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दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने अरविंद केजरीवाल को बताया जनता का गुनहगार, कहा- घड़ियाली आंसू बहाना बंद करें

उन्होंने कहा कि शराब नीति इतनी ही शानदार थी, तो जांच शुरू होते ही उसे वापस क्यों लिया गया. जनता ने फैसला सुना दिया है.

दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : February 27, 2026 at 10:53 PM IST

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नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर शुक्रवार को जमकर हमला बोलते हुए दिल्ली की जनता का 'गुनहगार' करार दिया. शराब घोटाले मामले में निचली अदालत के हालिया फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे 'अंतिम सत्य' मान लेना जल्दबाजी होगी. उन्होंने कहा कि यह केवल कानूनी प्रक्रिया का एक हिस्सा है, इसलिए केजरीवाल 'घड़ियाली आंसू' बहाना बंद करें.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि अदालत द्वारा 'साक्ष्य के अभाव' की बात करना और पूरी तरह बेगुनाह होना, दो अलग-अलग बातें हैं. उन्होंने कहा, "हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन इस फैसले को क्लीन चिट बताकर जनता को गुमराह किया जा रहा है. मामला अभी उच्च न्यायालय जा सकता है, कानून की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है."

सीएम ने पूछे पांच तीखे सवाल: मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल से जवाब मांगा. अगर शराब नीति इतनी ही शानदार थी, तो जांच शुरू होते ही उसे वापस क्यों लिया गया? थोक मुनाफा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत क्यों किया गया? इसका वास्तविक लाभार्थी कौन था? जांच के दौरान 200 दिनों में 170 मोबाइल फोन बदलने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या छिपाने की कोशिश थी? कैग की रिपोर्ट में हजारों करोड़ के राजस्व नुकसान की बात सामने आई है, वह पैसा किसका था? खुद को 'कट्टर ईमानदार' कहने वाले नेता ने बार-बार समन को नजरअंदाज क्यों किया?

जनता ने दिया राजनीतिक फैसला: उन्होंने आगे कहा, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय ने पहले ही इस मामले में बड़े पैमाने पर धन के लेन-देन के प्रथम दृष्टया संकेतों को गंभीर माना था. सत्य सामने आकर रहेगा. दिल्ली की जनता ने अपना राजनीतिक फैसला पहले ही दे दिया है. अब उच्च अदालतें साक्ष्यों की फिर से जांच करेंगी. उन्होंने दो टूक कहा कि जनता का भरोसा किसी भी सरकार की सबसे बड़ी पूंजी होती है और अगर उस भरोसे को ठेस पहुंची है, तो जवाबदेही तय होना आवश्यक है. उन्होंने विश्वास जताया कि न्यायिक व्यवस्था में अंतिम फैसला न्यायसंगत होगा.

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