सौंपा. उसके बाद मंत्री प्रवेश वर्मा ने मीडिया को बताया कि मंगलवार को श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहादत को लेकर चर्चा की जा रही थी. विपक्ष की नेता आतिशी ने इसमें भाग नहीं लिया और अपशब्द कहे, इसको लेकर सभी ने मामला उठाया. विधानसभा अध्यक्ष ने गंभीरता से मामला लिया है. अध्यक्ष को पत्र दिया है कि आतिशी की सदस्यता रद्द करनी चाहिए. इसको टाइम बाउंड करना चाहिए.
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि देश का हर नागरिक इस बात से आहत है. हमें चोट लगी है इस बात से. आप की नेता आतिशी ने इसका मजाक उड़ाया गया और अपशब्द कहे. प्रवेश वर्मा ने कहा; ''अध्यक्ष को लिखे पत्र में लिखा है कि कल जो आतिशी ने कहा उसकी कॉपी स्पीकर को दी है. विधानसभा के सदन के अंदर गुरु तेग बहादुर जी के महान शहादत के सम्मान के बारे में नियम 270 के अंतर्गत एक विशेष चर्चा चल रही थी. उसमें सत्ता पक्ष के सदस्य, मंत्री एवं मुख्यमंत्री भाग ले रही थीं, उस समय प्रतिपक्ष की नेता आतिशी ने अपनी सीट से खड़ी होकर गुरु तेग बहादुर जी के बारे में जो वक्तव्य दिया, वह इतना अभद्र, शर्मनाक, मर्यादाहीन भाषा था. इसे हम लिखकर नहीं दे सकते हैं.''
''देश की आजादी से लेकर आज तक किसी भी सदन में किसी भी माननीय सदस्य के द्वारा किसी भी गुरु के संबंध में इस तरह की अभद्र, शर्मनाक, मर्यादाहीन भाषा का उपयोग नहीं किया गया है. इस मामले में आतिशी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होनी चाहिए. इनकी दिल्ली विधानसभा से तुरंत प्रभाव से सदस्यता रद्द होनी चाहिए, अध्यक्ष को जो शक्तियां दी गयी हैं, उनका प्रयोग करते हुए आत्तिशी, नेता प्रतिपक्ष, दिल्ली विधानसभा को जेल की सजा दी जानी चाहिए, क्योंकि इस सदन के माध्यम से गुरू तेग बहादुर जी का अपमान करने वालों का स्थान यह सदन नहीं, बल्कि तिहाड़ जेल है. विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद मंत्रियों ने इस मामले में अविलम्ब निर्णय लेते हुए उचित कार्रवाई करने की गुजारिश की है.''- मनजिंदर सिंह सिरसा, मंत्री, दिल्ली सरकार
बता दें कि मंगलवार को विधानसभा में जब उपराज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू हुई तो नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने प्रदूषण पर चर्चा की मांग की. इस पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने उनको रोकते हुए कहा था कि प्रदूषण पर चर्चा के लिए बुधवार का दिन तय है. इसलिए अभी उपराज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होने दें. इस पर आतिशी ने कहा कि सुबह से कुत्तों की गिनती पर चर्चा करा रहे हैं. जबकि प्रदूषण बड़ा मुद्दा है.
बीजेपी सिख समाज और गुरुओं से नफ़रत करती है, और आज भी इन्होंने गुरुओं का अपमान करते हुए एक घिनौनी हरकत की है।
— Atishi (@AtishiAAP) January 7, 2026
बीजेपी ने गुरु तेग़ बहादुर जी के नाम को ग़लत तरीक़े से इस्तेमाल किया और गुरु साहब का अपमान किया। उन्होंने एक वीडियो ट्वीट किया जिसमे गुरु साहब के बारे में दो झूठ कहे है:… pic.twitter.com/uTCqOosomf
विधानसभा के रिकॉर्ड में दर्ज नेता विपक्ष आतिशी का वह वक्तव्य जिस पर मचा है हंगामा
"दिल्ली के लोग सांस नहीं ले पा रहे हैं अध्यक्ष महोदय, आप उसको चर्चा का मुद्दा बनाइए. पहले आप उस पर चर्चा करिए. आज यह दिल्ली के लोगों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है, दिल्ली के लोग साँस लेने के लिए मर रहे हैं. दिल्ली के लोग प्रदूषण से मर रहे हैं. आप दिल्ली के लोगों की आवाज को दबा नहीं सकते हैं अध्यक्ष महोदय. आप पहले इस पर चर्चा करवाईए, सबसे पहले प्रदूषण पर चर्चा करवाईए, मत बचाइए अपनी सरकार को, पहले इस पर चर्चा कराइए अध्यक्ष महोदय. आप चर्चा कराइए, भाग ले रहे हैं सब. कहते हैं कुत्तों का सम्मान करो, गुरु का सम्मान करो. अध्यक्ष महोदय आप चर्चा कराइए."
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