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दिल्ली विधानसभा शीतकालीन सत्र के पांचवें दिन विधायक उठाएंगे क्षेत्र की समस्या, तीन बिल होंगे पेश

शीतकालीन सत्र का तीन दिन का समय हंगामे से खराब होने के चलते सरकार अब इस सत्र में पेश नहीं करेगी आठ कैग रिपोर्ट.

दिल्ली विधानसभा शीतकालीन सत्र
दिल्ली विधानसभा शीतकालीन सत्र (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : January 9, 2026 at 10:25 AM IST

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नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पहले दिन उपराज्यपाल अभिभाषण के बाद तीन दिन का समय हंगामे के चलते खराब हो गया. भाजपा विधायकों द्वारा नेता प्रतिपक्ष आतिशी पर गुरुओं को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में माफी की मांग को लेकर सदन नहीं चलने दिया गया. इस वजह से सरकार को सत्र एक दिन के लिए बढ़ाना पड़ा है. इसके चलते अब सरकार ने आज पांचवें दिन की कार्यसूची से आठ कैग रिपोर्ट को हटा दिया है. सरकार अब एक दिन में सिर्फ अति महत्वपूर्ण विषयों को ही विधानसभा में लाकर कार्यवाही को पूर्ण करना चाहती है.

शुक्रवार को सदन कार्यवाही में सबसे पहले विधायक विशेष उल्लेख 280 के तहत अपने विधानसभा क्षेत्र से संबंधित समस्याएं उठाएंगे. इसमें आम आदमी पार्टी की ओर से हाल ही में घटित तुर्कमान गेट का मुद्दा भी उठाया जा सकता है. इसके बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता वित्त मंत्री के रूप में वर्ष 2025-26 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगों (रिवाइज बजट एस्टीमेट) का पहला भाग प्रस्तुत करेंगी. कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी. इसके साथ ही सदन में तीन महत्वपूर्ण बिल भी पेश किए जाएंगे. विधानसभा सचिव रंजीत सिंह द्वारा जारी कार्य सूची के अनुसार पांचवें दिन की कार्यवाही भी सुबह 11 बजे से शुरू होगी, जिसमें विधेयक प्रस्तुति से लेकर वायु प्रदूषण पर चर्चा सहित कई अहम विषय शामिल हैं. इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा दिल्ली विनियोजन (संख्या-1) विधेयक, 2026 (2026 का विधेयक संख्या 04) पेश करेंगी. साथ ही यह भी प्रस्ताव करेंगी कि विधेयक (बिल) पर विचार किया जाए और इसे पारित किया जाए.

शीतकालीन सत्र के पांचवें दिन तीन बिल होंगे पेश
शीतकालीन सत्र के पांचवें दिन तीन बिल होंगे पेश (ETV Bharat)

प्रवेश वर्मा और कपिल मिश्रा द्वारा पेश किए जाएंगे ये दो बिल

दिल्ली जनविश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक 2026 को सदन के पटल पर रखेंगे. इसके साथ ही श्रम मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा दिल्ली दुकान और प्रतिष्ठा संशोधन विधेयक 2026 को भी सदन के पटल पर रखा जाएगा. इसके अलावा मंगलवार को सदन में पेश की गई कार्य मंत्रणा समिति और विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट से विधायक अभय वर्मा और प्रद्युम्न सिंह राजपूत द्वारा सदन को अवगत कराया जाएगा. इसके बाद मंत्री प्रवेश वर्मा छह जनवरी को विधानसभा में पेश किए गए दिल्ली कोर्ट फीस संशोधन विधेयक पर विचार करने और इसे पारित करने का प्रस्ताव रखेंगे. जबकि पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा द्वारा पर्यावरण की वर्तमान स्थिति तथा प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे प्रमुख कदमों के संबंध में अपना वक्तव्य भी देंगे. वहीं, शिक्षा मंत्री आशीष सूद राष्ट्रगीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के संबंध में वक्तव्य देंगे. अंत में उपराज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर मंत्री रविंद्र सिंह इन्द्राज द्वारा चर्चा जारी रहेगी. कुल मिलाकर शुक्रवार को होने वाला विधानसभा सत्र नीतिगत फैसलों और जनहित के मुद्दों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

अब इस सत्र में पेश नहीं होंगी ये कैग रिपोर्ट, कार्यसूची से हटाया

सरकार की ओर से अब इस सत्र में पेश होने वाली आठ कैग रिपोर्ट पेश नहीं होंगी. ऐसा सदन के तीन दिन का समय खराब होने के चलते उठाया गया है. अब एक दिन के लिए सत्र बढ़ाने के चलते सरकार सिर्फ महत्वपूर्ण बिल और प्रस्तावों को पास कराना चाहती है. वैसे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा 31 मार्च 2021 को समाप्त हुए वर्ष के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार से संबंधित कैग रिपोर्ट पेश की जानी थी. साथ ही 31 मार्च 2020-2021 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए दिल्ली सरकारी संबंधी राजस्व, आर्थिक सामाजिक और सामान्य क्षेत्र उपकरणों पर कैग रिपोर्ट पेश होनी थी.

इसके साथ ही दिल्ली सरकार से संबंधित विशेष देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता वाले बच्चों के निष्पादन से संबंधित वर्ष 2023 की कैग रिपोर्ट, 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वर्ष के लिए भी दिल्ली सरकार से सम्बंधित राज्य वित्त लेखा परीक्षा की कैग रिपोर्ट, 31 मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्त वर्ष से संबंधित और 2024 की कैग रिपोर्ट, 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वर्ष के लिए दिल्ली सरकार से संबंधित 2024 की कैग रिपोर्ट संख्या 5, 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वर्ष के लिए जल बोर्ड से संबंधित कैग रिपोर्ट भी पेश करने की तैयारी थी. वहीं, शिक्षा मंत्री आशीष सूद इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी दिल्ली (आईआईआईटीडी) वित्त वर्ष 2021-22 और 2022- 23 की कैग रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले थे.

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