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रेबीज को दिल्ली सरकार ने घोषित किया नोटिफिएबल डिजीज, शुरुआती रिपोर्टिंग व समय पर इलाज को मिलेगी गति

दिल्ली सरकार के इस कदम का उदेश्य रेबीज के मामलों की ट्रैकिंग और इलाज को बेहतर बनाना है.

रेबीज को दिल्ली सरकार ने घोषित किया नोटिफिएबल डिजीज
रेबीज को दिल्ली सरकार ने घोषित किया नोटिफिएबल डिजीज (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : January 4, 2026 at 8:44 PM IST

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नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने एक महत्वपूर्ण पब्लिक हेल्थ इनिशिएटिव के तहत राजधानी में इंसानों में होने वाले रेबीज को महामारी रोग अधिनियम के तहत नोटिफिएबल डिजीज घोषित करने का ऐलान किया है. सरकार इसकी अधिसूचना जल्द ही जारी करने जा रही है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने सचिवालय में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार के इस नोटिफिकेशन का मकसद बीमारी की प्रभावी निगरानी को और मजबूत करना, रेबीज के मामलों की समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करना और रेबीज को फैलने से रोकने के लिए तेज गति से पब्लिक हेल्थ एक्शन को सक्षम बनाना है.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नोटिफिकेशन जारी होने पर सभी सरकारी और प्राइवेट हेल्थ केयर संस्थानों, जिनमें मेडिकल कॉलेज और व्यक्तिगत रूप से प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर भी शामिल हैं, उन्हें इंसानों में रेबीज के संदिग्ध के साथ ही संभावित और कन्फर्म मामलों की सूचना तुरंत संबंधित हेल्थ अथॉरिटीज को देनी जरूरी होगी. स्वास्थ्य मंत्री ने ये भी कहा कि रेबीज के एक बार लक्षण दिखने के बाद यह लगभग जानलेवा साबित होता है, लेकिन समय रहते सही इलाज से इसे पूरी तरह से रोका जा सकता है. रेबीज से जान बचाने और बीमारी को आगे फैलने से रोकने में शुरुआती रिपोर्टिंग सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

59 स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध है एंटी रेबीज वैक्सीन

पूरी दिल्ली में आसानी से लोगों को इलाज मिल सके, इसके लिए फिलहाल दिल्ली के 11 जिलों में स्थित 59 स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) उपलब्ध कराई जा रही है. जबकि, एंटी-रेबीज सीरम/रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (आआईजी) राजधानी दिल्ली के 33 चिह्नित हेल्थ फैसिलिटी एवं अस्पतालों में भी उपलब्ध है. दिल्ली सरकार से मिलने वाली ये सुविधाएं रेबीज की रोकथाम और हेल्थ सिस्टम के इंफ्रास्ट्रक्चर की सबसे मजबूत कड़ी है.

दिल्ली सरकार स्थानीय निकायों, पशुपालन विभाग और अन्य संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर रेबीज खत्म करने के लिए स्टेट एक्शन प्लान (स्टेट एक्शन प्लान फॉर रेबीज एलिमिनेशन) को भी तैयार करने की अंतिम प्रक्रिया में है, जो रेबीज को नोटिफ़ाएबल बीमारी घोषित करना, कुत्तों से फैलने वाले रेबीज से इंसानों की मौत के आंकड़े को शून्य करने के लक्ष्य को पाने की दिशा में एक अहम कदम है. दिल्ली सरकार इंसानों के साथ-साथ कुत्तों और दूसरे जानवरों के लिए भी रेबीज वैक्सीनेशन की सुविधाओं को और ज्यादा मजबूत कर रही है. इस अनिवार्य नोटिफिकेशन से अधिकारियों को रेबीज की बीमारी के ट्रेंड्स को ट्रैक करने, इंसानों और जानवरों के हेल्थ सिस्टम के बीच कोऑर्डिनेशन बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.

रेबीज से होने वाली कोई भी मौत स्वीकार्य नहीं: स्वास्थ्य मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा, ''रेबीज एक रोकी जा सकने वाली बीमारी है. हमें रेबीज से होने वाली कोई भी मौत स्वीकार्य नहीं है. इंसानों में रेबीज को नोटिफिएबल बीमारी घोषित करने से सर्विलांस और ज्यादा मजबूत होगा, बीमारी के जल्दी से पता लगाने में सुधार के साथ समय पर इलाज सुनिश्चित होगा. यह राजधानी दिल्ली में रेबीज से इंसानों की मौत को शून्य करने के हमारी सरकार के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नोटिफिकेशन जारी होने के तुरंत बाद प्रभावी हो जाएगा और अगले आदेश तक लागू रहेगा.

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