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कामकाज से ज्यादा हंगामे के कारण चर्चा में रहा दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र, पांच में से तीन दिन हुए खराब

चार दिवसीय सत्र के तीन दिन खराब होने के चलते एक दिन बढ़ाना पड़ा सत्र का समय

दिल्ली विधानसभा में हंगामा
दिल्ली विधानसभा में हंगामा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : January 10, 2026 at 10:20 PM IST

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नई दिल्ली: दिल्ली की आठवीं विधानसभा का पहला शीतकालीन सत्र कामकाज से ज्यादा हंगामा के लिए चर्चा में रहा. करीब 3 दिन तक हंगामे के चलते चार दिवसीय शीतकालीन सत्र को एक दिन और बढ़ाना पड़ा. पहले सदन को 5 से आठ जनवरी तक चलाया जाना था जो नौ जनवरी तक चलाना पड़ा. इस दौरान विपक्ष के कई सदस्यों को दो-दो बार मार्शल आउट भी करना पड़ा. इस बार विपक्ष से ज्यादा सत्ता पक्ष के द्वारा सदन की कार्यवाही प्रभावित की गई. सदन के अंदर और बाहर पक्ष और विपक्ष के द्वारा प्रदर्शन किया गया. इसका कारण नेता प्रतिपक्ष आतिशी के ऊपर गुरुओं का अपमान करने का कथित आरोप रहा.

शीतकालीन सत्र के पहले दिन 5 जनवरी को उपराज्यपाल के अभिभाषण और पिछले व इस सत्र के बीच की अवधि में दिवंगत पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि देने के साथ ही पहले दिन की कार्यवाही स्थगित की गई. दूसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो सरकार की ओर से गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के ऊपर चर्चा शुरू कराई तो चर्चा में मंत्रियों एवं सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने भाग लिया. चर्चा खत्म होने के दौरान नेता प्रतिपक्ष आतिशी की शहीदी दिवस की चर्चा पर की गई टिप्पणी के बाद भाजपा विधायकों ने आतिशी पर गुरुओं के अपमान का कथित आरोप लगाया. उसके बाद से सदन की कार्यवाही बाधित होने का सिलसिला शुरू हो गया. इसके बाद भाजपा ने इसे गुरुओं का अपमान बताते हुए लगातार तीसरे और चौथे दिन सदन की कार्रवाई नहीं चलने दी. अंततः वीडियो पर संज्ञान लेते हुए उसे स्पीकर ने जांच के लिए फॉरेंसिक लैब और मामले की जांच के लिए विशेषाधिकार समिति को भेजा गया. इसके साथ ही सदन का समय एक दिन और बढ़ाया गया.

विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता
विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता (ETV Bharat)

आठ कैग रिपोर्ट पेश नहीं हो सकी

लगभग तीन दिन तक सदन के बाधित होने के चलते दिल्ली सरकार द्वारा विधानसभा के पटल पर रखी जाने वाली आठ कैग रिपोर्ट पेश नहीं हो सकी. इसलिए सरकार को उन रिपोर्ट को आगामी बजट सत्र के लिए छोड़ना पड़ा. इसके अलावा सदन में पेश किए गए चार बिल में से दो ही बिल पास हुए. शीतकालीन सत्र का अधिकांश समय खराब होने के चलते पेश किए गए अन्य दो बिलों को सदन के पटल पर रखने के बाद उन पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी और ना ही उन्हें पारित किया जा सका. पारित होने वाले विधेयकों में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगों से संबंधित दिल्ली विनियोजन (संख्या एक) विधेयक 2026 और दिल्ली कोर्ट फीस संशोधन विधेयक 2026 को ही पारित किया जा सका.

दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र
दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र (ETV Bharat)

दिल्ली विनियोजन विधेयक 2026

विनियोजन विधेयक के पास होने से जहां अनुपूरक अनुदान मांगों से संबंधित बजट को स्वीकृति मिली तो वहीं दिल्ली कोर्ट फीस संशोधन विधेयक पास होने से अब दिल्ली की अदालतों में कोर्ट के बाहर समझौता होने पर भी पूरी कोर्ट फीस वापस करने का रास्ता साफ हो गया है. अभी तक कोर्ट के बाहर समझौता करने पर कोर्ट फीस का 50% पैसा ही मुकदमा करने वाले व्यक्ति को वापस मिलता था. इस तरह विनियोजन विधेयक और दिल्ली कोर्ट फीस संशोधन विधेयक ही सदन से पास हो सके, जबकि दिल्ली जन विश्वास विधेयक 2026 और दिल्ली दुकान और प्रतिष्ठान संशोधन विधेयक 2026 को सदन के पटल पर तो रखा गया, लेकिन समय के अभाव के चलते चर्चा न होने से इन बिलों को पारित नहीं किया जा सका.

विधानसभा का शीतकालीन सत्र
विधानसभा का शीतकालीन सत्र (ETV Bharat)

फांसी घर से संबंधित विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट सदन में हुई पेश

विधानसभा की विशेषाधिकार समिति की ओर से फांसी घर की जांच मामले से संबंधित रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी गई. साथ ही सदन द्वारा रिपोर्ट को स्वीकार करने के बाद आरोपितों पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिड़लान के समिति के सामने उपस्थित न होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से सिफारिश की गई.

दिल्ली विधानसभा में चर्चा
दिल्ली विधानसभा में चर्चा (ETV Bharat)

विधायकों को मिला क्षेत्र की समस्या उठाने का मौका

शीतकालीन सत्र के दौरान हंगामा के चलते विधायकों को भी अपने क्षेत्र की समस्याओं को नियम 280 के अंतर्गत उठाने का एक ही दिन समय मिला. इस दौरान सत्ता पक्ष के ही 10 विधायकों ने अपने अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाया. वहीं, शीतकालीन सत्र के पांचवें और अंतिम दिन 280 के अलावा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वंदे मातरम और दिल्ली के वायु प्रदूषण पर हुई चर्चा में भाग लिया. अंतिम दिन लंबित कामकाज को इस तरह निपटाया गया कि विधानसभा की कार्रवाई रात के सवा नौ बजे तक चलानी पड़ी. अंत में दिल्ली के प्रदूषण पर चर्चा के बाद विधानसभा का शीतकालीन सत्र समाप्त हुआ.

मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा (ETV Bharat)

इस सत्र में पेश नहीं हो सकीं ये आठ कैग रिपोर्ट

सरकार की ओर से अब इस सत्र में पेश होने वाली आठ कैग रिपोर्ट पेश नहीं हो सकी. ऐसा सदन के तीन दिन का समय खराब होने के चलते उठाया गया है. अब एक दिन के लिए सत्र बढ़ाने के चलते सरकार सिर्फ महत्वपूर्ण बिल और प्रस्तावों को पास कराना चाहती है. वैसे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा 31 मार्च 2021 को समाप्त हुए वर्ष के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार से संबंधित कैग रिपोर्ट पेश की जानी थी. साथ ही 31 मार्च 2020-2021 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए दिल्ली सरकारी संबंधी राजस्व, आर्थिक सामाजिक और सामान्य क्षेत्र उपकरणों पर कैग रिपोर्ट पेश होनी थी. दिल्ली सरकार से संबंधित विशेष देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता वाले बच्चों के निष्पादन से संबंधित वर्ष 2023 की कैग रिपोर्ट, 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वर्ष के लिए भी दिल्ली सरकार से सम्बंधित राज्य वित्त लेखा परीक्षा की कैग रिपोर्ट, 31 मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्त वर्ष से संबंधित और 2024 की कैग रिपोर्ट, 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वर्ष के लिए दिल्ली सरकार से संबंधित 2024 की कैग रिपोर्ट संख्या 5, 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वर्ष के लिए जल बोर्ड से संबंधित कैग रिपोर्ट भी पेश करने की तैयारी थी. शिक्षा मंत्री आशीष सूद इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी दिल्ली (आईआईआईटीडी) वित्त वर्ष 2021-22 और 2022- 23 की कैग रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले थे.

विधानसभा के बाहर प्रदर्शन
विधानसभा के बाहर प्रदर्शन (ETV Bharat)

शीतकालीन सत्र पर विधानसभा अध्यक्ष

विपक्षी विधायकों के द्वारा बेवजह प्रदूषण पर चर्चा को लेकर और नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा सदन में टिप्पणी करके किए गए गुरुओं के अपमान के चलते शीतकालीन सत्र का अधिक समय खराब हुआ. इसके बावजूद हमने अंतिम दिन सदन को सुचारू रूप से चलाकर अधिकांश एजेंडे को पूरा किया. सत्ता पक्ष के विधायक प्रदूषण पर चर्चा के बीच से ही भागते हुए सब ने देखे. कैग रिपोर्ट और जो विधेयक पास होने से इस सत्र में रह गए उन्हें बजट सत्र में पास किया जाएगा. विजेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष दिल्ली विधानसभा

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